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1.25 करोड़ के घोटाले में नौ मदरसा संचालकों पर होगी एफआईआर
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फर्रुखाबाद। जनपद के 33 मदरसा संचालकों ने बिना छात्रावास के 1536 छात्रों के नाम छात्रवृत्ति आहरित कर ली थी। शासन के आदेश पर जिलाधिकारी ने मामले की जांच कराई। इसमें एक करोड़ 25 लाख के गबन का मामला पकड़ा गया। छात्रों के बजाय मदरसा संचालकों ने ही धनराशि आहरित कर ली। जांच में फंसे नौ मदरसा संचालकों के खिलाफ जिलाधिकारी ने एफआईआर कराने के साथ रिकवरी कराने के आदेश दिए हैं।
मदरसों में फर्जी पंजीकरण के जरिए छात्रवृत्ति का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। कई मदरसे तो बिना संचालन के ही छात्रवृत्ति का खेल कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2018 में बिना छात्रावास के 33 मदरसों ने हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित कर ली थी। आनलाइन हुए छात्रवृत्ति आवेेदन में जिम्मेदारों ने खुद को फंसता देख मदरसा संचालकों को नोटिस जारी किए। हालांकि रिकवरी नहीं हो सकी। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी दिसंबर में यहां आए तो उनके सामने मामला उठाया गया। इस पर उन्होंने शासन स्तर से जांच कराने का आश्वासन दिया था। शासन के आदेश पर जिलाधिकारी ने मदरसों की जांच कराई। इसमें नौ मदरसों में एक करोड़ 25 लाख के गबन की पुष्टि हुई। जांच में छात्रों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों के खाते से धनराशि निकाली गई। जांच रिपोर्ट मिलते ही जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मदरसा संचालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने व संबंधित संस्थाओं से धनराशि रिकवरी कराने के आदेश दिए।
अशफाक हुसैन सिद्दीकी गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल फर्रुखाबाद, मदरसा गौसिया अजहारूल उलूम निसवां, मदरसा अरबिया मोहम्मद असफाक उलूम जरारी, मदरसा बीबान बेगम अल्पसंख्यक हायर सेकेंडरी बालिका फर्रुखाबाद, मदरसा हबीबुल मेमोरियल्स स्कूल गुलरिया खेड़ा, मदरसा एमएएचएचएस भड़ौसा, मदरसा टीएस मेमोरियल हायर सेकेंडरी सदरियापुर, मदरसा अंजुमन मदीनतुल उलूम फर्रुखाबाद, स्वामी विवेकानंद आदर्श जूनियर हाईस्कूल फर्रुखाबाद छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे हैं।
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151 मदरसों की जांच को समिति गठित
फर्रुखाबाद। जनपद में संचालित 151 मदरसों की जांच के लिए जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कर दी है। समिति में एसडीएम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व संबंधित बीडीओ को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी ने मदरसों की एक माह में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी लगातार जांच की मानीटरिंग करेंगे। एक माह में जांच पूरी होने पर सीडीओ आख्या प्रस्तुत करेंगे। विदित है कि जिले में फर्जी तरीके चल रहे 64 मदरसों की जांच कराई जा रही हैै। इससे अब फर्जीवाड़ा करने वाले मदरसा संचालकों पर संकट के बादल गहरा गए हैं।
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मदरसों में फर्जी पंजीकरण के जरिए छात्रवृत्ति का खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। कई मदरसे तो बिना संचालन के ही छात्रवृत्ति का खेल कर रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2018 में बिना छात्रावास के 33 मदरसों ने हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित कर ली थी। आनलाइन हुए छात्रवृत्ति आवेेदन में जिम्मेदारों ने खुद को फंसता देख मदरसा संचालकों को नोटिस जारी किए। हालांकि रिकवरी नहीं हो सकी। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी दिसंबर में यहां आए तो उनके सामने मामला उठाया गया। इस पर उन्होंने शासन स्तर से जांच कराने का आश्वासन दिया था। शासन के आदेश पर जिलाधिकारी ने मदरसों की जांच कराई। इसमें नौ मदरसों में एक करोड़ 25 लाख के गबन की पुष्टि हुई। जांच में छात्रों को छोड़कर अन्य व्यक्तियों के खाते से धनराशि निकाली गई। जांच रिपोर्ट मिलते ही जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने मदरसा संचालकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने व संबंधित संस्थाओं से धनराशि रिकवरी कराने के आदेश दिए।
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अशफाक हुसैन सिद्दीकी गर्ल्स सेकेंडरी स्कूल फर्रुखाबाद, मदरसा गौसिया अजहारूल उलूम निसवां, मदरसा अरबिया मोहम्मद असफाक उलूम जरारी, मदरसा बीबान बेगम अल्पसंख्यक हायर सेकेंडरी बालिका फर्रुखाबाद, मदरसा हबीबुल मेमोरियल्स स्कूल गुलरिया खेड़ा, मदरसा एमएएचएचएस भड़ौसा, मदरसा टीएस मेमोरियल हायर सेकेंडरी सदरियापुर, मदरसा अंजुमन मदीनतुल उलूम फर्रुखाबाद, स्वामी विवेकानंद आदर्श जूनियर हाईस्कूल फर्रुखाबाद छात्रवृत्ति घोटाले में फंसे हैं।
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151 मदरसों की जांच को समिति गठित
फर्रुखाबाद। जनपद में संचालित 151 मदरसों की जांच के लिए जिलाधिकारी ने जांच समिति गठित कर दी है। समिति में एसडीएम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व संबंधित बीडीओ को शामिल किया गया है। जिलाधिकारी ने मदरसों की एक माह में जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी लगातार जांच की मानीटरिंग करेंगे। एक माह में जांच पूरी होने पर सीडीओ आख्या प्रस्तुत करेंगे। विदित है कि जिले में फर्जी तरीके चल रहे 64 मदरसों की जांच कराई जा रही हैै। इससे अब फर्जीवाड़ा करने वाले मदरसा संचालकों पर संकट के बादल गहरा गए हैं।