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सीमा पर रोका तो जंगल के रास्ते शुरू किया सफर

Fri, 15 May 2020 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2020 11:54 PM IST
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If stopped at the border, the journey started through the forest
इटावा-बरेली हाईवे पर काली नदी पुल पर जनपद की सीमा सील होने से खेतों से होकर घर पहुंचने का रास्ता खो - फोटो : FARRUKHABAD
मोहम्मदाबाद। बच्चों और परिवार का पेट भरने की खातिर गैर प्रांत गए लोग सैकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर घर आ रहे हैं। यहां भी उनकी दुश्वारियां कम नहीं हो रही हैं। जिले की सीमा पर तैनात पुलिस बल उन्हें वापस कर देता है, तो महिला-पुरुष बच्चों और सामान को कंधों पर लादकर जंगल के रास्ते घरों के लिए जाने को मजबूर हैं।
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सरकार भले ही गैर प्रांतों के श्रमिकों के लिए वाहनों की व्यवस्था करने का दावा कर रही हो, मगर उनकी दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बड़ी संख्या में श्रमिक अभी भी बीबी, बच्चों के साथ घरों की ओर पैदल ही पलायन कर रहे हैं। बेवर के रास्ते इटावा-बरेली हाईवे पर काली नदी के पास जिले की सीमा में जैसे ही मजदूर घुसे, तो वहां तैनात पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इन्हें सख्ती के साथ वापस कर दिया गया। अब यह सैकड़ों किमी पैदल चलकर यहां तक पहुंचे, श्रमिकों ने रोड छोड़कर एक किमी पीछे हटकर जंगल में होकर सफर तय करना शुरू कर दिया।
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किसी के सिर पर सामान और कंधों पर छोटे-छोटे बच्चे। गर्मी से परेशान पसीने से लथपथ, पेट में भूख से परेशान लोग खेतों में रास्ता तय करने को मजबूर हैं। जिले की सीमा पर यह तस्वीर लगभग रोजाना की ही है। यह लोग कहते हैं वह सैकड़ों किलोमीटर पैदल घर पहुंचने के लिए चले हैं, तो अब घर पहुंचकर ही चैन मिलेगा।
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