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Farrukhabad News: गंगा किनारे गांवों में कटान शुरू, पानी में समाने लगे खेत
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अमृतपुर। गंगा और रामगंगा का जल स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदियों के किनारे बसे गांवों में मकान और खेतों का कटान शुरू हो गया। परकोपाइन डूबने से कटरी के लोगों में दहशत है। गंगा में पांच और रामगंगा में 60 सेमी पानी की वृद्धि हुई है। बैराजों से अधिक पानी छोड़े जाने से दो दिन में जलस्तर अधिक तेजी से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
उत्तराखंड के पहाड़ों में मूसलाधार बारिश से बैराज का जलस्तर बढ़ा है। मंगलवार को गंगा में हरिद्वार से 84,583, बिजनौर से 1,0675 व नरौरा बांध 46,458 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर 135.95 मीटर से बढ़कर 136.00 मीटर पर पहुंच गया। गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। रामगंगा नदी का भी जलस्तर बढ़कर 135.35 मीटर पहुंच गया। खो, हरेली, रामनगर बैराज से 18,980 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लिहाजा अभी और वृद्धि होने की आशंका है।
गांव करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, जोगराजपुर, ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, सुंदरपुर, नगला दुर्गू आदि गांव के किसानों की उपजाऊ भूमि कटने लगी है। करनपुर घाट के ग्रामीण नाव से गंगापार कर पशुओं के लिए कटरी से चारा लेने जाते हैं। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि अभी बाढ़ नहीं आई है। लेखपालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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शमसाबाद में गंगा में पानी का स्तर बढ़ने से समैचीपुर चितार में कटान शुरू हो गया। गांव के कालू, खान मोहम्मद, इंदियाज के मकानों की दीवारें गंगा में समाने लगीं हैं। नईम, इरफान व शान मोहम्मद के चार-चार बीघा खेत कट चुके हैं। पैलानी दक्षिण में नन्हकू, सलीम व रमेश के खेत भी कट रहे हैं। इसके अलावा अचानकपुर, कटरी तौफीक के लोगों में भी दहशत है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ा, तो बाढ़ से दिक्कत शुरू हो जाएगी।
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उत्तराखंड के पहाड़ों में मूसलाधार बारिश से बैराज का जलस्तर बढ़ा है। मंगलवार को गंगा में हरिद्वार से 84,583, बिजनौर से 1,0675 व नरौरा बांध 46,458 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर 135.95 मीटर से बढ़कर 136.00 मीटर पर पहुंच गया। गंगा का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। रामगंगा नदी का भी जलस्तर बढ़कर 135.35 मीटर पहुंच गया। खो, हरेली, रामनगर बैराज से 18,980 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। लिहाजा अभी और वृद्धि होने की आशंका है।
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गांव करनपुर घाट, कुड़री सारंगपुर, जोगराजपुर, ऊगरपुर, हरसिंहपुर कायस्थ, तीसराम की मड़ैया, सुंदरपुर, नगला दुर्गू आदि गांव के किसानों की उपजाऊ भूमि कटने लगी है। करनपुर घाट के ग्रामीण नाव से गंगापार कर पशुओं के लिए कटरी से चारा लेने जाते हैं। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि अभी बाढ़ नहीं आई है। लेखपालों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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शमसाबाद में गंगा में पानी का स्तर बढ़ने से समैचीपुर चितार में कटान शुरू हो गया। गांव के कालू, खान मोहम्मद, इंदियाज के मकानों की दीवारें गंगा में समाने लगीं हैं। नईम, इरफान व शान मोहम्मद के चार-चार बीघा खेत कट चुके हैं। पैलानी दक्षिण में नन्हकू, सलीम व रमेश के खेत भी कट रहे हैं। इसके अलावा अचानकपुर, कटरी तौफीक के लोगों में भी दहशत है। लोगों का कहना है कि यदि इसी तरह जलस्तर बढ़ा, तो बाढ़ से दिक्कत शुरू हो जाएगी।