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Farrukhabad News: मछलियों को दाना खिलाते पैर फिसलने से मासूम गंगा में डूबा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फर्रुखाबाद। बाढ़ के पानी से उफन रही गंगा में मछलियों को दाना खिलाते वक्त मासूम का पैर फिसल गया। कुछ पल में ही मासूम आंखों से ओझल हो गया। परिजन चीख-पुकार मचाते रहे। आसपास के गोताखोरों ने छलांग लगाई, मगर 24 घंटे बाद भी मशक्कत बेकार साबित हुई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कादरीगेट थाने के अमेठी कोहना मौनी आश्रम के पास निवासी गोविंद अपने चार साल के पुत्र चंदन के साथ मंगलवार शाम साढ़े चार बजे पांचाल घाट पर गए थे। वह मछलियों को दाना खिला रहे थे। उसी समय चंदन ने भी मछलियों को दाना फेंकने लगा। मछलियों को उछलकर खाने से मस्त होकर अचानक उसका पैर फिसला गया।
कुछ ही पल में गंगा की तेज धार में लापता हो गया। गोविंद की चीख-पुकार पर कुछ दूर स्थित गोताखोरों ने गंगा में छलांग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस की अगुवाई में देर रात के बाद बुधवार सुबह से ही मासूम की खोजबीन होती रही, मगर 24 घंटे बाद भी उसका कुछ पता नहीं लगा। इससे परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी है। क्षेत्रीय पुलिस का कहना है कि मासूम को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं।
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फर्रुखाबाद। बाढ़ के पानी से उफन रही गंगा में मछलियों को दाना खिलाते वक्त मासूम का पैर फिसल गया। कुछ पल में ही मासूम आंखों से ओझल हो गया। परिजन चीख-पुकार मचाते रहे। आसपास के गोताखोरों ने छलांग लगाई, मगर 24 घंटे बाद भी मशक्कत बेकार साबित हुई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
कादरीगेट थाने के अमेठी कोहना मौनी आश्रम के पास निवासी गोविंद अपने चार साल के पुत्र चंदन के साथ मंगलवार शाम साढ़े चार बजे पांचाल घाट पर गए थे। वह मछलियों को दाना खिला रहे थे। उसी समय चंदन ने भी मछलियों को दाना फेंकने लगा। मछलियों को उछलकर खाने से मस्त होकर अचानक उसका पैर फिसला गया।
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कुछ ही पल में गंगा की तेज धार में लापता हो गया। गोविंद की चीख-पुकार पर कुछ दूर स्थित गोताखोरों ने गंगा में छलांग लगा दी। सूचना पर पहुंची पुलिस की अगुवाई में देर रात के बाद बुधवार सुबह से ही मासूम की खोजबीन होती रही, मगर 24 घंटे बाद भी उसका कुछ पता नहीं लगा। इससे परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों को अनहोनी की आशंका सताने लगी है। क्षेत्रीय पुलिस का कहना है कि मासूम को ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं।
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