{"_id":"6148d5258ebc3e3ee7760f16","slug":"farrukhabad-news-farrukhabad-news-knp65340431","type":"story","status":"publish","title_hn":"धक्के खाने के बाद बन रहे मरीजों के पर्चे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धक्के खाने के बाद बन रहे मरीजों के पर्चे
विज्ञापन
लोहिया अस्पताल की ओपीडी में पर्चा काउंटर पर लगी भीड़। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। मौसमी बीमारियों के कारण लोहिया अस्पताल में मरीजों की भीड़ लग रही है। पर्चा बनवाने की लाइन में लंबी लाइनें के कारण धक्का मुक्की होती है। घंटे, डेढ़ घंटे लाइन लगाने के बाद नंबर आ पाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और बच्चे लेकर आने वाली महिलाओं को होती है।
बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। लोहिया अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 770 मरीजों ने पर्चा बनवाए। इनमें सबसे ज्यादा मरीज फिजीशियन और आर्थो के थे। मरीजों को एक पर्चा बनवाने के लिए घंटों धक्के खाने पड़े। नेकपुर खुर्द से आईं बुजुर्ग रामवती ने बताया कि वह करीब एक घंटे से लाइन में पीछे लगी थीं। जब नंबर आता नहीं दिखा, तो वह आगे पहुंच गईं। उस वक्त पर्चा बनवाने वाली खिड़की में चार महिलाओं के हाथ घुसे थे। पांचवीं बुजुर्ग महिला ने भी पर्चा बनवाने का प्रयास किया, तो अन्य महिलाओं ने विवाद शुरू कर दिया। काफी देर तक जब बहस होती रही, तो अस्पताल के कर्मचारियों ने महिलाओं को शांत किया।
लाइनों में कई महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर पर्चा बनवाने के प्रयास में लगी रहीं। पर्चा काउंटरों पर धक्का-मुक्की के चलते अव्यवस्थाएं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि पर्चा काउंटर पर मरीजों को दिक्कत न हो, इसके लिए शीघ्र ही सुधार किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। लोहिया अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को 770 मरीजों ने पर्चा बनवाए। इनमें सबसे ज्यादा मरीज फिजीशियन और आर्थो के थे। मरीजों को एक पर्चा बनवाने के लिए घंटों धक्के खाने पड़े। नेकपुर खुर्द से आईं बुजुर्ग रामवती ने बताया कि वह करीब एक घंटे से लाइन में पीछे लगी थीं। जब नंबर आता नहीं दिखा, तो वह आगे पहुंच गईं। उस वक्त पर्चा बनवाने वाली खिड़की में चार महिलाओं के हाथ घुसे थे। पांचवीं बुजुर्ग महिला ने भी पर्चा बनवाने का प्रयास किया, तो अन्य महिलाओं ने विवाद शुरू कर दिया। काफी देर तक जब बहस होती रही, तो अस्पताल के कर्मचारियों ने महिलाओं को शांत किया।
विज्ञापन
लाइनों में कई महिलाएं बच्चों को गोद में लेकर पर्चा बनवाने के प्रयास में लगी रहीं। पर्चा काउंटरों पर धक्का-मुक्की के चलते अव्यवस्थाएं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त ने बताया कि पर्चा काउंटर पर मरीजों को दिक्कत न हो, इसके लिए शीघ्र ही सुधार किया जाएगा।
विज्ञापन