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Farrukhabad News: डॉक्टर के इंतजार में घंटों भटके दिव्यांग
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फर्रुखाबाद। सीएमओ कार्यालय में सोमवार को लगे दिव्यांग बोर्ड में दोपहर तक डॉक्टर न पहुंचने से निशक्त भटकते रहे। जब डॉक्टर पहुंचे तो पहले परीक्षण कराने के लिए दिव्यांगों में धक्कामुक्की की स्थिति रही।
दिव्यांग बोर्ड के लचर प्रबंधन से प्रत्येक सोमवार को निशक्त उपेक्षित हो रहे हैं। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दिव्यांग सर्दी होने के बावजूद सुबह 10 बजे सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। वहां करीब 11 बजे नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.मेघा सक्सेना पहुंचीं। नेत्र संबंधी 14 दिव्यांगों का परीक्षण कर रिपोर्ट लगाई। इसके बाद चली गईं। सर्वाधिक दिव्यांग हड्डी रोग से संबंधित होने से बोर्ड में भीड़ लगी रही। कई दिव्यांग तो इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौट गए।
करीब 12:45 बजे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषिकांत वर्मा पहुंचे और परीक्षण शुरू किया। जबकि लोहिया अस्पताल में उनके कक्ष में सुुबह से ही दिव्यांग बोर्ड जाने की सूचना चस्पा कर दी गई। फिलहाल हड्डी रोग से संबंधित 85 दिव्यांगों का उन्होंने परीक्षण कर रिपोर्ट लगाई। ईएनटी सर्जन न होने से 12 दिव्यांग कानपुर रेफर किए गए। तीन कार्ड बनाने के साथ 11 आवेदन निरस्त कर दिए गए।
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डॉ.ऋषिकांत वर्मा ने बताया कि दोपहर दो बजे से उनकी इमरजेंसी ड्यूटी होने से वह दिव्यांग बोर्ड में देरी से गए। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि डॉक्टर के देरी से आने के संबंध में वह सीएमओ को अवगत कराएंगे।
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दिव्यांग बोर्ड के लचर प्रबंधन से प्रत्येक सोमवार को निशक्त उपेक्षित हो रहे हैं। प्रमाणपत्र बनवाने के लिए दिव्यांग सर्दी होने के बावजूद सुबह 10 बजे सीएमओ कार्यालय पहुंच गए। वहां करीब 11 बजे नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.मेघा सक्सेना पहुंचीं। नेत्र संबंधी 14 दिव्यांगों का परीक्षण कर रिपोर्ट लगाई। इसके बाद चली गईं। सर्वाधिक दिव्यांग हड्डी रोग से संबंधित होने से बोर्ड में भीड़ लगी रही। कई दिव्यांग तो इंतजार करने के बाद मायूस होकर लौट गए।
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करीब 12:45 बजे हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. ऋषिकांत वर्मा पहुंचे और परीक्षण शुरू किया। जबकि लोहिया अस्पताल में उनके कक्ष में सुुबह से ही दिव्यांग बोर्ड जाने की सूचना चस्पा कर दी गई। फिलहाल हड्डी रोग से संबंधित 85 दिव्यांगों का उन्होंने परीक्षण कर रिपोर्ट लगाई। ईएनटी सर्जन न होने से 12 दिव्यांग कानपुर रेफर किए गए। तीन कार्ड बनाने के साथ 11 आवेदन निरस्त कर दिए गए।
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डॉ.ऋषिकांत वर्मा ने बताया कि दोपहर दो बजे से उनकी इमरजेंसी ड्यूटी होने से वह दिव्यांग बोर्ड में देरी से गए। नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ.उमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि डॉक्टर के देरी से आने के संबंध में वह सीएमओ को अवगत कराएंगे।