{"_id":"149a1a374624619c49a4cee8eebb322f","slug":"immersed-in-the-ganges-teens-clue-second-day-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा में डूबा किशोर, दूसरे दिन भी सुराग नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा में डूबा किशोर, दूसरे दिन भी सुराग नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 22 Apr 2015 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कायमगंज क्षेत्र में भैंस की पूंछ पकड़कर गंगा पार करने के प्रयास में एक
विज्ञापन
किशोर डूब गया। तमाम खोजबीन के बाद उसका दूसरे दिन भी पता नहीं लग सका
है।गांव के लोग शमसाबाद ढाईघाट तक छात्र की तलाश में जुटे हैं। उधर,
प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किया गया।
गांव चौखडिया निवासी स्व. रामरक्षपाल यादव का 15 वर्षीय पुत्र अनूप मंगलवार को भैंस चराने गया था। उसके साथ गांव का ही रिश्ते का चाचा शिशुपाल भी गया था। गांव से कुछ दूर गंगा को पार करने के लिए दोनों ने एक-एक भैंस की पूंछ पकड़ ली। शिशुपाल तो गंगा पार कर गया लेकिन पीछे आ रहे अनूप के हाथ से पूंछ छूट गई। इससे वह पानी में बह गया। पार होने के बाद शिशुपाल ने देखा तो अनूप उसे नजर नहीं आया। उसके जानकारी देने पर गांव के लोग गंगा किनारे पहुंचे और अनूप
की खोज में लग गए। देर रात तक अनूप का पता नहीं चला। बुधवार की सुबह भी खोज जारी रही लेकिन वह नहीं मिला। अनूप के घर में मां कांता देवी, दादी रामलली और सबसे छोटी बहन रिंकी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि
अनूप के डूबने की सूचना कल ही लेखपाल को दी थी। प्रशासन की ओर से कोई हाल पूछने तक नहीं आया। एसएसआई मेघनाथ सिंह ने बताया कि मामला कंपिल थाने का है। एसडीएम बीडी वर्मा ने बताया कि छात्र लापरवाही से लापता हुआ है। इस कारण परिवार को कोई सहायता नहीं दी जा सकती।
गांव चौखडिया निवासी स्व. रामरक्षपाल यादव का 15 वर्षीय पुत्र अनूप मंगलवार को भैंस चराने गया था। उसके साथ गांव का ही रिश्ते का चाचा शिशुपाल भी गया था। गांव से कुछ दूर गंगा को पार करने के लिए दोनों ने एक-एक भैंस की पूंछ पकड़ ली। शिशुपाल तो गंगा पार कर गया लेकिन पीछे आ रहे अनूप के हाथ से पूंछ छूट गई। इससे वह पानी में बह गया। पार होने के बाद शिशुपाल ने देखा तो अनूप उसे नजर नहीं आया। उसके जानकारी देने पर गांव के लोग गंगा किनारे पहुंचे और अनूप
की खोज में लग गए। देर रात तक अनूप का पता नहीं चला। बुधवार की सुबह भी खोज जारी रही लेकिन वह नहीं मिला। अनूप के घर में मां कांता देवी, दादी रामलली और सबसे छोटी बहन रिंकी का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि
अनूप के डूबने की सूचना कल ही लेखपाल को दी थी। प्रशासन की ओर से कोई हाल पूछने तक नहीं आया। एसएसआई मेघनाथ सिंह ने बताया कि मामला कंपिल थाने का है। एसडीएम बीडी वर्मा ने बताया कि छात्र लापरवाही से लापता हुआ है। इस कारण परिवार को कोई सहायता नहीं दी जा सकती।