फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Farrukhabad: 731 school officials forgot, did not see Surat for six months

फर्रुखाबाद : 731 स्कूल भूले अफसर, छह माह से नहीं देखी सूरत

Mon, 25 Jul 2022 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 25 Jul 2022 11:52 PM IST
विज्ञापन
Farrukhabad: 731 school officials forgot, did not see Surat for six months
उच्च प्राथमिक विद्यालय काजम खां में बंद पड़ा शौचालय। संवाद - फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। बेसिक शिक्षा विभाग के 1576 स्कूलों में से 731 स्कूलों को अधिकारी भूल गए हैं। इन स्कूलों में छह माह से किसी भी अधिकारी ने जाने की जहमत नहीं उठाई। राज्य परियोजना निदेशक ने नाराजगी जताते हुए ऐसे स्कूलों की सूची जारी कर बीएएस को व्यवस्थाएं सुधारने की चेतावनी दी है।
विज्ञापन

बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में समय से शिक्षक आने, वहां की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रत्येक माह स्कूलों का निरीक्षण होता है। इसकी रिपोर्ट प्रेरणा पोर्टल पर अपलोड की जाती है। निरीक्षण के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम गठित कर स्कूलों का लक्ष्य आवंटित किया है। इसके बावजूद जिले के 1576 स्कूलों में से 731 स्कूलों की छह माह से कोई अधिकारी सूरत देखने नहीं गया। राज्य परियोजना निदेशक ने इन स्कूलों की सूची जारी की है।
विज्ञापन

सड़क किनारे और नजदीक वाले 845 में लक्ष्य के आधार पर अधिकारी निरीक्षण कर रहे हैं। राज्य परियोजना निदेशक/स्कूल शिक्षा महानिदेशक विजय किरन आनंद ने निरीक्षण न करने के पीछे अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों से खेल किए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने बीएसए को चेतावनी देकर सभी स्कूलों का निरीक्षण कराने का आदेश दिया है। बीएसए लालजी यादव ने बताया कि निरीक्षण न होने वाले स्कूलों की संख्या की रिपोर्ट आई है। स्कूलों की सूची आने पर वहां निरीक्षण कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

क्षेत्र में ऐसे नौ विद्यालय हैं, जिन्हें विभागीय अधिकारी लंबे समय से भूले हुए हैं। कुछ दिन पूर्व राज्य परियेेजना निदेशक कार्यालय लखनऊ से निरीक्षण न होने की रिपोर्ट आने पर अधिकारियों को स्कूलों की याद आई। खंड शिक्षा अधिकारी ने कुछ स्कूलों का निरीक्षण किया। कायमगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय बगिया, बजरिया रामलला, पृथ्वी दरवाजा, पूर्व माध्यमिक विद्यालय काजम खान, प्राथमिक विद्यालय सदबाड़ा, गंगादरवाजा, कंपोजिट विद्यालय कन्या पाठक और कंपिल क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कन्या और प्राथमिक विद्यालय कंपिल का लंबे समय से किसी अधिकारी ने निरीक्षण नहीं किया। कुछ दिन पूर्व राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ से सूची आने के बाद बीईओ कायमगंज को स्कूलों की याद आई और कुछ स्कूलों का निरीक्षण कर डाला। (संवाद)
उच्च प्राथमिक विद्यालय काजम खां के इंचार्ज प्रधानाध्यापक विनोद कुमार के पास नगर क्षेत्र के नौ विद्यालयों का चार्ज है। इस विद्यालय को कोई अधिकारी लंबे समय से देखने तक नहीं आया। सोमवार को विद्यालय में प्रभारी प्रधानाध्यापक मिले। उन्होंने बताया एक शिक्षामित्र अलका कुमारी हैं। पंजीकृत 52 बच्चों में 30 आए हैं। पढ़ाई शिक्षामित्र के सहारे चल रही है। स्कूल के शौचालय बदहाल हैं। पानी का इंतजाम, हैंड वाशिंग यूनिट जीर्ण शीर्ण है। हैंडपंप में सबमर्सिबल लगा है, लेकिन बिजली का कनेक्शन नहीं है। बीईओ राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने दो जुलाई को निरीक्षण किया था। (संवाद)

प्राथमिक विद्यालय बजरिया रामलाल में प्रभारी प्रधानाध्यापक सोमवार को नहीं आए। शिक्षामित्र शिरीष कुमार थे। उन्होंने बताया कि 160 पंजीकृत बच्चों में से 95 आए हैं। 1955 से यह विद्यालय किराए के भवन में चल रहा है। स्कूल में न शौचालय, न ही कोई पानी का इंतजाम है। पीने के पानी के लिए भवन मालिक के घर से एक पाइप लगा रखा है। दो कक्ष हैं, उसमें से एक में टूटी कुर्सियां और अन्य कबाड़ भरा है। दूसरे में मिड-डे-मील के बर्तन आदि सामान रखा है। बच्चों को कभी बरामदे में तो कभी पेड़ के नीचे बैठाकर पढ़ाते हैं। इस विद्यालय का नगर शिक्षा अधिकारी रही यासमीन रहमान ने निरीक्षण किया था। इसके बाद कोई निरीक्षण करने नहीं गया। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed