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आईजी बोले, देखो एसपी, तुम्हारे दरोगा नहीं जानते धाराएं
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 07 Apr 2015 11:54 PM IST
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आईजी जोन आशुतोष पांडेय ने मंगलवार को शहर कोतवाली में प्रोजेक्ट आइना की
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हकीकत जानी। दरोगा आईपीसी की धाराओं की जानकारी नहीं दे पाए। आईजी ने एसपी
से ऐसे दरोगाओं के इलाज कराने के लिए कह दिया। मंगलवार की दोपहर शहर
कोतवाली में प्रोजेक्ट आइना में आईजी जोन ने शिरकत की। यहां मुकदमे और
एनसीआर दर्ज कराने वालों को
बुलाया गया था। इनमें से अधिकांश नहीं पहुंचे। आईजी ने इकलाख के यहां हुई चोरी की धाराओं के बारे में जानकारी की और कहा कि घर में घुस कर चोरी और लूट की धारा में कौन से बड़ी है तो दरोगाओं से लेकर कोतवाल आरपी यादव तक ने लूट को बड़ा बताया। इस पर आईजी ने कहा कि नकबजनी में 14 साल तक की सजा और जुर्माना होता है। लूट में 10 साल की सजा है। उनका कहना था कि चोरी की घटना बड़ी होती है। इनको पुलिस सतर्कता से देखे। आईजी ने शहर
कोतवाल आरपी यादव को हिदायत दी कि वह वाहन चोरी की घटनाओं को तुरंत दर्ज किया जाए। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी। आईजी ने मारपीट के वादी तैयब के न आने पर कोतवाल से उसका मोबाइल मिलने को कहा। वादी के चाचा से वार्ता कर मुकदमे के बारे में जानकारी ली। इसके बाद विवेचक नरेंद्र प्रताप से जानकारी की। एफआर लगा देने पर उसे इसकी रसीद न देने पर नाराजगी जाहिर की।
दरोगाओं को धाराओं का ज्ञान न होने पर आईजी ने एसपी विजय यादव से कहा, देख रहे हैं एसपी साहब, कैसी हालत है यहां के दरोगाओं की। इनके इलाज की जरूरत है। कहा कि सीओ साहब भी दरोगाओं की बैठक कर चलता कर देते हैं।
एक-एक दरोगा को बुला कर उनकी चार्जशीट को देख कर कमियां को दूर करना चाहिए। प्रोजेक्ट आइना इसलिए चालू किया गया कि इसमें वादी को संतुष्ट किया जा सके । इसके साथ ही जिसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा रहा है, उसके साक्ष्य भी आरोपी को बताना चाहिए। पुलिस को अपनी भाषाशैली में सुधार की जरूरत है।
बुलाया गया था। इनमें से अधिकांश नहीं पहुंचे। आईजी ने इकलाख के यहां हुई चोरी की धाराओं के बारे में जानकारी की और कहा कि घर में घुस कर चोरी और लूट की धारा में कौन से बड़ी है तो दरोगाओं से लेकर कोतवाल आरपी यादव तक ने लूट को बड़ा बताया। इस पर आईजी ने कहा कि नकबजनी में 14 साल तक की सजा और जुर्माना होता है। लूट में 10 साल की सजा है। उनका कहना था कि चोरी की घटना बड़ी होती है। इनको पुलिस सतर्कता से देखे। आईजी ने शहर
कोतवाल आरपी यादव को हिदायत दी कि वह वाहन चोरी की घटनाओं को तुरंत दर्ज किया जाए। शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी। आईजी ने मारपीट के वादी तैयब के न आने पर कोतवाल से उसका मोबाइल मिलने को कहा। वादी के चाचा से वार्ता कर मुकदमे के बारे में जानकारी ली। इसके बाद विवेचक नरेंद्र प्रताप से जानकारी की। एफआर लगा देने पर उसे इसकी रसीद न देने पर नाराजगी जाहिर की।
दरोगाओं को धाराओं का ज्ञान न होने पर आईजी ने एसपी विजय यादव से कहा, देख रहे हैं एसपी साहब, कैसी हालत है यहां के दरोगाओं की। इनके इलाज की जरूरत है। कहा कि सीओ साहब भी दरोगाओं की बैठक कर चलता कर देते हैं।
एक-एक दरोगा को बुला कर उनकी चार्जशीट को देख कर कमियां को दूर करना चाहिए। प्रोजेक्ट आइना इसलिए चालू किया गया कि इसमें वादी को संतुष्ट किया जा सके । इसके साथ ही जिसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जा रहा है, उसके साक्ष्य भी आरोपी को बताना चाहिए। पुलिस को अपनी भाषाशैली में सुधार की जरूरत है।