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हैंडपंप बनवाए, अब जांच झेलेंगी सिरौली की प्रधान
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फर्रुखाबाद। ग्रामीणों की पेयजल समस्या निराकरण कराने पर मोहम्मदाबाद ब्लाक की सिरौली ग्राम पंचायत की प्रधान विकास भवन के शक के दायरे में आ गई हैं। सीडीओ ने अप्रैल से अगस्त तक गांव में हैंडपंप मरम्मत व रीबोर पर 13.97 लाख रुपये खर्च होने पर बीडीओ को जांच के आदेश दिए हैं। उधर, प्रधान के पति का कहना है कि ग्राम पंचायत बहुत बड़ी है, लोगों की पेयजल समस्या के निराकरण पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
मोहम्मदाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिरौली में 21 मजरे शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना में इस ग्राम पंचायत की आबादी 18,600 थी। अब लगभग 20 हजार पहुंच गई है। ग्राम पंचायत में 450 से अधिक हैंडपंप लगे हैं। गांव की नई प्रधान चुनी गईं शीतला देवी पेयजल समस्या के निदान पर ज्यादा जोर दे रही हैं। ग्राम प्रधान के पति सर्वेश का दावा है कि अभी तक 22 हैंडपंप रीबोर कराए हैं। बड़ी संख्या में हैंडपंपों की मरम्मत भी कराई गई है। ग्राम पंचायत में अप्रैल से अगस्त तक हैंडपंपों की मरम्मत व रीबोर में 13 लाख 97 हजार 584 रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
28 अगस्त को सीडीओ एम.अरून्मोली ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर प्लान प्लस व प्रियासाफ्ट पर ग्राम पंचायतों में खर्च का ब्यौरा देखा। सिरौली में हैंडपंप रीबोर व मरम्मत पर इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने पर उन्हें काम पर संदेह है। धनराशि एक अप्रैल से 27 अगस्त तक खर्च की गई है। सीडीओ ने बीडीओ को निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में हैंडपंप रीबोर व मरम्मत पर अधिक धनराशि खर्च हुई है, उनकी पत्रावलियों की जांच कराएं। जलनिगम की रिपोर्ट लगी न होने पर पत्रावली उन्हें उपलब्ध कराएं।
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सीडीओ ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों के खाते में 20 लाख रुपये तक धनराशि है। वह पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, स्कूलों कायाकल्प, सोख्ता गड्ढा आदि कार्य प्राथमिकता से कराएं।
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मोहम्मदाबाद ब्लॉक की ग्राम पंचायत सिरौली में 21 मजरे शामिल हैं। वर्ष 2011 की जनगणना में इस ग्राम पंचायत की आबादी 18,600 थी। अब लगभग 20 हजार पहुंच गई है। ग्राम पंचायत में 450 से अधिक हैंडपंप लगे हैं। गांव की नई प्रधान चुनी गईं शीतला देवी पेयजल समस्या के निदान पर ज्यादा जोर दे रही हैं। ग्राम प्रधान के पति सर्वेश का दावा है कि अभी तक 22 हैंडपंप रीबोर कराए हैं। बड़ी संख्या में हैंडपंपों की मरम्मत भी कराई गई है। ग्राम पंचायत में अप्रैल से अगस्त तक हैंडपंपों की मरम्मत व रीबोर में 13 लाख 97 हजार 584 रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
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28 अगस्त को सीडीओ एम.अरून्मोली ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर प्लान प्लस व प्रियासाफ्ट पर ग्राम पंचायतों में खर्च का ब्यौरा देखा। सिरौली में हैंडपंप रीबोर व मरम्मत पर इतनी बड़ी धनराशि खर्च होने पर उन्हें काम पर संदेह है। धनराशि एक अप्रैल से 27 अगस्त तक खर्च की गई है। सीडीओ ने बीडीओ को निर्देश दिए कि जिन ग्राम पंचायतों में हैंडपंप रीबोर व मरम्मत पर अधिक धनराशि खर्च हुई है, उनकी पत्रावलियों की जांच कराएं। जलनिगम की रिपोर्ट लगी न होने पर पत्रावली उन्हें उपलब्ध कराएं।
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सीडीओ ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों के खाते में 20 लाख रुपये तक धनराशि है। वह पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, स्कूलों कायाकल्प, सोख्ता गड्ढा आदि कार्य प्राथमिकता से कराएं।