{"_id":"6550ecfb015dadc30d012d39","slug":"doctors-missing-from-hospitals-officials-calls-not-answered-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-5010-2023-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: अस्पतालों से डॉक्टर गायब, अधिकारियों के फोन नहीं उठे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: अस्पतालों से डॉक्टर गायब, अधिकारियों के फोन नहीं उठे
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। शासन के आदेश पर भी दिवाली में स्वास्थ्य विभाग सक्रिय नहीं दिखा। अस्पतालों से डॉक्टर गायब रहे। निगरानी तो दूर की बात, स्वास्थ्य अधिकारियों ने फोन तक रिसीव नहीं किए। आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रगति थम सी गई है।
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर 18 बिंदुओं पर निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि बाहर काम करने वाले लोग त्योहार पर घर आते हैं। इससे उनके आसानी से आयुुष्मान कार्ड बनाए जा सकते हैं। सरकारी अस्पतालों में कितने आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज मिला, इसकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
सीएचसी, पीएचसी व हेल्थ वेलनेस सेंटर सक्रिय रहने, आने वाले मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार व उपचार देने के लिए कहा। कहा कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर डेंगू व बुखार के मरीजों की जांच कर इलाज किया जाए। फिलहाल रविवार को भी इन आदेशों की धज्जियां उड़ती दिखीं। शहर के लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों के चेंबर खाली रहे। यही हाल सीएचसी व पीएचसी का रहा।
विज्ञापन
अधिकतर हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कुछ देर के औपचारिकता की गई। कुछ मरीजों की मानें तो फोन करने पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने काल भी रिसीव नहीं की। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि वह निरीक्षण करने नहीं जा पाए। त्योहार के बाद आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार बढ़ेगी।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण पार्थ सारथी सेन शर्मा ने शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर 18 बिंदुओं पर निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा कि बाहर काम करने वाले लोग त्योहार पर घर आते हैं। इससे उनके आसानी से आयुुष्मान कार्ड बनाए जा सकते हैं। सरकारी अस्पतालों में कितने आयुष्मान कार्ड धारकों को इलाज मिला, इसकी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
सीएचसी, पीएचसी व हेल्थ वेलनेस सेंटर सक्रिय रहने, आने वाले मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार व उपचार देने के लिए कहा। कहा कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों पर डेंगू व बुखार के मरीजों की जांच कर इलाज किया जाए। फिलहाल रविवार को भी इन आदेशों की धज्जियां उड़ती दिखीं। शहर के लोहिया अस्पताल में डॉक्टरों के चेंबर खाली रहे। यही हाल सीएचसी व पीएचसी का रहा।
विज्ञापन
अधिकतर हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कुछ देर के औपचारिकता की गई। कुछ मरीजों की मानें तो फोन करने पर स्वास्थ्य अधिकारियों ने काल भी रिसीव नहीं की। सीएमओ डॉ.अवनींद्र कुमार ने बताया कि वह निरीक्षण करने नहीं जा पाए। त्योहार के बाद आयुष्मान कार्ड बनाने की रफ्तार बढ़ेगी।