हाकिमों की हिदायतें स्वास्थ्य महकमे के ठेंगे पर
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फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदारों के लिए हाकिमों के निरीक्षण और हिदायतों का कोई मतलब नहीं है। शुक्रवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अमृतपुर और लोहिया अस्पताल की महिला इकाई का निरीक्षण किया गया था। एसडीएम हवलदार सिंह ने अमृतपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के मुआयने के बाद खामियों में सुधार की चेतावनी दी थी। शनिवार को यहां कुछ भी बदला दिखाई नहीं दिया। यही हाल लोहिया महिला अस्पताल का मिला। यहां सीडीओ एसएन शुक्ल ने निरीक्षण किया था। यहां गंदगी बरकरार थी। आवारा कुत्ते टहल रहे थे। मरीजों को समय से खाना भी नहीं मिला था।
बाथरूम, शौचालय में गंदगी, मरीज बाहर से ला रहे दवाएं
अमृतपुर। एसडीएम के निरीक्षण के बावजूद प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अव्यवस्थाएं बरकरार हैं। दूसरे दिन भी अस्पताल में गंदगी बनी रही। साफ सफाई नहीं कराई गई। दवाएं भी मरीज बाहर से ही ला रहे थे।
शुक्रवार को एसडीएम हवलदार सिंह ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया था। उन्हें अस्पताल, बाथरूम, शौचालय में गंदगी मिली थी। बेडों पर गंदी चादरें बिछी थीं। उन्होंने व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए थे। शनिवार को अमर उजाला संवाददाता ने जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का जायजा लिया तो स्थिति जस की तस थी। न तो अस्पताल परिसर में सफाई हुई थी और न ही चादरों को बदला गया था।
सफाई कर्मचारी भी नहीं आया था। मरीज बाहर से दवा खरीद रहे थे। दवा लेने आए रामखेलावन, पातीराम, राहुल, सोनू, मीना देवी, मिथलेश और गुड्डू आदि का कहना था कि महंगी दवाइयां बाहर से लिखी गई हैं। चिकित्सा प्रभारी डा. गौरव वर्मा ने बताया कि दवाइयों की डिमांड भेजी गई है। सफाई कर्मचारी आ नहीं आ रहा है। अस्पताल की व्यवस्थाओं में जल्द ही सुधार किया जाएगा। उधर, एसडीएम ने बताया कि उन्होंने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है।
महिला विंग में कुत्ते और गंदगी
फर्रुखाबाद। लोहिया महिला अस्पताल में सीडीओ के निरीक्षण के बाद भी अव्यवस्थाएं बरकरार हैं। अस्पताल के अंदर कुत्ते घूमते नजर आए। गंदगी भी मिली। मरीजों को समय से खाना नहीं मिला था।
शुक्रवार को सीडीओ एसएन शुक्ल को मुआयने के दौरान अस्पताल में कुत्ते टहलते मिले थे। उन्होंने इस पर नाराजगी जताई थी। यह नजारा शनिवार को भी दिखाई दिया। महिला अस्पताल में कुत्ते ओटी से लेकर लेबर रूम और वार्डों के पास घूमते मिले। वार्ड के अंदर केले के छिलके पड़े थे।
अस्पताल में भर्ती मरीज उर्वसी पत्नी योगेश, शिल्पी पत्नी विजय, रूपा पत्नी विजेंद्र ने बताया कि सुबह दो केले और दूध मिला था। बताया कि भर्ती होने के बाद से चादरें नहीं बदली गईं। एक मरीज की तीमारदार अपने बिस्तर लेकर आई थी। मरीजों का कहना था कि अस्पताल में खाना मिलने का कोई समय नहीं है। सुबह का खाना देरी से मिलता है और शाम का खाना जल्दी दे दिया जाता है। उधर, लोहिया अस्पताल पुरुष में भर्ती मरीज विवेक सक्सेना, भभूती लाल, राम सिंह, समीमा बेगम ने बताया कि वह लोग चार पांच दिन से भर्ती हैं। शुक्रवार को ही खाना दिया गया था। अस्पताल में भर्ती मरीजों को खाना रोज मिलना चाहिए।