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चतुर्थ श्रेणी कर्मी जोत रहा गो सदन की 100 बीघा भूमि
अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Wed, 10 May 2017 12:56 AM IST
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गो सदन की भूमि पर गेहूं की कटी पड़ी फसल।
- फोटो : अमर उजाला
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गो सदन कटरी धर्मपुर में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत हुकुम सिंह ने गो सदन की 100 बीघा जमीन खुद जोत रखी है। इस भूमि पर इस वर्ष गेहूं की फसल बोई गई थी, जिसमें 150 क्विंटल गेहूं पैदा हुआ। गेहूं की बात तो अलग गो सदन में बंद असहाय गोवंश के लिए उन्होंने भूसा तक नहीं दिया है। यह खुलासा मौजूदा लेखपाल रामलखन पांडेय ने किया है।
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रामलखन पांडेय का कहना है कि वह गो प्रेमी हैं और गो सदन की भूमि को हर हाल में दबंगों से मुक्त कराने के लिए प्रयासरत हैं। उन्होंने कहा कि इस समय सभी खेत खाली पड़े हैं। सीवीओ चाहें तो अन्य अधिकारियों को लेकर भूमि का सीमांकन करा दें, ताकि लोगों के कब्जे से गो सदन की भूमि को मुक्त कराया जा सके। उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर बात तो यह है कि गो सदन में हुकुम सिंह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर काम कर रहे हैं। वह अकेले 100 बीघा भूमि पर कब्जा किए हैं।
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यह कब्जा आज से नहीं, बल्कि बहुत दिनों से चला आ रहा है। हुकुम सिंह ने कभी गोवंश के लिए भूसा तक नहीं दिया है। इस संबंध में गो सदन के पूर्व प्रबंधक डॉ. प्रमोद कुमार श्रीवास्तव से जब जानकारी की गई तो उन्होंने कहा कि 100 बीघा भूमि पर चपरासी फसल नहीं उगा रहा है। हुकुम सिंह को 30 बीघा भूमि जोतने के लिए उसने ही आदेश दिया था। इसकी वजह यह थी कि हुकुम सिंह को शासन की ओर से कोई वेतन नहीं मिलता था।
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गोवंश की हिफाजत के लिए यह कदम उठाया गया था। आज भी हुकुम सिंह 30 बीघा भूमि ही जोत रहे हैं। 100 बीघा भूमि की बात गलत है। दूसरी तरफ हुकुम सिंह का कहना है कि वह केवल 30 बीघा भूमि जोत रहे हैं। इसके एवज में गोवंश की सेवा कर रहे हैं। वहीं लेखपाल रालखन पांडेय का कहना है कि उन्होंने मौजूदा प्रबंधक प्रदीप सक्सेना से गो सदन की भूमि पर चारा उगाने की बात कही तो उन्होंने कहा कि चारा उगाने का उन्हें कोई अधिकार नहीं है।