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लोक अदालत में 1296 मामलों का निस्तारण
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 14 Mar 2015 10:44 PM IST
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दीवानी न्यायालय में आयोजित मासिक राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत में 1296
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मामलों का निस्तारण किया गया। इसमें भूमि अधिग्रहण, राजस्व व मनरेगा मामलों
के अन्य मामले सुलह समझौते के आधार पर निपटाए गए। इनसे 28,59,670 रुपये
समझौता धनराशि मिली।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में मासिक राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का आयोजन जिला जज राजन चौधरी की अध्यक्षता में हुआ। इसमें सुलह समझौते के आधार पर मुकदमा का निस्तारण किया गया। राजस्व के 180 वाद, चकबंदी के 17 वाद, विरासत के 362 मामले, वैवाहिक के 2, नगर पालिका नामांतरण संबंधी 25 मामलों का निस्तारण किया गया।
उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के 10,35,654 रुपये के तीन प्रमाण पत्रों का मूल्यांकन किया गया। दीवानी के 12 मामलों का निस्तारण कर 12,85,990 रुपये वसूले गए। लघु फौजदारी के 585 मुकदमों का निस्तारण कर 57580 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। अंतिम आख्याओं के 7 मामले निस्तारित कर 96446 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया है।
बैंक के 103 मामलों का निस्तारण कर 387000 रुपये समझौते के आधार पर निस्तारित कर वसूले गए। मासिक मेगा लोक अदालत में 6747 मामले लगाए गए थे। इसमें 1296 का निस्तारण किया गया। इन मामलों के निस्तारण से 2176 लोग लाभांवित हुए। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, बैंक अधिकारी व वकील मौजूद रहे।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को दीवानी न्यायालय परिसर में मासिक राष्ट्रीय मेगा लोक अदालत का आयोजन जिला जज राजन चौधरी की अध्यक्षता में हुआ। इसमें सुलह समझौते के आधार पर मुकदमा का निस्तारण किया गया। राजस्व के 180 वाद, चकबंदी के 17 वाद, विरासत के 362 मामले, वैवाहिक के 2, नगर पालिका नामांतरण संबंधी 25 मामलों का निस्तारण किया गया।
उत्तराधिकार प्रमाण पत्र के 10,35,654 रुपये के तीन प्रमाण पत्रों का मूल्यांकन किया गया। दीवानी के 12 मामलों का निस्तारण कर 12,85,990 रुपये वसूले गए। लघु फौजदारी के 585 मुकदमों का निस्तारण कर 57580 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया। अंतिम आख्याओं के 7 मामले निस्तारित कर 96446 रुपये अर्थदंड वसूल किया गया है।
बैंक के 103 मामलों का निस्तारण कर 387000 रुपये समझौते के आधार पर निस्तारित कर वसूले गए। मासिक मेगा लोक अदालत में 6747 मामले लगाए गए थे। इसमें 1296 का निस्तारण किया गया। इन मामलों के निस्तारण से 2176 लोग लाभांवित हुए। इस दौरान न्यायिक अधिकारी, बैंक अधिकारी व वकील मौजूद रहे।