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बिजली संकट: डॉक्टर-कर्मी व मरीज बेहाल, एक्सरे बंद
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल दो दिन से बिजली संकट से जूझ रहा है। हालात ऐसे कि बिजली 10 मिनट आती और आधा घंटे गायब हो जाती। वोल्टेज समस्या के चलते शनिवार को एक्सरे मशीन भी नहीं चल सकी। 100 से ज्यादा लोगों को परेशानी हुई। उमस से परेशान डॉक्टर और कर्मचारी भी सीट छोड़ गए। अस्पताल में भर्ती मरीज भी बेहाल रहे।
लोहिया अस्पताल और आवासीय परिसर में क्षमता से अधिक एसी, हीटर, इंडक्शन का लोड होने की वजह से दो दिन से बिजली संकट गहरा गया है। हालात ऐसे हैं कि बिजली चंद देर भी पूरे वोल्टेज के साथ नहीं मिल रही है। हर पल वोल्टेज कम-ज्यादा हो रहे हैं। इससे एसी भी काम नहीं कर रहे। शनिवार को हालात ऐसे हो गए कि 10 मिनट आने के बाद आधा-आधा घंटे के लिए बिजली गुल हो गई। सुबह 11 बजे इमरजेंसी में बिजली गुल होने और मरीजों की भीड़ के चलते उमस से लोग परेशान हो गए। स्थिति यह हो गई कि सीट पर बैठे डॉक्टर और कर्मियों को अंधेरा होने की वजह से उठना पड़ा। वार्डों में भर्ती मरीज बेहाल हो गए। हेल्थ एटीएम में तैनात कर्मी अपने दुपट्टे से हवा करने को मजबूर हो गए।
पूरे अस्पताल की एक साथ बिजली चले जाने के कारण ओपीडी में यूरो सर्जन मेजर डॉ. रोहित तिवारी को भी सीट से उठना पड़ गया। कुछ डॉक्टरों के कमरे में इन्वर्टर होने की वजह से वह मरीजों को देखते रहे। करीब आधा घंटे बाद बिजली आई, तो वोल्टेज समस्या बनी रही। वोल्टेज समस्या होने की वजह से एक्सरे मशीन ने काम करना बंद कर दिया। लिहाजा कर्मचारी बाहर से कुंडी लगाकर चले गए। दुर्घटना, मारपीट में घायल समेत अन्य सौ से अधिक मरीज स्ट्र्रेचर, जमीन व बेंचों पर बैठे इंतजार करते रहे। दोपहर बाद चंद देर ही कुछ मरीजों के एक्सरे किए जा सके।
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पुराने तार, ओवरलोडिंग बनी समस्या, उच्चाधिकारियों से करेंगे बात
सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल के मुख्य तार पुराने हैं। ओवरलोडिंग की वजह से बड़ी समस्या है। कर्मचारी सौ रुपये बिल देकर तीन-तीन एसी, हीटर चला रहे हैं। पहले भी इस पर अंकुश लगाने का प्रयास किया, तो नाराजगी शुरू हो जाती है। समस्या गंभीर है। वह उच्चाधिकारियों से बात करके समस्या का समाधान कराएंगे। मरीजों को परेशानी नहीं होने देंगे।
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लोहिया अस्पताल और आवासीय परिसर में क्षमता से अधिक एसी, हीटर, इंडक्शन का लोड होने की वजह से दो दिन से बिजली संकट गहरा गया है। हालात ऐसे हैं कि बिजली चंद देर भी पूरे वोल्टेज के साथ नहीं मिल रही है। हर पल वोल्टेज कम-ज्यादा हो रहे हैं। इससे एसी भी काम नहीं कर रहे। शनिवार को हालात ऐसे हो गए कि 10 मिनट आने के बाद आधा-आधा घंटे के लिए बिजली गुल हो गई। सुबह 11 बजे इमरजेंसी में बिजली गुल होने और मरीजों की भीड़ के चलते उमस से लोग परेशान हो गए। स्थिति यह हो गई कि सीट पर बैठे डॉक्टर और कर्मियों को अंधेरा होने की वजह से उठना पड़ा। वार्डों में भर्ती मरीज बेहाल हो गए। हेल्थ एटीएम में तैनात कर्मी अपने दुपट्टे से हवा करने को मजबूर हो गए।
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पूरे अस्पताल की एक साथ बिजली चले जाने के कारण ओपीडी में यूरो सर्जन मेजर डॉ. रोहित तिवारी को भी सीट से उठना पड़ गया। कुछ डॉक्टरों के कमरे में इन्वर्टर होने की वजह से वह मरीजों को देखते रहे। करीब आधा घंटे बाद बिजली आई, तो वोल्टेज समस्या बनी रही। वोल्टेज समस्या होने की वजह से एक्सरे मशीन ने काम करना बंद कर दिया। लिहाजा कर्मचारी बाहर से कुंडी लगाकर चले गए। दुर्घटना, मारपीट में घायल समेत अन्य सौ से अधिक मरीज स्ट्र्रेचर, जमीन व बेंचों पर बैठे इंतजार करते रहे। दोपहर बाद चंद देर ही कुछ मरीजों के एक्सरे किए जा सके।
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पुराने तार, ओवरलोडिंग बनी समस्या, उच्चाधिकारियों से करेंगे बात
सीएमएस डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि अस्पताल के मुख्य तार पुराने हैं। ओवरलोडिंग की वजह से बड़ी समस्या है। कर्मचारी सौ रुपये बिल देकर तीन-तीन एसी, हीटर चला रहे हैं। पहले भी इस पर अंकुश लगाने का प्रयास किया, तो नाराजगी शुरू हो जाती है। समस्या गंभीर है। वह उच्चाधिकारियों से बात करके समस्या का समाधान कराएंगे। मरीजों को परेशानी नहीं होने देंगे।