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छपाई कारखाने से चार बाल श्रमिकों को मुक्त कराया
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फर्रुखाबाद। श्रम प्रवर्तन विभाग की टीम ने शुक्रवार को नायब तहसीलदार के साथ कपड़ा छपाई कारखानों में छापा मारा। इस दौरान एक कारखाने में चार बाल श्रमिक काम करते मिले। उन्हें कार्यमुक्त कराया गया।
शहर के मोहल्ला अंगूूरीबाग में बाल श्रमिकों को मुक्त कराने के लिए श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिवशंकर पाल ने शुक्रवार को नायब तहसीलदार पवन गुप्ता व पुलिस बल के साथ छापा मारा। अधिकारियों की टीम देख कारखानों में खलबली मच गई। कई कारीगर व मालिक मौके से भाग गए। टीम ने राजकुमार साध के कारखाने आरआर प्रिंट में चार बच्चे पैकिंग करते पाए। टीम ने उन्हें मुक्त कराया। चारों बच्चों को बाल कल्याण समिति न्याय पीठ में पेश किया गया। न्यायपीठ के आदेश पर बच्चों का मेडिकल कराया गया। यह बच्चे मोहल्ला कछियाना, साहबगंज, गांव नंदसा व ढाईघाट के निवासी हैं। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संजीव गंगवार ने बताया कि स्पांसरशिप योजना के तहत चारों बच्चों को लाभान्वित किया जाएगा। योजना के तहत बाल श्रम से मुक्त बच्चों को तीन वर्ष तक दो हजार रुपये मासिक मदद की जाती है। वह इसके लिए संस्तुति करेंगे।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिवशंकर पाल ने बताया कि कई कारखानों में छापा मारा गया। आरआर प्रिंट काराखाना पर चार बच्चे काम करते मिलेे। बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया। वह अपनी जांच रिपोर्ट अपर श्रमायुक्त कानपुर क्षेत्र को भेजेंगे। वहां से फर्म को नोटिस जारी होगा। इसके बाद वह फर्म के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराएंगे।
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शहर के मोहल्ला अंगूूरीबाग में बाल श्रमिकों को मुक्त कराने के लिए श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिवशंकर पाल ने शुक्रवार को नायब तहसीलदार पवन गुप्ता व पुलिस बल के साथ छापा मारा। अधिकारियों की टीम देख कारखानों में खलबली मच गई। कई कारीगर व मालिक मौके से भाग गए। टीम ने राजकुमार साध के कारखाने आरआर प्रिंट में चार बच्चे पैकिंग करते पाए। टीम ने उन्हें मुक्त कराया। चारों बच्चों को बाल कल्याण समिति न्याय पीठ में पेश किया गया। न्यायपीठ के आदेश पर बच्चों का मेडिकल कराया गया। यह बच्चे मोहल्ला कछियाना, साहबगंज, गांव नंदसा व ढाईघाट के निवासी हैं। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष संजीव गंगवार ने बताया कि स्पांसरशिप योजना के तहत चारों बच्चों को लाभान्वित किया जाएगा। योजना के तहत बाल श्रम से मुक्त बच्चों को तीन वर्ष तक दो हजार रुपये मासिक मदद की जाती है। वह इसके लिए संस्तुति करेंगे।
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श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिवशंकर पाल ने बताया कि कई कारखानों में छापा मारा गया। आरआर प्रिंट काराखाना पर चार बच्चे काम करते मिलेे। बच्चों को उनके अभिभावकों के सुपुर्द कर दिया गया। वह अपनी जांच रिपोर्ट अपर श्रमायुक्त कानपुर क्षेत्र को भेजेंगे। वहां से फर्म को नोटिस जारी होगा। इसके बाद वह फर्म के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराएंगे।
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