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पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को किया गया सम्मानित
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 06 Jun 2015 11:17 PM IST
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राजपूत रेजीमेंट सेंटर के ओपन सिनेमा हाल में शनिवार को भूतपूर्व सैनिकों
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और वीर नारियों को आर्मी हेडक्वाटर की नई योजनाओं की जानकारी दी गई। इनकी
समस्याएं सुनकर समाधान का भरोसा दिया गया। शनिवार को पूर्व सैनिकों की रैली
में समस्या सुनने के लिए अलग-अलग विभागों के स्टाल लगाए गए थे। रैली को
संबोधित करते हुए ब्रिगेडियर सलीम आसिफ ने कहा कि जवानों को सेवानिवृत्ति
से पहले डीएससी में जाने के लिए 6 माह का प्रशिक्षण प्राप्त करना चाहिए।
इससे
रिटायरमेंट के बाद पूर्व सैनिकों को दर दर भटक कर दूसरी नौकरी नहीं खोजनी पड़ेगी। कहा कि अभी भी डीएससी में 150 के सापेक्ष 50 पदों पर भर्ती हो पाई है। उन्होंने कहा कि रिटायर होने के बाद जवान पूर्व सैनिक कल्याण निगम में अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य करा दें। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों के पुत्र जिनकी आयु , शैक्षिक योग्यता और शारीरिक सक्षमता दुरुस्त हो, वह भर्ती के लिए सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास के निदेशक
रिटायर्ड ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन ने कहा कि प्रदेश में द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल रहे करीब 5620 सैनिक अथवा उनके आश्रित हैं। उन्हाेंने उनको मिलने वाली 2500 रुपये की पेंशन को बढ़वाकर 4000 रुपये करा दिया गया है। उन्होंने ईसीएचएस के अधिकारियों से कहा कि यदि द्वितीय विश्व युद्ध से संबंधित कोई पूर्व सैनिक पाली क्लीनिक में आए तो उसकी
सहायता करें। बताया कि शहीदों की विधवाओं के लिए शासन ने हाउस टैक्स माफ कर दिया है। रैली को एएसपी आरबी चौरसिया ने भी संबोधित किया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल बीएस चंदेल, मेजर कौशिक तोमर, डिप्टी कमांडेंट कर्नल मंदीप राठौर, सिटी मजिस्ट्रेट पीके जैन, सीओ सिटी योगश कुमार, रैली अधिकारी मेजर विश्वनाथ गुप्ता आदि मौजूद रहे। सुरक्षा की कमान जीएमपी हवलदार राजेश सिंह ने संभाली।
सहायता राशि का चेक मिला
ब्रिगेडियर सलीम आसिफ व सोल्जर बोर्ड के डायरेक्टर ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को आर्थिक सहायता राशि के चेक दिए। पांच हजार रुपये का चेक पाने वालों में सत्यवती, चंद्रा, कमलेश कुमारी, कुसमा देवी उमा देवी, बिट्टन देवी, शांती देवी, मिथलेश देवी, जय रानी, श्यामा देवी, नंद रानी, मुन्नी देवी, बसंती देवी, सतीश चंद्र, छविनाथ
सिंह, गुलजारी लाल, मोहन सिंह, मुंशी लाल, रंजीत सिंह और श्याम सिंह थे। वहीं 10 वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इनमें शांती देवी, सरला देवी, कमलेश कुमारी, रेशम देवी, कुसमा देवी, सुशीला देवी, कमला देवी, सूरज देवी, निर्मला देवी, हर्षा देवी शामिल रहीं। पुत्री के विवाह के लिए स्व. शिवमंगल सिंह पत्नी को 10 हजार रुपये का अनुदान दिया गया।
अब कैंटीन से भी खरीद सकेंगे कार
ब्रिगेडियर सलीम आसिफ ने बताया कि सेना में कार्यरत अधिकारी, जवान व पूर्व सैनिकों को कैंटीन में सामान खरीदने के लिए जारी किए गए स्मार्ट कार्ड की वैल्यू बढ़ा दी गई है। बताया कि यह वैल्यू 5500 रुपये से लेकर 11 हजार रुपये प्रतिमाह तक होगी। अब कैंटीन सुविधा लेने वाले लोग यहां से कार भी खरीद सकेंगे।
ब्रिगेडियर और सिटी मजिस्ट्रेट ने सुनीं शिकायतें
रैली के समापन के बाद पूर्व सैनिकों ने अधिकारियों के सामने शिकायतों की झड़ी लगा दी। किसी ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने में पुलिस की अड़ंगेबाजी तो किसी ने अतिवृष्टि से खराब हुई फसल के बाद मिलने वाली मुआवजा राशि में धांधली की शिकायत की। ब्लाक नबावगंज के गांव कनासी के रहने वाले चंद्रप्रकाश सिंह ने कमांड अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को रुकने की व्यवस्था करने तथा बीमारी के बाद पेंशन बंद कर दिए जाने की शिकायत की।
रिटायरमेंट के बाद पूर्व सैनिकों को दर दर भटक कर दूसरी नौकरी नहीं खोजनी पड़ेगी। कहा कि अभी भी डीएससी में 150 के सापेक्ष 50 पदों पर भर्ती हो पाई है। उन्होंने कहा कि रिटायर होने के बाद जवान पूर्व सैनिक कल्याण निगम में अपना रजिस्ट्रेशन अवश्य करा दें। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान शहीद हुए जवानों के पुत्र जिनकी आयु , शैक्षिक योग्यता और शारीरिक सक्षमता दुरुस्त हो, वह भर्ती के लिए सीधे उनसे संपर्क कर सकते हैं। सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास के निदेशक
रिटायर्ड ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन ने कहा कि प्रदेश में द्वितीय विश्व युद्ध में शामिल रहे करीब 5620 सैनिक अथवा उनके आश्रित हैं। उन्हाेंने उनको मिलने वाली 2500 रुपये की पेंशन को बढ़वाकर 4000 रुपये करा दिया गया है। उन्होंने ईसीएचएस के अधिकारियों से कहा कि यदि द्वितीय विश्व युद्ध से संबंधित कोई पूर्व सैनिक पाली क्लीनिक में आए तो उसकी
सहायता करें। बताया कि शहीदों की विधवाओं के लिए शासन ने हाउस टैक्स माफ कर दिया है। रैली को एएसपी आरबी चौरसिया ने भी संबोधित किया। जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी कर्नल बीएस चंदेल, मेजर कौशिक तोमर, डिप्टी कमांडेंट कर्नल मंदीप राठौर, सिटी मजिस्ट्रेट पीके जैन, सीओ सिटी योगश कुमार, रैली अधिकारी मेजर विश्वनाथ गुप्ता आदि मौजूद रहे। सुरक्षा की कमान जीएमपी हवलदार राजेश सिंह ने संभाली।
सहायता राशि का चेक मिला
ब्रिगेडियर सलीम आसिफ व सोल्जर बोर्ड के डायरेक्टर ब्रिगेडियर अमूल्य मोहन ने पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को आर्थिक सहायता राशि के चेक दिए। पांच हजार रुपये का चेक पाने वालों में सत्यवती, चंद्रा, कमलेश कुमारी, कुसमा देवी उमा देवी, बिट्टन देवी, शांती देवी, मिथलेश देवी, जय रानी, श्यामा देवी, नंद रानी, मुन्नी देवी, बसंती देवी, सतीश चंद्र, छविनाथ
सिंह, गुलजारी लाल, मोहन सिंह, मुंशी लाल, रंजीत सिंह और श्याम सिंह थे। वहीं 10 वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इनमें शांती देवी, सरला देवी, कमलेश कुमारी, रेशम देवी, कुसमा देवी, सुशीला देवी, कमला देवी, सूरज देवी, निर्मला देवी, हर्षा देवी शामिल रहीं। पुत्री के विवाह के लिए स्व. शिवमंगल सिंह पत्नी को 10 हजार रुपये का अनुदान दिया गया।
अब कैंटीन से भी खरीद सकेंगे कार
ब्रिगेडियर सलीम आसिफ ने बताया कि सेना में कार्यरत अधिकारी, जवान व पूर्व सैनिकों को कैंटीन में सामान खरीदने के लिए जारी किए गए स्मार्ट कार्ड की वैल्यू बढ़ा दी गई है। बताया कि यह वैल्यू 5500 रुपये से लेकर 11 हजार रुपये प्रतिमाह तक होगी। अब कैंटीन सुविधा लेने वाले लोग यहां से कार भी खरीद सकेंगे।
ब्रिगेडियर और सिटी मजिस्ट्रेट ने सुनीं शिकायतें
रैली के समापन के बाद पूर्व सैनिकों ने अधिकारियों के सामने शिकायतों की झड़ी लगा दी। किसी ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने में पुलिस की अड़ंगेबाजी तो किसी ने अतिवृष्टि से खराब हुई फसल के बाद मिलने वाली मुआवजा राशि में धांधली की शिकायत की। ब्लाक नबावगंज के गांव कनासी के रहने वाले चंद्रप्रकाश सिंह ने कमांड अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को रुकने की व्यवस्था करने तथा बीमारी के बाद पेंशन बंद कर दिए जाने की शिकायत की।