फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Ganga bath tomorrow, neither drains closed nor clothes printed

गंगा स्नान कल, न नाले बंद और न वस्त्र छपाई

Wed, 12 Jan 2022 11:31 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jan 2022 11:31 PM IST
विज्ञापन
Ganga bath tomorrow, neither drains closed nor clothes printed
गंगा में जाता माधवपुर के नाले का पानी। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। शासन के निर्देश के बावजूद मुख्य स्नान से दो दिन पहले गंगा में गिरने वाले न तो नाले बंद कराए गए और न ही वस्त्र छपाई कारखाने। कानपुर से आई प्रदूषण विभाग की टीम खानापूरी ही कर कर रही है। बुधवार को माधवपुर, धिवरपुरा नालों का बहाव न तो दूसरी तरफ किया गया और न ही बायोरेमिडिएशन प्लांट शुरू करने की जरूरत समझी गई। इस कारण लाखों गंगा भक्त संक्रमित जल में ही स्नान कर आचमन करने के लिए मजबूर होंगे।
विज्ञापन

14 जनवरी को मकर संक्रांति पर पहला गंगा स्नान है। गंगा में कल्पवासियों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने की मंशा से वस्त्र छपाई कारखानों को बंद करने तथा शहर के नालों को बंद कर गंदे पानी को दूसरी ओर मोड़ने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन बुधवार को न तो माधवपुर नाले का पानी दूसरी तरफ भेजा गया और न ही धिवरपुरा नाले के गंदे पानी को रोकने की व्यवस्था की गई।
विज्ञापन

दोपहर तक गंगा दरवाजा से माधवपुर रोड पर एक छपाई कारखाने में काम होता रहा, मगर प्रदूषण विभाग की टीम को भनक तक नहीं लगी। इससे साफ है कि गंगा भक्तों को प्रदूषित जल में स्नान कर आचमन करना मजबूरी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

मुख्य स्नानों के पांच दिन पहले बंद होने हैं कारखाने
माघ मेला रामनगरिया एवं प्रयागराज में 14 जनवरी को मकर संक्रांति, 17 जनवरी को पौष पूर्णिमा, एक फरवरी को मौनी अमावस्या, पांच फरवरी को बसंत पंचमी, 16 फरवरी को माघी पूर्णिमा और एक मार्च को महाशिवरात्रि पर मुख्य स्नान है। मुख्य स्नानों पर लाखों श्रद्धालु गंगा में स्नान करेंगे। गंगा जल को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने स्नान से पांच दिन पहले उद्योगों और नालों को बंद करने के निर्देश दिए हैं।
माधवपुर कारखाने में होती रही छपाई
गंगा दरवाजा से माधवपुर गांव की ओर सड़क किनारे एक वस्त्र छपाई कारखाने में बुधवार को भी वस्त्र छपाई की जाती रही। मनमानी इतनी कि खुलेआम छत पर कपड़े भी सुखाए जाते रहे। प्रदूषण विभाग के अधिकारियों को छपाई कारखाने चलते नहीं दिखाई दिए।
सधवाड़ा में धड़ल्ले से चल रहे 50 कारखाने
वस्त्र छपाई के लिए मोहल्ला सधवाड़ा प्रसिद्ध है। मोहल्ले में सैकड़ों मकान तीन और चार मंजिल बने हैं। इसमें 50 से अधिक मकान ऐसे हैं, जिनकी दूसरी और तीसरी मंजिल पर वस्त्र छपाई के बड़े कारखाने चल रहे हैं। यहां प्रदूषण विभाग के अधिकारी कभी भी जांच की जरूरत नहीं समझते। लिहाजा बुधवार को भी हजारों लीटर रंगीन पानी नालियों में बहाया जाता रहा।

नालों की टैपिंग करने और बायोरेमिडिएशन प्लांट के लिए नगर पालिका को कई दिन पहले ही लिखा गया था, मगर अभी तक ध्यान नहीं दिया गया। छपाई कारखाने बंद हैं। यदि कोई चल रहा है तो वह जांच कर कार्रवाई करेंगे। -फरेश कुमार, जेई, प्रदूषण बोर्ड कानपुर।

ाधवपुर स्थित छपाई कारखाने में सूखते कपड़े। संवाद

ाधवपुर स्थित छपाई कारखाने में सूखते कपड़े। संवाद- फोटो : FARRUKHABAD

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed