{"_id":"6a9b0ec55fecd6bd5e0f5823","slug":"ganga-water-level-20-cm-below-the-danger-mark-farrukhabad-news-c-222-1-frk1004-147969-2026-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर दूर गंगा का जलस्तर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर दूर गंगा का जलस्तर
विज्ञापन
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर दूर है। जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की परेशानी दोबारा बढ़ गई है। रास्ते पर पानी अधिक हो जाने से लोगों को आने जाने में दिक्कत हो रही है। तीसराम की मड़ैया में नाव न होने से लोग पानी से होकर दवा लेने जा रहे हैं।
पहाड़ों पर बारिश होने के साथ गंगा का जलस्तर पुनः बढ़ने लगा है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 136.80 मीटर से बढ़कर 136.90 मीटर पर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 20 सेंटीमीटर दूर है। नरौरा बांध से 83,835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिन रास्तों से बाढ़ का पानी निकल गया था, अब फिर से उन पर पानी भरने लगा है। आशा की मड़ैया को जाने वाले मार्ग पर पानी अधिक होने से लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं।
तीसराम की मड़ैया को जाने वाले मार्ग पर नाव चलाने वाला कोई न होने से ग्रामीण पानी से होकर दवा लेने व बाजार के लिए निकल रहे हैं। तीसराम की मड़ैया में बुखार से लोग पीड़ित हैं। वे पानी में उतर कर झोलाछाप से दवा लाने को मजबूर हैं। रामदेवी, चार वर्षीय अंशुल, बुलाकी, पूजा, दिव्यांशी बुखार से पीड़ित हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि जिलाधिकारी जब बाढ़ देखने आई थीं, तभी स्वास्थ्य टीम गांव में आई थी। उसके बाद कोई नहीं आया। रामगंगा का जलस्तर 136.10 से बढ़कर 136.15 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 20717 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा है। जहां जरूरत होगी वहां नाव दोबारा चलाई जाएगी।
विज्ञापन
पहाड़ों पर बारिश होने के साथ गंगा का जलस्तर पुनः बढ़ने लगा है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 136.80 मीटर से बढ़कर 136.90 मीटर पर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 20 सेंटीमीटर दूर है। नरौरा बांध से 83,835 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। गंगा का जलस्तर बढ़ने से जिन रास्तों से बाढ़ का पानी निकल गया था, अब फिर से उन पर पानी भरने लगा है। आशा की मड़ैया को जाने वाले मार्ग पर पानी अधिक होने से लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं।
विज्ञापन
तीसराम की मड़ैया को जाने वाले मार्ग पर नाव चलाने वाला कोई न होने से ग्रामीण पानी से होकर दवा लेने व बाजार के लिए निकल रहे हैं। तीसराम की मड़ैया में बुखार से लोग पीड़ित हैं। वे पानी में उतर कर झोलाछाप से दवा लाने को मजबूर हैं। रामदेवी, चार वर्षीय अंशुल, बुलाकी, पूजा, दिव्यांशी बुखार से पीड़ित हैं।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि जिलाधिकारी जब बाढ़ देखने आई थीं, तभी स्वास्थ्य टीम गांव में आई थी। उसके बाद कोई नहीं आया। रामगंगा का जलस्तर 136.10 से बढ़कर 136.15 मीटर पर पहुंच गया है। खो हरेली रामनगर बैराज से 20717 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। तहसीलदार शशांक सिंह ने बताया कि गंगा का जलस्तर बढ़ा है। जहां जरूरत होगी वहां नाव दोबारा चलाई जाएगी।