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गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नजदीक, मुश्किलें बढ़ीं

Thu, 22 Sep 2022 11:28 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 22 Sep 2022 11:28 PM IST
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Ganga reached near warning point, increased troubles
गांव समैचीपुर में कटान करतीं गंगा। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर/शमसाबाद। गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु के नजदीक पहुंच गया है। खेतों में पानी भर गया है।इससे तटवर्ती गांव के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रधानमंत्री आवास, ग्राम समाज व ग्रामीण की जमीन पानी में कट गई है।
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गुरुवार को 10 सेंटीमीटर पानी बढ़ने से जलस्तर चेतावनी बिंदु 136.60 के नजदीक 136.45 मीटर पर पहुंच गया है।
तटवर्ती गांव हरसिंहपुर कायस्थ, उगरपुर, तीसराम की मड़ैया, करनपुर घाट, गौटिया, रामप्रसाद नगला, जटपुरा, माखन नगला, कुड़री सारंगपुर, जोगराजपुर, रामपुर के पास पानी पहुंच गया है। खेतों में पानी भरने और कटान होने से ग्रामीण परेशान हैं।
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गांव रामप्रसाद नगला के रास्ते में पानी भरने से ग्रामीणों को आवागमन की दिक्कत होने लगी। शमसाबाद के गांव पैलानी दक्षिण में कटान तेज होने से नसीम का प्रधानमंत्री आवास, अजूबा का घर कटान की चपेट में आने से गिर गया।
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इसी गांव में एक बिजली का पोल, ग्राम समाज की 70 बीघा व ग्रामीण छोटे, नीरज, अंजुम की कुल 30 बीघा जमीन गंगा की तेज धार से कट कर बह गई।
कमालगंज। जंजाली नगला गांव में कटान से पहले लोग अपने मकानों की ईंट, सरिया निकालने में जुटे हैं। किसी जनप्रतिनिधि के समस्या देखने न आने की पीड़ा हर किसी को है।
ग्रामीण सुबोध, रामनिवास, सीताराम, हरीराम, तेजवती, राजेंद्र, शिशुपाल, गौतम, वीरेंद्र, विश्राम, अजीत, अनुज, रामकुमार अपने परिवार के अन्य लोगों के साथ मिलकर मकान तोड़ने में जुटे गए।

कहना है कि अब बिना छत के रहना पड़ेगा। कक्षा 4 में पढ़ने वाली सुधा ने कहा कि उनके भाई-बहन स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं।
गांव निवासी सुरजीत ने बताया कि सरकारी अस्पताल से कोई डॉक्टर नहीं आया। प्राइवेट डॉक्टर रुचि वर्मा ने गांव में लोगों को देखा। उन्होंने दवा व बिस्कुट बांटे। बच्चे व बड़े सतुआ व बिस्कुट खाकर भूख मिटा रहे हैं। पशुओं के लिए भूसा है न बांधने की जगह।
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