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सभी समितियों पर नहीं पहुंची खाद, किसान परेशान
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फर्रुखाबाद/नवाबगंज। शासन व प्रशासन की सख्ती के बावजूद जिले की कई समितियों पर अभी भी खाद की किल्लत कम नहीं हुई है। बफर स्टाक से 917 मीट्रिक टन यूरिया रिलीज होने के बावजूद सभी समितियों पर खाद नहीं पहुंच सकी है। इससे समिति पर खाद न मिल पाने से किसान परेशान हैं। खाद की किल्लत के चलते दुकानदारों को कालाबाजारी का मौका मिल रहा है। नवाबगंज ब्लाक की समितियों में सर्वाधिक खाद की कमी है।
जनपद में कुल 70 सहकारी समितियों में से 54 समिति खाद उपलब्ध कराती हैं। इन दिनों गन्ना, धान व मक्का की फसल में खाद की जरूरत है। इससे यूरिया की मांग भी बढ़ गई। समितियों के साथ प्राइवेट दुकानों पर मनमानी कर खाद की कालाबाजारी की गई। शासन से तीन समितियों सहित 15 दुकानों की जांच के आदेश दिए। इसमें तीन समिति व 6 प्राइवेट दुकानों पर कालाबाजारी की पुष्टि भी हुई। अभी जिले के हालात पूरी तरह नहीं सुधरे हैं।
नवाबगंज साधन सहकारी समिति के सचिव शिवराज सिंह का कहना है कि समिति पर डेढ़ वर्ष से यूरिया नहीं है। गांव भटासा स्थित सहकारी समिति के स्टाक में मात्र 72 बोरी ही शेष बची हैं। सचिव विशुन दयाल का कहना है कि 15 टन यूरिया की डिमांड भेजी है। अभी खाद प्राप्त नहीं हुई। सहकारी समिति कनासी में यूरिया का कई दिनों से स्टाक निल है। सचिव वीर सिंह ने बताया कि 15 टन यूरिया का मांगपत्र भेजा जा चुका है।
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यूरिया मिलने पर वितरण किया जाएगा। सहकारी समिति मई रसीदपुर में मात्र 52 बोरी का स्टाक बचा है। यहां 10 टन का मांग पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई। बबना स्थित सहकारी समिति एक वर्ष से बंद चल रही है। मंझना स्थित पीसीएफ क्रय केंद्र पर भी यूरिया का स्टाक निल चल रहा है। सचिव सुधांशु शुक्ला ने बताया कि 20 टन यूरिया की डिमांड भेजी गई, लेकिन अभी यूरिया प्राप्त नहीं हुई है।
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जनपद में कुल 70 सहकारी समितियों में से 54 समिति खाद उपलब्ध कराती हैं। इन दिनों गन्ना, धान व मक्का की फसल में खाद की जरूरत है। इससे यूरिया की मांग भी बढ़ गई। समितियों के साथ प्राइवेट दुकानों पर मनमानी कर खाद की कालाबाजारी की गई। शासन से तीन समितियों सहित 15 दुकानों की जांच के आदेश दिए। इसमें तीन समिति व 6 प्राइवेट दुकानों पर कालाबाजारी की पुष्टि भी हुई। अभी जिले के हालात पूरी तरह नहीं सुधरे हैं।
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नवाबगंज साधन सहकारी समिति के सचिव शिवराज सिंह का कहना है कि समिति पर डेढ़ वर्ष से यूरिया नहीं है। गांव भटासा स्थित सहकारी समिति के स्टाक में मात्र 72 बोरी ही शेष बची हैं। सचिव विशुन दयाल का कहना है कि 15 टन यूरिया की डिमांड भेजी है। अभी खाद प्राप्त नहीं हुई। सहकारी समिति कनासी में यूरिया का कई दिनों से स्टाक निल है। सचिव वीर सिंह ने बताया कि 15 टन यूरिया का मांगपत्र भेजा जा चुका है।
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यूरिया मिलने पर वितरण किया जाएगा। सहकारी समिति मई रसीदपुर में मात्र 52 बोरी का स्टाक बचा है। यहां 10 टन का मांग पत्र भेजे जाने की जानकारी दी गई। बबना स्थित सहकारी समिति एक वर्ष से बंद चल रही है। मंझना स्थित पीसीएफ क्रय केंद्र पर भी यूरिया का स्टाक निल चल रहा है। सचिव सुधांशु शुक्ला ने बताया कि 20 टन यूरिया की डिमांड भेजी गई, लेकिन अभी यूरिया प्राप्त नहीं हुई है।