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10 दिन बाद भी चार्ज न देने पर तत्कालीन पेशकार निलंबित
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अमृतपुर। जिलाधिकारी ने मानवेंद्र सिंह बुधवार को अमृतपुर तहसील का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पेशकार कौशलेंद्र मिश्रा से मिसल बंद रजिस्टर मांगा। इस पर कौशलेंद्र ने उन्हें बताया कि पूर्व में तैनात पेशकार शिशुपाल ने 18 सितंबर से अभी तक उन्हें चार्ज नहीं दिया है। इससे मिसल बंद रजिस्टर की उन्हें जानकारी नहीं है। 10 दिन बाद भी चार्ज नहीं देने से नाराज जिलाधिकारी ने शिशुपाल को निलंबित कर दिया। 68 ग्रामीणों के नाम फर्जी पट्टा होने के मामले में उन्होंने जिम्मेदारों से बंद कमरे में गहनता से पूछताछ की।
उन्होंने गांव सबलपुर में हुए 68 ग्रामीणों के फर्जी पट्टे के संबंध में रिकार्ड भी देखे। वहीं, तहसील परिसर में बन रहे न्यायालय का भी निरीक्षण किया। काम की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता महेंद्र कुमार को एक सप्ताह में निर्माण कार्य पूर्ण करने निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने फर्जी पट्टे के मामले में जांच के घेेरे में चल रहे रजिस्ट्रार कानूनगो कन्हैयालाल से एसडीएम कार्यालय में आर-6 रजिस्टर गायब होने के संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा कि तत्कालीन एसडीएम ने अपने कक्ष में मंगवा लिया था। क्षेत्रीय कानूनगो महेंद्र पांडेय ने प्रकरण की जानकारी से ही इनकार कर दिया।
जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। विदित है कि तत्कालीन पेशकार शिशुपाल फर्जी पट्टा प्रकरण के बाद 18 सितंबर से जिला मुख्यालय से संबद्ध चल रहे हैं।
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उन्होंने गांव सबलपुर में हुए 68 ग्रामीणों के फर्जी पट्टे के संबंध में रिकार्ड भी देखे। वहीं, तहसील परिसर में बन रहे न्यायालय का भी निरीक्षण किया। काम की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता महेंद्र कुमार को एक सप्ताह में निर्माण कार्य पूर्ण करने निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने फर्जी पट्टे के मामले में जांच के घेेरे में चल रहे रजिस्ट्रार कानूनगो कन्हैयालाल से एसडीएम कार्यालय में आर-6 रजिस्टर गायब होने के संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा कि तत्कालीन एसडीएम ने अपने कक्ष में मंगवा लिया था। क्षेत्रीय कानूनगो महेंद्र पांडेय ने प्रकरण की जानकारी से ही इनकार कर दिया।
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जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। विदित है कि तत्कालीन पेशकार शिशुपाल फर्जी पट्टा प्रकरण के बाद 18 सितंबर से जिला मुख्यालय से संबद्ध चल रहे हैं।
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