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Farrukhabad News: 50 हजार किसानों को आलू पर मिलेगा 100 रुपये क्विंटल अनुदान
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फर्रुखाबाद। आलू का भाव रसातल में जाने के बीच सरकार ने किसानों को भंडारित आलू पर बड़ी राहत दी है। अब किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल भंडारण शुल्क पर अनुदान मिलेगा। प्रत्येक किसान को अधिकतम 200 क्विंटल भंडारित आलू पर 20 हजार रुपये तक अनुदान मिलेगा। इसके लिए किसानों को एग्री स्टेक पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। करीब 50 हजार किसानों को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
किसानों ने 42,950 हेक्टेयर में आलू की खेती की थी। आलू भंडारण के लिए 121 शीतगृह हैं, इनमें 1071964.63 मीट्रिक टन क्षमता के सापेक्ष 9,72,812.08 मीट्रिक टन आलू भंडारित किया गया। 31 अगस्त तक मात्र 25.50 प्रतिशत 2,48,067.08 मीट्रिक टन आलू निकाला जा सका। अभी 7,24,745 मीट्रिक टन आलू शीतगृहों में भरा है।
मंदी की मार के चलते किसान व व्यापारी भाव बढ़ने की उम्मीद में आलू नहीं निकाल रहे हैं। 15 सितंबर से खेतों में आलू की बोआई शुरू हो जाती है। नवंबर में बाजार में नया आलू आने में अब दो माह ही शेष हैं। इस अवधि में 75 फीसद आलू निकल पाना काफी मुश्किल है। भाव पर नजर डालें तो शीतगृहों में 400 से 550 रुपये प्रति क्विंंटल आलू बिक रहा है। भंडारण शुल्क व लागत न निकलने से किसान व व्यापारी आलू की निकासी बेहद कम कर रहे हैं। अब शासन से शीतगृहों में किसानों के भंडारित आलू पर अनुदान देने के निर्देश दिए गए हैं।
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पोर्टल पर ऑनलाइन करना होगा पंजीकरण
जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना योजना के तहत किसान दो हेक्टेयर आलू बोने के लिए अनुमन्य हैं। प्रति किसान को 200 क्विंटल तक भंडारण शुल्क पर अनुदान मिलेगा। इसके लिए एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान को पंजीकरण कराना होगा। फार्मर आईडी धारक किसान भी पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान मोबाइल नंबर, आधार की छायाप्रति, बैंक पासबुक की छायाप्रति, कृषक आईडी, भूमि (जिस भूमि पर आलू हुआ, उसका खसरा/खतौनी), कोल्ड स्टोरेज की रसीदें (हस्ताक्षरित भंडार रसीद, कोल्ड स्टोरेज किराया भुगतान रसीद, गेट पास/लाट निकासी रसीद, बोरी गणना/चट्टा रसीद आदि के साथ विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। शीतगृहों में भंडारित आलू के अनुसार करीब 50 हजार किसानों को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।
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किसानों ने 42,950 हेक्टेयर में आलू की खेती की थी। आलू भंडारण के लिए 121 शीतगृह हैं, इनमें 1071964.63 मीट्रिक टन क्षमता के सापेक्ष 9,72,812.08 मीट्रिक टन आलू भंडारित किया गया। 31 अगस्त तक मात्र 25.50 प्रतिशत 2,48,067.08 मीट्रिक टन आलू निकाला जा सका। अभी 7,24,745 मीट्रिक टन आलू शीतगृहों में भरा है।
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मंदी की मार के चलते किसान व व्यापारी भाव बढ़ने की उम्मीद में आलू नहीं निकाल रहे हैं। 15 सितंबर से खेतों में आलू की बोआई शुरू हो जाती है। नवंबर में बाजार में नया आलू आने में अब दो माह ही शेष हैं। इस अवधि में 75 फीसद आलू निकल पाना काफी मुश्किल है। भाव पर नजर डालें तो शीतगृहों में 400 से 550 रुपये प्रति क्विंंटल आलू बिक रहा है। भंडारण शुल्क व लागत न निकलने से किसान व व्यापारी आलू की निकासी बेहद कम कर रहे हैं। अब शासन से शीतगृहों में किसानों के भंडारित आलू पर अनुदान देने के निर्देश दिए गए हैं।
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पोर्टल पर ऑनलाइन करना होगा पंजीकरण
जिला उद्यान अधिकारी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि भामाशाह भाव स्थिरता कोष की स्थापना योजना के तहत किसान दो हेक्टेयर आलू बोने के लिए अनुमन्य हैं। प्रति किसान को 200 क्विंटल तक भंडारण शुल्क पर अनुदान मिलेगा। इसके लिए एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान को पंजीकरण कराना होगा। फार्मर आईडी धारक किसान भी पात्र होंगे। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए किसान मोबाइल नंबर, आधार की छायाप्रति, बैंक पासबुक की छायाप्रति, कृषक आईडी, भूमि (जिस भूमि पर आलू हुआ, उसका खसरा/खतौनी), कोल्ड स्टोरेज की रसीदें (हस्ताक्षरित भंडार रसीद, कोल्ड स्टोरेज किराया भुगतान रसीद, गेट पास/लाट निकासी रसीद, बोरी गणना/चट्टा रसीद आदि के साथ विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। शीतगृहों में भंडारित आलू के अनुसार करीब 50 हजार किसानों को योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है।