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घटने लगी गंगा और रामगंगा, कटान तेज
farrukhabad
Updated Mon, 28 Aug 2017 07:50 PM IST
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नदी किनारे रखे सामान को हटाते ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। गंगा और रामगंगा का जलस्तर घटने से तराई क्षेत्र के गांवों की मुसीबतें कम नहीं हुई हैं। गंगा का जलस्तर पांच और रामगंगा के जलस्तर में 15 सेंटीमीटर कमी हुई है लेकिन कटान तेज हो गया है। गंगा का जलस्तर अभी भी चेतावनी बिंदु से ऊपर होने के कारण कई गांवों को जाने वाले मार्ग पानी भरे होने के कारण बंद हैं। ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं।
रविवार को गंगा में नरौरा से 194077 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पांच सेंटीमीटर की कमी होने से जलस्तर 136.80 से घटकर 136.75 मीटर पर आ गया है, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से अभी भी 15 सेंटीमीटर ऊपर है। कटरी क्षेत्रों के दो दर्जन गांवों के रास्तों में पानी भरा होने से लोग नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। रामगंगा में 30497 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी की मात्रा कम होने के कारण जलस्तर में कमी होने लगी है। शुक्रवार की शाम तक रामगंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी हुई थी। जो शाम तक 10 से बढ़कर 15 सेंटीमीटर कमी होने से 135.00 मीटर पर पानी पहुंच गया है।
अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार, रामगंगा का जलस्तर कम होने से कटान ने तेजी पकड़ ली है। गांव अलादपुर भटौली और कोलासोता में रामगंगा की धारा से कटान तेजी से होने लगा है। इससे गांव के लोग भयभीत है। गंगा के पानी से घिरे करीब दो दर्जन गांवों में तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक कोई भी राहत सामग्री नहीं बांटी गई।
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सिर्फ तीसराम की मड़ैया में एसडीएम के आदेश पर कोटेदार ने एक बार दस-दस किलोग्राम चावल और एक-एक लीटर केरोसिन बांटी थी। इसके बाद ग्रामीणों की सुध तक नहीं ली गई। एसडीएम वसंत लाल गुप्ता ने बताया कि लेखपाल ऋण माफी योजना के तहत सत्यापन में लगे हैं। इस कारण दिक्कत हो रही है। बाढ़ पीड़ितों की बर्बाद हुई फसल के सत्यापन के बाद उनको मदद दिलाई जाएगी।
लाखों खर्च के बाद भी कटान रोकने की कवायद फेल
अमृतपुर। गांव अलादपुर का कटान रोकने को करीब 24 लाख रुपये से खुदवाया गया नाला अनुपयोगी साबित हुआ। नाले की खुदाई में विभागीय कर्मचारियों ने अनदेखी बरती। उसके परिणामस्वरूप रामगंगा का पानी उसमें जाना शुरू नहीं हुआ और धारा न मुड़ने से गांव अलादपुर भटौली में कटान तेज हो गया। लगातार हो रहे कटान से ग्रामीण भयभीत है।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव अलादपुर भटौली के पास से रामगंगा निकली हुई है। गांव के कटान को रोकने और रामगंगा की धारा को मोड़ने के लिए वर्ष 2016 में नाला खुदाई का काम शुरू कराया गया। शासन से 12 लाख का बजट मिलने के बाद नाला खुदाई का काम बीच में ही रोक दिया गया था। इस साल दोबारा शासन से बजट मांगा गया तो फिर से 12 लाख का बजट मिला। इससे पुन: नाला खुदाई का काम कराया गया। विभागीय कर्मचारियों ने नाला कहीं दो मीटर तो कहीं तीन मीटर चौड़ा खोदा। नाले की किनारों पर कोई काम नहीं किया गया। इस कारण मिट्टी कई जगह धस कर नाले में गिर गई है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने पर उस नाले में पानी भी जाना शुरू नहीं हुआ। इस कारण गांव अलादपुर भटौली का कटान तेजी से हो रहा है। गांव के शिव रतन, बलवीर सिंह, मोरपाल, रणसिंह ने बताया कि धारा मोड़ने को नाला खुदाई में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने अनदेखी बरती है। इस कारण करीब जो भी रुपया लगाया गया। उसका ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला। विभागीय कर्मचारियों ने रुपयों की बर्बादी कर दी है। गांव के कटान की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
क्या कहते जिम्मेदार
धारा मोड़ने को नाला खुदाई का पुराना काम था। शासन से करीब 12 लाख रुपये जो बजट मिला था। पिछली साल भी 12 लाख बजट आया था। उसको नाला खुदाई में खर्च कर दिया है। पानी और बढ़ने पर नाले मेें पानी जाएगा। अभी रामगंगा का जलस्तर काफी कम है।
सुशील कुमार, एक्सईएन सिंचाई
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रविवार को गंगा में नरौरा से 194077 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पांच सेंटीमीटर की कमी होने से जलस्तर 136.80 से घटकर 136.75 मीटर पर आ गया है, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से अभी भी 15 सेंटीमीटर ऊपर है। कटरी क्षेत्रों के दो दर्जन गांवों के रास्तों में पानी भरा होने से लोग नावों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। रामगंगा में 30497 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पानी की मात्रा कम होने के कारण जलस्तर में कमी होने लगी है। शुक्रवार की शाम तक रामगंगा के जलस्तर में 10 सेंटीमीटर की कमी हुई थी। जो शाम तक 10 से बढ़कर 15 सेंटीमीटर कमी होने से 135.00 मीटर पर पानी पहुंच गया है।
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अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार, रामगंगा का जलस्तर कम होने से कटान ने तेजी पकड़ ली है। गांव अलादपुर भटौली और कोलासोता में रामगंगा की धारा से कटान तेजी से होने लगा है। इससे गांव के लोग भयभीत है। गंगा के पानी से घिरे करीब दो दर्जन गांवों में तहसील प्रशासन की ओर से अभी तक कोई भी राहत सामग्री नहीं बांटी गई।
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सिर्फ तीसराम की मड़ैया में एसडीएम के आदेश पर कोटेदार ने एक बार दस-दस किलोग्राम चावल और एक-एक लीटर केरोसिन बांटी थी। इसके बाद ग्रामीणों की सुध तक नहीं ली गई। एसडीएम वसंत लाल गुप्ता ने बताया कि लेखपाल ऋण माफी योजना के तहत सत्यापन में लगे हैं। इस कारण दिक्कत हो रही है। बाढ़ पीड़ितों की बर्बाद हुई फसल के सत्यापन के बाद उनको मदद दिलाई जाएगी।
लाखों खर्च के बाद भी कटान रोकने की कवायद फेल
अमृतपुर। गांव अलादपुर का कटान रोकने को करीब 24 लाख रुपये से खुदवाया गया नाला अनुपयोगी साबित हुआ। नाले की खुदाई में विभागीय कर्मचारियों ने अनदेखी बरती। उसके परिणामस्वरूप रामगंगा का पानी उसमें जाना शुरू नहीं हुआ और धारा न मुड़ने से गांव अलादपुर भटौली में कटान तेज हो गया। लगातार हो रहे कटान से ग्रामीण भयभीत है।
अमृतपुर तहसील क्षेत्र के गांव अलादपुर भटौली के पास से रामगंगा निकली हुई है। गांव के कटान को रोकने और रामगंगा की धारा को मोड़ने के लिए वर्ष 2016 में नाला खुदाई का काम शुरू कराया गया। शासन से 12 लाख का बजट मिलने के बाद नाला खुदाई का काम बीच में ही रोक दिया गया था। इस साल दोबारा शासन से बजट मांगा गया तो फिर से 12 लाख का बजट मिला। इससे पुन: नाला खुदाई का काम कराया गया। विभागीय कर्मचारियों ने नाला कहीं दो मीटर तो कहीं तीन मीटर चौड़ा खोदा। नाले की किनारों पर कोई काम नहीं किया गया। इस कारण मिट्टी कई जगह धस कर नाले में गिर गई है। रामगंगा का जलस्तर बढ़ने पर उस नाले में पानी भी जाना शुरू नहीं हुआ। इस कारण गांव अलादपुर भटौली का कटान तेजी से हो रहा है। गांव के शिव रतन, बलवीर सिंह, मोरपाल, रणसिंह ने बताया कि धारा मोड़ने को नाला खुदाई में सिंचाई विभाग के कर्मचारियों ने अनदेखी बरती है। इस कारण करीब जो भी रुपया लगाया गया। उसका ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिला। विभागीय कर्मचारियों ने रुपयों की बर्बादी कर दी है। गांव के कटान की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
क्या कहते जिम्मेदार
धारा मोड़ने को नाला खुदाई का पुराना काम था। शासन से करीब 12 लाख रुपये जो बजट मिला था। पिछली साल भी 12 लाख बजट आया था। उसको नाला खुदाई में खर्च कर दिया है। पानी और बढ़ने पर नाले मेें पानी जाएगा। अभी रामगंगा का जलस्तर काफी कम है।
सुशील कुमार, एक्सईएन सिंचाई