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Farrukhabad News: गोशाला में चार गोवंश मरे, सचिव व प्रधान अनजान
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नवाबगंज। मोहम्मदाबाद ब्लाक क्षेत्र की गोशाला सितवनपुर पिथू में शनिवार को चार गोवंश मर गए। दोपहर तक शव पड़े रहे। शाम तक सचिव व प्रधान को जानकारी नहीं हो सकी। वहीं शमसाबाद क्षेत्र के गांव बघऊ गोशाला में गंदगी के अंबार होने से गोवंश को टिनशेड के बाहर बैठने के लिए सूखी जगह तक नहीं है।
ब्लाक मोहम्मदाबाद क्षेत्र की गोशाला सितवनपुर पिथू में कुल 720 गोवंश संरक्षित हैं। यहां सात टीनेशेड हैं। देखरेख के लिए 11 गोपालक लगाए गए हैं। गोशाला की भूमि पर हरा चारा भी बोया गया है। इसके बावजूद शनिवार दोपहर गोशाला में चार गोवंश के शव पड़े थे। गोबर न उठाए जाने से गोशाला में गंदगी पसरी थी। चरनी के पास पड़े गायों के शवों को गोपालकों ने उठाकर अलग करना भी मुनासिब नहीं समझा। लोहे की जाली टूटी है। एक शेड में कुछ गोवंश खड़े न हो पाने से बरसात में भीगते रहते हैं। दूसरी ओर पड़ोसी गांव दुनाया, बांसमई, ममरेजपुर, आसलपुर के ग्रामीणों ने बताया खेतों में घूम रहे अन्ना गोवंशों को घेरकर गोशाला ले जाने पर गोपालक खर्च मांगते हैं। न देने पर गोवंश गोशाला में बंद करने से मना कर देते हैं। पशु चिकित्सक नरेंद्र ने बताया गोवंशों का वैक्सीनेशन हो चुका है। गोशाला में दो गोवंश बीमार थे, जबकि दो काफी कमजोर थे। फिलहाल चार गोवंश मरने की उन्हें जानकारी नहीं दी गई।
सितवनपुर पिथू के प्रधान शेर बहादुर ने बताया कि वह बाहर हैं। गोवंश मरने की संबंध में जानकारी करेंगे। सचिव अवधेश कुमार ने बताया कि उन्हें गोवंश मरने की किसी ने जानकारी नहीं दी।
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कमालगंज। क्षेत्र के गांव सिंधौली स्थित गोशाला में 125 गोवंश हैं। गोशाला की व्यवस्था में सुधार के लिए दूसरी ग्राम पंचायतों से करीब दो लाख रुपये मिल चुके हैं। ग्राम पंचायत बझेरा में 17 बीघा भूमि पर हरा चारा बोया गया था। पर चारा तैयार नहीं हो पाया। वहीं बर्मी कंपोस्ट गड्ढे सूखे पड़े हैं। उनमें केंचुआ नदारद हैं। गड्ढों में कूड़ा पड़ा है। अतिरिक्त भूसा भंडार के लिए टट्टर लगाकर व्यवस्था की गई थी। आंधी-बारिश से ऊपर की पन्नी उड़ गई। ग्राम प्रधान अनिल का कहना है कि ज्यादा बारिश से चारा नहीं निकला, फिर से चारा बोया जाएगा। बर्मी कंपोस्ट के गड्ढों में फिर से केंचुए डलवाए जाएंगे। (संवाद)
शमसाबाद क्षेत्र के गांव बघऊ स्थित गोशाला गंदगी से बजबजा रही है। गोशालों में महीनों से गोबर न उठाए जाने से बारिश में कीचड़ व गंदगी से परिसर भरा पड़ा है। जगह-जगह गोबर के ढेर लगे हैं। गोशाला में कुल 381 गोवंश बताए गए। इनकी देखरेख के लिए चार गोपालक हैं। गोशाला के भंडार कक्ष में करीब 15 क्विंटल भूसा शेष बताया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पर्याप्त भूसा-दाना न मिलने से गोवंश भूखे रहते हैं। हरे चारे के तो दर्शन दुर्लभ हैं। गंदगी के चलते चार गोवंश बीमार चल रहे हैं। सचिव आलोक त्रिवेदी ने बताया कि गोबर बेचकर भूसा खरीदने की तैयारी है। गोपालकों को लगाकर शीघ्र ही सफाई कराई जाएगी। (संवाद)
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ब्लाक मोहम्मदाबाद क्षेत्र की गोशाला सितवनपुर पिथू में कुल 720 गोवंश संरक्षित हैं। यहां सात टीनेशेड हैं। देखरेख के लिए 11 गोपालक लगाए गए हैं। गोशाला की भूमि पर हरा चारा भी बोया गया है। इसके बावजूद शनिवार दोपहर गोशाला में चार गोवंश के शव पड़े थे। गोबर न उठाए जाने से गोशाला में गंदगी पसरी थी। चरनी के पास पड़े गायों के शवों को गोपालकों ने उठाकर अलग करना भी मुनासिब नहीं समझा। लोहे की जाली टूटी है। एक शेड में कुछ गोवंश खड़े न हो पाने से बरसात में भीगते रहते हैं। दूसरी ओर पड़ोसी गांव दुनाया, बांसमई, ममरेजपुर, आसलपुर के ग्रामीणों ने बताया खेतों में घूम रहे अन्ना गोवंशों को घेरकर गोशाला ले जाने पर गोपालक खर्च मांगते हैं। न देने पर गोवंश गोशाला में बंद करने से मना कर देते हैं। पशु चिकित्सक नरेंद्र ने बताया गोवंशों का वैक्सीनेशन हो चुका है। गोशाला में दो गोवंश बीमार थे, जबकि दो काफी कमजोर थे। फिलहाल चार गोवंश मरने की उन्हें जानकारी नहीं दी गई।
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सितवनपुर पिथू के प्रधान शेर बहादुर ने बताया कि वह बाहर हैं। गोवंश मरने की संबंध में जानकारी करेंगे। सचिव अवधेश कुमार ने बताया कि उन्हें गोवंश मरने की किसी ने जानकारी नहीं दी।
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कमालगंज। क्षेत्र के गांव सिंधौली स्थित गोशाला में 125 गोवंश हैं। गोशाला की व्यवस्था में सुधार के लिए दूसरी ग्राम पंचायतों से करीब दो लाख रुपये मिल चुके हैं। ग्राम पंचायत बझेरा में 17 बीघा भूमि पर हरा चारा बोया गया था। पर चारा तैयार नहीं हो पाया। वहीं बर्मी कंपोस्ट गड्ढे सूखे पड़े हैं। उनमें केंचुआ नदारद हैं। गड्ढों में कूड़ा पड़ा है। अतिरिक्त भूसा भंडार के लिए टट्टर लगाकर व्यवस्था की गई थी। आंधी-बारिश से ऊपर की पन्नी उड़ गई। ग्राम प्रधान अनिल का कहना है कि ज्यादा बारिश से चारा नहीं निकला, फिर से चारा बोया जाएगा। बर्मी कंपोस्ट के गड्ढों में फिर से केंचुए डलवाए जाएंगे। (संवाद)
शमसाबाद क्षेत्र के गांव बघऊ स्थित गोशाला गंदगी से बजबजा रही है। गोशालों में महीनों से गोबर न उठाए जाने से बारिश में कीचड़ व गंदगी से परिसर भरा पड़ा है। जगह-जगह गोबर के ढेर लगे हैं। गोशाला में कुल 381 गोवंश बताए गए। इनकी देखरेख के लिए चार गोपालक हैं। गोशाला के भंडार कक्ष में करीब 15 क्विंटल भूसा शेष बताया गया। ग्रामीणों ने बताया कि पर्याप्त भूसा-दाना न मिलने से गोवंश भूखे रहते हैं। हरे चारे के तो दर्शन दुर्लभ हैं। गंदगी के चलते चार गोवंश बीमार चल रहे हैं। सचिव आलोक त्रिवेदी ने बताया कि गोबर बेचकर भूसा खरीदने की तैयारी है। गोपालकों को लगाकर शीघ्र ही सफाई कराई जाएगी। (संवाद)