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पालिका सख्ती पर भारी पड़ रही सत्तापक्ष की धमक
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फर्रुखाबाद। भाजपा के अमृतपुर विधायक की पत्नी समेत नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के कोर्ट के आदेश के बाद पालिका ने सख्ती तो की लेकिन सत्तापक्ष की धमक हावी है।
तालाब की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों ने एक तरफ की दीवार हटाई, मगर नींव बरकरार रखी है। यही नहीं कुछ खाली जगह में ट्रालियों से भराव भी डाल दिया गया है। इससे तालाब को कब्जा मुक्त कराने की उम्मीदें खत्म होती दिख रही हैं।
शहर कोतवाली के भोपतपट्टी के पास नगर पालिका का एक बड़ा तालाब है। तालाब के बड़े भूभाग पर सत्तापक्ष के कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।
मोहल्ले के ही सत्यनारायण की शिकायत पर सीजेएम कोर्ट ने आवास विकास निवासी भाजपा के अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य की पत्नी ऊषा शाक्य, सातनपुर मंडी गेट के दीपक ठाकुर, भोपतपट्टी के टीकाराम, गौरव उर्फ मोनू, रवि, किशनलाल समेत नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
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शुक्रवार को नगर पालिका के आरआई देवेंद्र कुमार, वीरेंद्र पटेल, सर्वेयर रूपम अग्निहोत्री ने शनिवार तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों ने एक तरफ की दीवार ही हटाई।
सत्ता की धमक इतनी कि दीवार हटाने के बावजूद तालाब की जमीन से न तो नींव हटाई गई और न ही मिट्टी। हद तो यह हो गई कि खाली स्थान पर रातोंरात ट्रैक्टर-ट्रालियों से भराव डलवाकर जमीन बराबर कर ली गई।
इससे अतिक्रमण करने वालों के असली मंसूबे साफ दिखने लगे हैं। अतिक्रमण करने वाले सत्तापक्ष के लोग नगर पालिका और प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं। ईओ रविंद्र कुमार ने बताया, तालाबों के सुंदरीकरण के शासन के सख्त निर्देश हैं। हर हाल में तालाब को कब्जामुक्त कराया जाएगा। जो निर्माण होगा, उसे शीघ्र ही पालिका की टीम हटा देगी।
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तालाब की जमीन पर अतिक्रमण करने वालों ने एक तरफ की दीवार हटाई, मगर नींव बरकरार रखी है। यही नहीं कुछ खाली जगह में ट्रालियों से भराव भी डाल दिया गया है। इससे तालाब को कब्जा मुक्त कराने की उम्मीदें खत्म होती दिख रही हैं।
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शहर कोतवाली के भोपतपट्टी के पास नगर पालिका का एक बड़ा तालाब है। तालाब के बड़े भूभाग पर सत्तापक्ष के कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया है।
मोहल्ले के ही सत्यनारायण की शिकायत पर सीजेएम कोर्ट ने आवास विकास निवासी भाजपा के अमृतपुर विधायक सुशील शाक्य की पत्नी ऊषा शाक्य, सातनपुर मंडी गेट के दीपक ठाकुर, भोपतपट्टी के टीकाराम, गौरव उर्फ मोनू, रवि, किशनलाल समेत नौ लोगों पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे।
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शुक्रवार को नगर पालिका के आरआई देवेंद्र कुमार, वीरेंद्र पटेल, सर्वेयर रूपम अग्निहोत्री ने शनिवार तक अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अतिक्रमणकारियों ने एक तरफ की दीवार ही हटाई।
सत्ता की धमक इतनी कि दीवार हटाने के बावजूद तालाब की जमीन से न तो नींव हटाई गई और न ही मिट्टी। हद तो यह हो गई कि खाली स्थान पर रातोंरात ट्रैक्टर-ट्रालियों से भराव डलवाकर जमीन बराबर कर ली गई।
इससे अतिक्रमण करने वालों के असली मंसूबे साफ दिखने लगे हैं। अतिक्रमण करने वाले सत्तापक्ष के लोग नगर पालिका और प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं। ईओ रविंद्र कुमार ने बताया, तालाबों के सुंदरीकरण के शासन के सख्त निर्देश हैं। हर हाल में तालाब को कब्जामुक्त कराया जाएगा। जो निर्माण होगा, उसे शीघ्र ही पालिका की टीम हटा देगी।