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जांच के लिए स्टिक नहीं फीडिंग को लैपटाप, चल रहा अभियान
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फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग का गैर संचारी रोग नियंत्रण अभियान कागजों पर ही चल रहा है। जांच के लिए ग्लूको स्टिक नहीं है और न ही मरीजों की फीडिंग के लिए सीएचओ को लैपटॉप दिया जा सका। अभियान की हकीकत की पोल विभाग की व्यवस्थाएं हीं खोल रही हैं।
जिले में गैर संचारी रोगों की रोकथाम व स्क्रीनिंग के लिए एक जून से 30 जून तक अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 30 साल की उम्र पार कर चुके 37 प्रतिशत यानी 92,229 लोगों की जांच का लक्ष्य है। अभियान में आशा व एएनएम गैर संचारी रोग कैंसर, डायबिटीज, टीबी, कुष्ठ आदि रोगियों की पहचान करेंगी।
लक्षणों के आधार पर मरीजों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। अभियान की हकीकत पर नजर डालें तो स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में डायबिटीज की जांच के लिए ग्लूको स्टिक ही नहीं है। इससे शुगर की जांच के नाम खानापूर्ति की जा रही है। फीडिंग की बात करें तो 50 लाख रुपये से 94 लैपटॉप मार्च में खरीदे गए। एनआईसी से जांच के बाद सीएचओ को लैपटॉप वितरण होने थे।
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गुणवत्ता खराब होने से विभाग में अभियान शुरू होने के एक-दो दिन पहले बिना जांच के ही लैपटॉप वितरण की तैयारी कर ली। ‘अमर उजाला’ ने इस खेल को प्रकाशित किया तो वितरण पर ब्रेक लग गया और जांच के इंतजार में अभी भी लैपटॉप स्टोर की शोभा बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर सीएचओ को लैपटॉप न मिलने से अभियान में चिह्नित मरीजों की फीडिंग भी नहीं हो पा रही है।
स्टोर प्रभारी एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि वर्ष 2021-22 व 2022-23 में एनसीडी का बजट न मिलने से ग्लूको स्टिक नहीं खरीदी गई। सीएचसी व पीएचसी पर यदि पुराने स्टॉक में ग्लूको स्टिक होंगी, उन्हीं से काम चल रहा होगा। लैपटॉप की जांच के बाद वितरण किया जाएगा। प्रभारी सीएमओ डॉ. दलवीर सिंह ने बताया कि वह जानकारी करेंगे। अभियान में मरीजों की फीडिंग व शुगर जांच में समस्या आने पर उसका हल कराया जाएगा।
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जिले में गैर संचारी रोगों की रोकथाम व स्क्रीनिंग के लिए एक जून से 30 जून तक अभियान चलाया जा रहा है। इसमें 30 साल की उम्र पार कर चुके 37 प्रतिशत यानी 92,229 लोगों की जांच का लक्ष्य है। अभियान में आशा व एएनएम गैर संचारी रोग कैंसर, डायबिटीज, टीबी, कुष्ठ आदि रोगियों की पहचान करेंगी।
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लक्षणों के आधार पर मरीजों का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड किया जाना है। अभियान की हकीकत पर नजर डालें तो स्वास्थ्य विभाग के स्टोर में डायबिटीज की जांच के लिए ग्लूको स्टिक ही नहीं है। इससे शुगर की जांच के नाम खानापूर्ति की जा रही है। फीडिंग की बात करें तो 50 लाख रुपये से 94 लैपटॉप मार्च में खरीदे गए। एनआईसी से जांच के बाद सीएचओ को लैपटॉप वितरण होने थे।
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गुणवत्ता खराब होने से विभाग में अभियान शुरू होने के एक-दो दिन पहले बिना जांच के ही लैपटॉप वितरण की तैयारी कर ली। ‘अमर उजाला’ ने इस खेल को प्रकाशित किया तो वितरण पर ब्रेक लग गया और जांच के इंतजार में अभी भी लैपटॉप स्टोर की शोभा बढ़ा रहे हैं। दूसरी ओर सीएचओ को लैपटॉप न मिलने से अभियान में चिह्नित मरीजों की फीडिंग भी नहीं हो पा रही है।
स्टोर प्रभारी एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव ने बताया कि वर्ष 2021-22 व 2022-23 में एनसीडी का बजट न मिलने से ग्लूको स्टिक नहीं खरीदी गई। सीएचसी व पीएचसी पर यदि पुराने स्टॉक में ग्लूको स्टिक होंगी, उन्हीं से काम चल रहा होगा। लैपटॉप की जांच के बाद वितरण किया जाएगा। प्रभारी सीएमओ डॉ. दलवीर सिंह ने बताया कि वह जानकारी करेंगे। अभियान में मरीजों की फीडिंग व शुगर जांच में समस्या आने पर उसका हल कराया जाएगा।