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सत्र पूरा, पिछले साल से ज्यादा हुई गन्ने की पिराई
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कायमगंज में चीनी मिल पेराई सत्र समाप्त होने पर बंद क्रेन। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
कायमगंज। गन्ने के अभाव में बार-बार बंद हो रही पेराई को देखते हुए सोमवार शाम अफसरों ने पेराई सत्र का समापन करके मिल को बंद कर दिया। गन्ने की खरीद भी बंद हो गई है। 131 दिन चले सत्र में 14 लाख 14 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई की गई। मिल प्रशासन ने एक लाख 36 हजार 920 क्विंटल चीनी का उत्पादन किया है।
चीनी मिल ने इस पेराई सत्र के समापन के लिए 24 मार्च को पहला नोटिस जारी किया था। किसानों से अपील की थी कि जिन किसानों का गन्ना अवशेष हो, वह बिना पर्ची आपूर्ति कर सकते हैं। इसके बाद एक अप्रैल को दूसरा नोटिस जारी किया। दो अप्रैल को अंतिम नोटिस जारी हुआ। रविवार को दोपहर साढ़े 12 बजे गन्ने के अभाव में पेराई बंद हो गई थी।
इसके बाद कुछ किसानों का गन्ना आया तो तीन घंटे बाद पेराई शुरू कराई गई। रात में तीन बजे फिर बंद हो गई। सोमवार दोपहर तक पेराई बंद रही। इस दौरान कुछ किसान गन्ना लेकर पहुंचे। इसके बाद जीएम किशनलाल ने पेराई सत्र का समापन कर दिया।
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जीएम किशनलाल ने बताया इस सत्र में 14 लाख 14 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इससे एक लाख 36 हजार 920 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। पेराई कार्य बंद होने के बाद भी प्लांट में कुछ चीनी बनना बाकी है। इससे अनुमान है करीब 1200 क्विंटल चीनी और निकल आएगी। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष चीनी की रिकवरी अच्छी हुई है। अनुमान है कि 10 प्रतिशत तक रिकवरी निकली है जो कि कई वर्षों बाद इतनी बेहतर रही है।
डिस्टिलरी में बना 15 लाख लीटर अल्कोहल
जीएम किशनलाल ने बताया कि इस सत्र चीनी मिल की डिस्टिलरी यूनिट 15 जनवरी से चलाई गई थी। इस बीच 15 लाख लीटर अल्कोहल का उत्पादन हुआ है। इसमें से 10 लाख लीटर करीब एक करोड़ का अल्कोहल बेचा जा चुका है। अल्कोहल की कीमत अच्छी मिलने के कारण अभी एथनॉल नहीं बनाया गया। चीनी मिल की यह यूनिट भी अच्छा मुनाफा देगी और चीनी मिल को घाटे से उभारेगी।
बसंतकालीन गन्ने की बुवाई करें किसान
चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी प्रमोद यादव ने कहा कि बसंतकालीन गन्ने की बुवाई का समय चल रहा है। किसानों से अपील है कि वे रोगरहित अगैती प्रजाति के बीज से बुआई करें। ट्रेंच विधि से गन्ने की बोवाई करने से किसानों की उपज में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होगी।
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चीनी मिल ने इस पेराई सत्र के समापन के लिए 24 मार्च को पहला नोटिस जारी किया था। किसानों से अपील की थी कि जिन किसानों का गन्ना अवशेष हो, वह बिना पर्ची आपूर्ति कर सकते हैं। इसके बाद एक अप्रैल को दूसरा नोटिस जारी किया। दो अप्रैल को अंतिम नोटिस जारी हुआ। रविवार को दोपहर साढ़े 12 बजे गन्ने के अभाव में पेराई बंद हो गई थी।
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इसके बाद कुछ किसानों का गन्ना आया तो तीन घंटे बाद पेराई शुरू कराई गई। रात में तीन बजे फिर बंद हो गई। सोमवार दोपहर तक पेराई बंद रही। इस दौरान कुछ किसान गन्ना लेकर पहुंचे। इसके बाद जीएम किशनलाल ने पेराई सत्र का समापन कर दिया।
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जीएम किशनलाल ने बताया इस सत्र में 14 लाख 14 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई है। इससे एक लाख 36 हजार 920 क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ है। पेराई कार्य बंद होने के बाद भी प्लांट में कुछ चीनी बनना बाकी है। इससे अनुमान है करीब 1200 क्विंटल चीनी और निकल आएगी। पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष चीनी की रिकवरी अच्छी हुई है। अनुमान है कि 10 प्रतिशत तक रिकवरी निकली है जो कि कई वर्षों बाद इतनी बेहतर रही है।
डिस्टिलरी में बना 15 लाख लीटर अल्कोहल
जीएम किशनलाल ने बताया कि इस सत्र चीनी मिल की डिस्टिलरी यूनिट 15 जनवरी से चलाई गई थी। इस बीच 15 लाख लीटर अल्कोहल का उत्पादन हुआ है। इसमें से 10 लाख लीटर करीब एक करोड़ का अल्कोहल बेचा जा चुका है। अल्कोहल की कीमत अच्छी मिलने के कारण अभी एथनॉल नहीं बनाया गया। चीनी मिल की यह यूनिट भी अच्छा मुनाफा देगी और चीनी मिल को घाटे से उभारेगी।
बसंतकालीन गन्ने की बुवाई करें किसान
चीनी मिल के मुख्य गन्ना अधिकारी प्रमोद यादव ने कहा कि बसंतकालीन गन्ने की बुवाई का समय चल रहा है। किसानों से अपील है कि वे रोगरहित अगैती प्रजाति के बीज से बुआई करें। ट्रेंच विधि से गन्ने की बोवाई करने से किसानों की उपज में 40 प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी होगी।