{"_id":"62effaf35f54367f7b170429","slug":"farrukhabad-1-05-lakh-cusecs-of-water-released-in-ganga-farrukhabad-news-knp7117602186","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्रुखाबाद : गंगा में छोड़ा गया 1.05 लाख क्यूसेक पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्रुखाबाद : गंगा में छोड़ा गया 1.05 लाख क्यूसेक पानी
विज्ञापन
गांव कुडरी सारंगपुर में कटान करती गंगा। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर दो दिन से घटने के साथ रविवार को नरौरा बांध से 1.05 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे तेजी से जलस्तर बढ़ने के आसार हैं। रविवार को गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु से 15 सेंटीमीटर नीचे आने से कटान तेज हो गया है।
नरौरा बांध से पानी कम-ज्यादा छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर भी घट-बढ़ रहा है। रविवार को नरौरा बांध से एक लाख पांच हजार 633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जो अब तक का सर्वाधिक है। इससे सोमवार को जलस्तर तेजी से बढ़ने के आसार हैं। गंगा का जलस्तर 136.55 मीटर से 10 सेमी घटकर 136.45 मीटर पर आ गया है, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 15 सेमी नीचे है।
पानी कम होने से कई गांव के पास कटान होने लगा है। गांव कंचनपुर सबलपुर, सुंदरपुर के पास किसानों के अलावा सरकारी जमीन गंगा में समा रही है। गांव करनपुर घाट में कटान होने से ग्रामीण परेशान हैं। वह अपनी-अपनी झोपड़ी ऊंचे स्थान पर ले जा रहे हैं।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग द्वारा कटान को रोकने के लिए बल्ली पहुंचाई गई हैं। लेकिन काम शुरू नहीं हो सका है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियन्ता दुर्ण कुमार ने बताया कि नरौरा से श्रमिक नहीं आ पाए हैं। इससे काम में देरी हो रही है। सोमवार को श्रमिक आने पर काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
नरौरा बांध से पानी कम-ज्यादा छोड़े जाने से गंगा का जलस्तर भी घट-बढ़ रहा है। रविवार को नरौरा बांध से एक लाख पांच हजार 633 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जो अब तक का सर्वाधिक है। इससे सोमवार को जलस्तर तेजी से बढ़ने के आसार हैं। गंगा का जलस्तर 136.55 मीटर से 10 सेमी घटकर 136.45 मीटर पर आ गया है, जो चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 15 सेमी नीचे है।
विज्ञापन
पानी कम होने से कई गांव के पास कटान होने लगा है। गांव कंचनपुर सबलपुर, सुंदरपुर के पास किसानों के अलावा सरकारी जमीन गंगा में समा रही है। गांव करनपुर घाट में कटान होने से ग्रामीण परेशान हैं। वह अपनी-अपनी झोपड़ी ऊंचे स्थान पर ले जा रहे हैं।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग द्वारा कटान को रोकने के लिए बल्ली पहुंचाई गई हैं। लेकिन काम शुरू नहीं हो सका है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियन्ता दुर्ण कुमार ने बताया कि नरौरा से श्रमिक नहीं आ पाए हैं। इससे काम में देरी हो रही है। सोमवार को श्रमिक आने पर काम शुरू हो जाएगा।