{"_id":"fb4dc8d76f7b695e9bd6c46f5164862a","slug":"expectations-of-welfare-illuminating-ordeal-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठिन परीक्षा से कल्याण की उम्मीदें रोशन ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठिन परीक्षा से कल्याण की उम्मीदें रोशन
ब्यूरो/ अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Fri, 30 Jan 2015 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान भोलेनाथ की जटाओं से निकली गंगा मुक्ति के साधन
विज्ञापन
के साथ जीवन भी प्रदान कर रही हैं। दूसरी काशी के नाम से प्रसिद्ध
फर्रुखाबाद जनपद में रामनगरिया वैदिक संस्कृति और पौराणिक आस्था को समेटे
है।
यहां संत, महात्मा और कल्पवासी माघ मास के पुण्य से लाभान्वित हो रहे हैं। ये लोगों को सामाजिक समरसता का पाठ भी पढ़ा रहे हैं। वैदिक क्षेत्र चरित्र निर्माण पर जोर दे रहा है तो धार्मिक अनुष्ठान परसेवा के प्रति लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
कल्पवासियों की साधना अंतिम दौर में है। जिस तरह लोगों ने भीषण सर्दी में गंगातट पर रहते हुए कठिन परीक्षा दी है, उससे उन्हें कल्याण की पूर्ण आशा है तो वहीं सांस्कृतिक क्षेत्र में कवि सम्मेलन, महिला सम्मेलन के माध्यम से लोगों को जागरूक रहने का संदेश दिया गया। साथ ही कृषकों के लिए आयोजित कृषि गोष्ठी में किसानों को जैविक खादों के प्रयोग करने पर बल दिया गया।
यहां संत, महात्मा और कल्पवासी माघ मास के पुण्य से लाभान्वित हो रहे हैं। ये लोगों को सामाजिक समरसता का पाठ भी पढ़ा रहे हैं। वैदिक क्षेत्र चरित्र निर्माण पर जोर दे रहा है तो धार्मिक अनुष्ठान परसेवा के प्रति लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
कल्पवासियों की साधना अंतिम दौर में है। जिस तरह लोगों ने भीषण सर्दी में गंगातट पर रहते हुए कठिन परीक्षा दी है, उससे उन्हें कल्याण की पूर्ण आशा है तो वहीं सांस्कृतिक क्षेत्र में कवि सम्मेलन, महिला सम्मेलन के माध्यम से लोगों को जागरूक रहने का संदेश दिया गया। साथ ही कृषकों के लिए आयोजित कृषि गोष्ठी में किसानों को जैविक खादों के प्रयोग करने पर बल दिया गया।