फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   If there is no regent in CHC then the machine is broken, CBC investigation stalled

Farrukhabad News: सीएचसी में रीजेंट नहीं तो कहीं मशीन खराब, सीबीसी जांच ठप

Sun, 09 Jun 2024 01:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jun 2024 01:24 AM IST
विज्ञापन
If there is no regent in CHC then the machine is broken, CBC investigation stalled
फर्रुखाबाद। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में रीजेंट न होने तो कहीं मशीन खराब होने से सीबीसी जांच ठप है। व्यवस्थाएं न सुधर पाने से स्वास्थ्य सेवाएं बद से बदतर होती जा रही हैं। इससे मरीजों को निजी लैब से जांच कराना मजबूरी है।
विज्ञापन


सरकार लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इसके बावजूद इन व्यवस्थाओं पर लापरवाही हावी है। हालात यह हैं कि जब संक्रामक रोग अधिक फैलते हैं, उस दौरान ही सरकारी अस्पतालों में जांच पर संकट आ जाता है। इन दिनों भीषण गर्मी में डायरिया, बुखार आदि के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इससे सीबीसी जांच की जरूरत पड़ रही है। इस बीच किसी सीएचसी पर रीजेंट (केमिकल) नहीं है तो कहीं सीबीसी मशीन ही खराब पड़ी है। इससे मरीजों को सीबीसी जांच के लिए निजी लैब पर पैसा खर्च करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

व्यवस्था पर एक नजर
सीएचसी शमसाबाद में रीजेंट काफी पहले समाप्त हो चुका है। सीबीसी मशीन भी खराब है। सीएचसी कायमगंज में पहले रीजेंट खत्म हुआ। जब रीजेंट मिला तो मशीन खराब है। सीएचसी राजेपुर में रीजेंट न होने से सीबीसी जांच नहीं हो पा रही है। वहीं शहर के सिविल अस्पताल लिंजीगंज में पिछले छह वर्ष से सीबीसी मशीन खराब है। यहां न तो मशीन को ठीक कराया जा रहा है और न ही दूसरी मशीन की व्यवस्था की गई। इससे मरीजों को सीबीसी जांच के लिए निजी लैब पर 200 से 400 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। वहीं नवाबगंज सीएचसी पर मशीन ठीक होने से प्रतिदिन 20 से 25 मरीजों की सीबीसी जांच कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्या कहते हैं जिम्मेदार
प्रभारी सीएमओ एसीएमओ डॉ. मलिक आलमगीर ने बताया कि वह इस मामले को सीएमओ के सामने रखेंगे। शीघ्र ही सीबीसी मशीन ठीक कराने और रीजेंट उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। इससे मरीजों को जांच की सुविधा मिल सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed