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संविदा कर्मियों का शोषण बंद न हुआ तो होगा विरोध प्रदर्शन

Thu, 17 Dec 2020 07:17 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 17 Dec 2020 07:17 PM IST
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If the exploitation of contract workers is not stopped, there will be protest
दो दिसंबर को प्रकाशित हुई खबर की पीडीएफ। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। विद्युत वितरण निगम के उपकेंद्रों पर संविदा पर रखे गए एसएसओ, सहायक एसएसओ और लाइनमैनों को 25-25 हजार रुपये लेकर नियुक्ति पत्र दिए जाने का विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने विरोध किया है।
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संगठन ने संविदा कर्मचारियों को ठेकेदार के चंगुल से मुक्त और ठेकेदार द्वारा लिए गए रुपये वापस कराने की मांग की है। संगठन ने कहा कि अगर रुपये वापस नहीं कराए गए, तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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विद्युत वितरण निगम के उपकेंद्रों पर संविदा कर्मचारियों की तैनाती का ठेका मेसर्स रामा इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। फर्म के ठेकेदार ने 25-25 हजार रुपये डीडी (डिमांड ड्राफ्ट) लेकर संविदा कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए हैं।
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संविदा की नौकरी में अवैध वसूली के खेल को अमर उजाला ने दो दिसंबर के अंक में 25-25 हजार लेकर दे रहे नियुक्ति पत्र शीर्षक से खबर को प्राथमिकता से प्रकाशित किया था।
इसे विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के जिला संयोजक जितेंद्र सिंह गुर्जर ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने संविदा कर्मचारियों का शोषण किए जाने के विरोध में अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखा है।
इसमें कहा है कि मेसर्स रामा इंफोटेक प्राइवेट लिमिटेड लखनऊ के ठेकेदार संविदा कर्मचारियों से जबरन 25-25 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट ले रहे हैं। जबकि विभाग से जारी अनुबंध में किसी प्रकार का शुल्क व सिक्योरिटी शुल्क संविदा कर्मी से लेने का प्रावधान नहीं है।
कर्मचारियों ने बताया कि डिमांड ड्राफ्ट के बाद प्रथम वेतन जारी करने के नाम पर 10-10 हजार रुपये अतिरिक्त वसूली की जा रही है। इससे कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
जिला संयोजक ने संविदा कर्मचारी से लिए गए रुपये वापस कराने और फर्म का अनुबंध समाप्त कराने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर संविदा कर्मचारियों का शोषण बंद किया जाए।

संविदा कर्मचारियों को नियमित कर समान कार्य का समान वेतन दिए जाने की विभाग की ओर से व्यवस्था हो। सभी को परिचय पत्र भी जारी होने चाहिए। अगर संगठन की मांग पर 21 तक कार्रवाई नहीं की गई तो 22 दिसंबर को शाम तीन से पांच बजे तक कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन दिया जाएगा।
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