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Farrukhabad News: नियमों की अनदेखी पड़ रही भारी, हाईवे पर 300 प्रतिशत बढ़ीं दुर्घटनाएं
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फर्रुखाबाद। यातायात नियमों की अनदेखी वाहन सवारों पर भारी पड़ रही है। हाईवे के चौड़ीकरण के बाद से दुघर्टनाओं और मृतकों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है। विगत वर्ष के मुकाबले अब तक दुर्घटनाओं की संख्या में 300 प्रतिशत तो वहीं मृतकों की संख्या में 115 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। जिम्मेदार इसके पीछे अनदेखी और चौड़े सपाट मार्ग पर ओवर स्पीड को कारण मान रहे हैं। वहीं ब्लैक स्पॉट पर जून माह में एक दुर्घटना हुई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और दो घायल हुए।
वर्ष भर चलने वाले यातायात जागरूकता संबंधी कार्यक्रमों को लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार की दुर्घटनाओं को कम करने की कवायद भी कामयाब होते नहीं दिख रही है। पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। विगत दो वर्षों से इटावा-बरेली हाईवे को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसको एनएच730-सी नाम दिया गया। सड़क चौड़ीकरण का कार्य लगभग पूरा होने को है।
सड़क चौड़ी होने के बाद यहां से गुजरने वाले वाहन फर्राटा भरते हुए निकल रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं में वृद्धि होने लगी है। विगत वर्ष जून माह में दुर्घटनाओं को देखें तो वर्ष 2024 में इनकी संख्या पांच थी, जोकि 2025 में बढ़कर 12 हो गई। अप्रैल से जून माह का आंकलन करें तो इनकी संख्या 19 से बढ़कर 76 हो गई। स्टेट हाईवे पर भी जून माह के आंकड़े यह दर्शा रहे हैं कि रफ्तार जान की दुश्मन बन रही है। इस सड़कों पर भी जून माह में आठ दुर्घटनाओं के सापेक्ष 25 और जनवरी से अब तक 61 के सापेक्ष 71 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। अन्य मार्गों पर वर्ष 2024 में जनवरी से जून माह के बीच 69 दुर्घटनाओं के सापेक्ष 2025 में 46 एक्सीडेंट हुए हैं। रफ्तार के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या भी दोगुनी से ज्यादा बढ़ गई।
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वर्ष 2024 में जनवरी से अब तक 13 मौतें हुई थी। इस वर्ष इनकी संख्या 28 हो गई है। यही हाल स्टेट हाईवे का भी है। विगत वर्ष हुई 36 मौतों के सापेक्ष इस वर्ष 60 लोगों की जान गई है। अन्य सड़कों पर विगत वर्ष के सापेक्ष मृतकों की संख्या बढ़ी है। विगत वर्ष इन सड़काें पर 25 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस वर्ष जून माह तक 29 लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
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हेलमेट न लगाने से दो पहिया सवारों की हुई मौत
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में जून 2025 में जनपद में 53 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 23 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 60 व्यक्ति घायल हो गए। इनमें से 36 सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम एक दो पहिया वाहन शामिल थे। इन दुर्घटनाओं में दो पहिया सवार 13 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 40 व्यक्ति घायल हो गए। नौ सड़क दुर्घटनाओं में शामिल दोनों वाहन दो पहिया थे, जिनमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई व आठ व्यक्ति घायल हुए। पुलिस विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दुर्घटना में शामिल दो पहिया वाहन चालक हेल्मेट नहीं लगाए थे।
ब्लैक स्पॉट पर जून तक हुई 17 दुर्घटनाएं
पुलिस विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार माह जून 2025 में ब्लैक स्पॉट पर एक सड़क दुर्घटना मोहम्मदाबाद के गांव सकवाई में हुई।जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और दो घायल हो गए। ये ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। यातायात कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार इस वर्ष अभी तक 17 सड़क दुर्घटनाएं ब्लैक स्पॉट पर हुई हैं।
एसपी ने पीडब्ल्यूडी को लिखा पत्र
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा। इसमें नेशनल हाईवे 730सी व जसमई तिराहे से शमसाबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं होने की बात कही गई। इन सड़काें पर तीव्र मोड़ संकेतक, ब्रेकर, ब्लिंकर, सफेद पट्टी तथा रंबल स्ट्रिप लगवाने के निर्देश दिए गए। इससे मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाकर मृतकों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी लाई जा सके।
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कोट::
नियमों की अनदेखी और रफ्तार पर नियंत्रण न होने से दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। इनको रोकने के लिए समय-समय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है। ओवर स्पीड में चालान आदि कर दंडात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।
- सुभाष राजपूत, एआरटीओ प्रवर्तन
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वर्ष भर चलने वाले यातायात जागरूकता संबंधी कार्यक्रमों को लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। इसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार की दुर्घटनाओं को कम करने की कवायद भी कामयाब होते नहीं दिख रही है। पुलिस और परिवहन विभाग की ओर से जारी किए गए आंकड़े चौंकाने वाले हैं। विगत दो वर्षों से इटावा-बरेली हाईवे को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित कर चौड़ीकरण का कार्य कराया जा रहा है। इसको एनएच730-सी नाम दिया गया। सड़क चौड़ीकरण का कार्य लगभग पूरा होने को है।
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सड़क चौड़ी होने के बाद यहां से गुजरने वाले वाहन फर्राटा भरते हुए निकल रहे हैं। इससे दुर्घटनाओं में वृद्धि होने लगी है। विगत वर्ष जून माह में दुर्घटनाओं को देखें तो वर्ष 2024 में इनकी संख्या पांच थी, जोकि 2025 में बढ़कर 12 हो गई। अप्रैल से जून माह का आंकलन करें तो इनकी संख्या 19 से बढ़कर 76 हो गई। स्टेट हाईवे पर भी जून माह के आंकड़े यह दर्शा रहे हैं कि रफ्तार जान की दुश्मन बन रही है। इस सड़कों पर भी जून माह में आठ दुर्घटनाओं के सापेक्ष 25 और जनवरी से अब तक 61 के सापेक्ष 71 दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। अन्य मार्गों पर वर्ष 2024 में जनवरी से जून माह के बीच 69 दुर्घटनाओं के सापेक्ष 2025 में 46 एक्सीडेंट हुए हैं। रफ्तार के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुई दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या भी दोगुनी से ज्यादा बढ़ गई।
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वर्ष 2024 में जनवरी से अब तक 13 मौतें हुई थी। इस वर्ष इनकी संख्या 28 हो गई है। यही हाल स्टेट हाईवे का भी है। विगत वर्ष हुई 36 मौतों के सापेक्ष इस वर्ष 60 लोगों की जान गई है। अन्य सड़कों पर विगत वर्ष के सापेक्ष मृतकों की संख्या बढ़ी है। विगत वर्ष इन सड़काें पर 25 लोगों की मौत हुई थी, जबकि इस वर्ष जून माह तक 29 लोग अपनी जान गवां चुके हैं।
हेलमेट न लगाने से दो पहिया सवारों की हुई मौत
परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनपद में जून 2025 में जनपद में 53 सड़क दुर्घटनाएं हुईं। इनमें 23 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 60 व्यक्ति घायल हो गए। इनमें से 36 सड़क दुर्घटनाओं में कम से कम एक दो पहिया वाहन शामिल थे। इन दुर्घटनाओं में दो पहिया सवार 13 व्यक्तियों की मृत्यु हुई तथा 40 व्यक्ति घायल हो गए। नौ सड़क दुर्घटनाओं में शामिल दोनों वाहन दो पहिया थे, जिनमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हुई व आठ व्यक्ति घायल हुए। पुलिस विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दुर्घटना में शामिल दो पहिया वाहन चालक हेल्मेट नहीं लगाए थे।
ब्लैक स्पॉट पर जून तक हुई 17 दुर्घटनाएं
पुलिस विभाग की ओर से जारी रिपोर्ट के अनुसार माह जून 2025 में ब्लैक स्पॉट पर एक सड़क दुर्घटना मोहम्मदाबाद के गांव सकवाई में हुई।जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई और दो घायल हो गए। ये ब्लैक स्पॉट राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित हैं। यातायात कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार इस वर्ष अभी तक 17 सड़क दुर्घटनाएं ब्लैक स्पॉट पर हुई हैं।
एसपी ने पीडब्ल्यूडी को लिखा पत्र
पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने लोक निर्माण विभाग को पत्र लिखा। इसमें नेशनल हाईवे 730सी व जसमई तिराहे से शमसाबाद की ओर जाने वाले मार्ग पर सबसे अधिक दुर्घटनाएं होने की बात कही गई। इन सड़काें पर तीव्र मोड़ संकेतक, ब्रेकर, ब्लिंकर, सफेद पट्टी तथा रंबल स्ट्रिप लगवाने के निर्देश दिए गए। इससे मार्ग दुर्घटनाओं में कमी लाकर मृतकों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी लाई जा सके।
कोट::
नियमों की अनदेखी और रफ्तार पर नियंत्रण न होने से दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है। इनको रोकने के लिए समय-समय पर जागरूकता शिविरों का आयोजन किया जाता है। ओवर स्पीड में चालान आदि कर दंडात्मक कार्रवाई भी की जा रही है।
- सुभाष राजपूत, एआरटीओ प्रवर्तन