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सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष का फर्जी पट़टा निरस्त
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फर्रुखाबाद। सपा के पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय यादव के स्कूल की समिति के नाम से कराया गया फर्जी पट्टा प्रशासन ने निरस्त कर दिया है। गांव सकवाई के 15 अन्य लोगों के नाम फर्जी तरीके से किए गए पट्टे भी खारिज कर दिए गए हैं। पट्टे की भूमि को फिर ऊसर, बंजर और नवीन परती में दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र के सकवाई गांव में नवीन परती, ऊसर और बंजर भूमि के पट्टे कई ग्रामीणों के नाम कर दिए गए थे। तहसीलदार सदर ने फर्जी पट्टे का खेल पकड़कर नवंबर 2020 में एसडीएम सदर और जिलाधिकारी को सूचना दी थी। एसडीएम सदर अनिल कुमार मामले की जांच कराई तो 16 भूखंडों पर पट्टे फर्जी पाए गए।
एक एकड़ से अधिक भूमि सपा पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय यादव के गिरजा देवी शिक्षा प्रसार समिति रखा फतेहगढ़, रामकिशन सिंह और उनके भाई उदयवीर सिंह के नाम दर्ज था। ऊसर की इस भूमि को इन लोगों के नाम दर्ज करने का कोई आदेश रिकार्ड में नहीं मिला। इससे इन लोगों के नाम फर्जी तरीके से किया गया पट्टा निरस्त कर दिया गया है।
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इसके अलावा गांव के लखमीचंद्र व उसके तीन भाई, गोविंद, उसके भाई आनंद व मां बतासो, सुखवासी, रामसेवक, रामस्वरूप, राधेश्याम, गढ़ी मजरा बनकटी निवासी कैलाश कुमारी, रोहिला निवासी अमित कुमार, बृजकिशोर सिंह, बनपोई निवासी वृंदावती पत्नी राजकुमार, लौंगश्री समेत तीन लोग, नगला बीच निवासी कावेरी समेत चार लोग, बाबूराम व उनके भाई, खटा मजरा मौधा निवासी सावित्री देवी, हैदरपुर निवासी सीमा के नाम दर्ज फर्जी प्रविष्टियां भी निरस्त कर दी गई हैं। सभी 16 भूखंडों को ऊसर, बंजर व नवीन परती में दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। कई ग्रामीणों ने भूमि बेच भी दी थी। बिना आदेश भूमि दर्ज करने वाले लेखपाल व अन्य जिम्मेदारों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है।
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मोहम्मदाबाद क्षेत्र के सकवाई गांव में नवीन परती, ऊसर और बंजर भूमि के पट्टे कई ग्रामीणों के नाम कर दिए गए थे। तहसीलदार सदर ने फर्जी पट्टे का खेल पकड़कर नवंबर 2020 में एसडीएम सदर और जिलाधिकारी को सूचना दी थी। एसडीएम सदर अनिल कुमार मामले की जांच कराई तो 16 भूखंडों पर पट्टे फर्जी पाए गए।
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एक एकड़ से अधिक भूमि सपा पूर्व महानगर अध्यक्ष विजय यादव के गिरजा देवी शिक्षा प्रसार समिति रखा फतेहगढ़, रामकिशन सिंह और उनके भाई उदयवीर सिंह के नाम दर्ज था। ऊसर की इस भूमि को इन लोगों के नाम दर्ज करने का कोई आदेश रिकार्ड में नहीं मिला। इससे इन लोगों के नाम फर्जी तरीके से किया गया पट्टा निरस्त कर दिया गया है।
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इसके अलावा गांव के लखमीचंद्र व उसके तीन भाई, गोविंद, उसके भाई आनंद व मां बतासो, सुखवासी, रामसेवक, रामस्वरूप, राधेश्याम, गढ़ी मजरा बनकटी निवासी कैलाश कुमारी, रोहिला निवासी अमित कुमार, बृजकिशोर सिंह, बनपोई निवासी वृंदावती पत्नी राजकुमार, लौंगश्री समेत तीन लोग, नगला बीच निवासी कावेरी समेत चार लोग, बाबूराम व उनके भाई, खटा मजरा मौधा निवासी सावित्री देवी, हैदरपुर निवासी सीमा के नाम दर्ज फर्जी प्रविष्टियां भी निरस्त कर दी गई हैं। सभी 16 भूखंडों को ऊसर, बंजर व नवीन परती में दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। कई ग्रामीणों ने भूमि बेच भी दी थी। बिना आदेश भूमि दर्ज करने वाले लेखपाल व अन्य जिम्मेदारों को चिह्नित करने का काम शुरू कर दिया गया है।