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Farrukhabad News: डॉक्टर के बारे में पूछने पर मरीज के पिता से अभद्रता
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फर्रुखाबाद। गंभीर बीमारी से पीड़ित एक मासूम को देखने के लिए डॉक्टर का समय पूछने गए शिक्षक पिता से महिला कर्मचारी ने अभद्रता कर दी। इमरजेंसी में काफी देर तक महिला कर्मचारी चीखती रही। हालांकि कुछ लोगों के कहने पर शिक्षक और उनकी पत्नी चुपचाप बच्ची के पास बैठकर डॉक्टर का इंतजार करते रहे।
मोहम्मदाबाद थाने के गांव अलीदादपुर निवासी शिक्षक दिनेश कुमार की साढ़े तीन साल की बेटी अफीन्या गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उसका खून बनना बंद हो गया है। लिहाजा उसे हर माह खून चढ़वाना होता है। दिनेश प्राइमरी स्कूल में तैनात शिक्षक पत्नी के साथ बेटी को लेकर शनिवार को इमरजेंसी पहुंचे।
भर्ती करने के बाद डॉ. विवेक सक्सेना ने उसे कुछ देर खून चढ़ाया। रिएक्शन होने पर भर्ती करके रविवार सुबह करीब 10 बजे चढ़ाने की बात कही। रविवार होने की वजह से 11 बजे तक कोई डॉक्टर न पहुंचा, तो दिनेश ने पहले इमरजेंसी में बात की, फिर वह वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स से पूछने चले गए।
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स्टाफ नर्स से बात कर ही रहे थे कि पास में बैठी सहयोगी कर्मी अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगीं। दिनेश ने गलत भाषा शैली का विरोध किया, तो महिला कर्मी और उग्र हो गई। शोरगुल सुनकर अन्य तीमारदारों के पहुंचने पर महिला कर्मचारी पीडियाट्रिक वार्ड तक आ गई।
हालांकि दिनेश को उनकी शिक्षिका पत्नी वार्ड में ले गईं। बेटी के असाध्य रोग से परेशान दिनेश की पत्नी काफी देर तक रोती रहीं। हालांकि दोपहर बाद डॉक्टर के आने पर उसे ब्लड चढ़ाया जा सका। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि विवाद होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं हुई है। यदि कोई शिकायत आती है, तो वह जांच कराएंगे।
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मोहम्मदाबाद थाने के गांव अलीदादपुर निवासी शिक्षक दिनेश कुमार की साढ़े तीन साल की बेटी अफीन्या गंभीर बीमारी से पीड़ित है। उसका खून बनना बंद हो गया है। लिहाजा उसे हर माह खून चढ़वाना होता है। दिनेश प्राइमरी स्कूल में तैनात शिक्षक पत्नी के साथ बेटी को लेकर शनिवार को इमरजेंसी पहुंचे।
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भर्ती करने के बाद डॉ. विवेक सक्सेना ने उसे कुछ देर खून चढ़ाया। रिएक्शन होने पर भर्ती करके रविवार सुबह करीब 10 बजे चढ़ाने की बात कही। रविवार होने की वजह से 11 बजे तक कोई डॉक्टर न पहुंचा, तो दिनेश ने पहले इमरजेंसी में बात की, फिर वह वार्ड में तैनात स्टाफ नर्स से पूछने चले गए।
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स्टाफ नर्स से बात कर ही रहे थे कि पास में बैठी सहयोगी कर्मी अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगीं। दिनेश ने गलत भाषा शैली का विरोध किया, तो महिला कर्मी और उग्र हो गई। शोरगुल सुनकर अन्य तीमारदारों के पहुंचने पर महिला कर्मचारी पीडियाट्रिक वार्ड तक आ गई।
हालांकि दिनेश को उनकी शिक्षिका पत्नी वार्ड में ले गईं। बेटी के असाध्य रोग से परेशान दिनेश की पत्नी काफी देर तक रोती रहीं। हालांकि दोपहर बाद डॉक्टर के आने पर उसे ब्लड चढ़ाया जा सका। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि विवाद होने की उन्हें कोई जानकारी नहीं हुई है। यदि कोई शिकायत आती है, तो वह जांच कराएंगे।