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मारपीट में घायल युवक की मौत, शव लेकर कोतवाली जा रहे लोगों को पुलिस ने रोका
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सकवाई-गोसरपुर मार्ग पर शव को रोके पुलिस कर्मी व लगी भीड़। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
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मोहम्मदाबाद (फर्रुखाबाद)। मारपीट में घायल युवक की इलाज के दौरान सैफई मेडिकल कालेज में मौत हो गई। पीटने के आरोपियों पर कार्रवाई न होने से क्षुब्ध परिजन व ग्रामीण मंगलवार सुबह शव लेकर कोतवाली जा रहे थे। रास्ते में पुलिस ने उन्हें रोक लिया। परिजनों की पुलिस से नोकझोंक हुई। इस बीच ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगाने का भी प्रयास किया। मुकदमा दर्ज करने का भरोसा मिलने पर तीन घंटे बाद परिजन शव लेकर चले गए। बाद में पुलिस ने मामले को हत्या में तरमीम कर दिया।
कोतवाली क्षेत्र के अवापुखरी गांव निवासी किसान सर्वेश (32) पुत्र छोटेलाल का 14 अगस्त को पानी निकासी के लिए नाली बनाने को लेकर पड़ोसी मिड़ई सिंह व दीवान से विवाद हो गया था। इन लोगों ने सर्वेश व उसकी मां जावित्री देवी को लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया था। इसमें पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर मामले को निपटा दिया था। उधर, सर्वेेश को गंभीर हालत में सैफई रेफर किया गया था। इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।
रात में ही परिजन कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने गए थे। पुलिस ने उनकी एक न सुनी और टरका दिया। इससे गुस्साए परिजन करीब सौ ग्रामीणों के साथ मंगलवार सुबह शव लेकर मोहम्मदाबाद कोतावली जा रहे थे। जानकारी होते ही पुलिस ने सकवाई-गोसरपुर मार्ग पर उन्हें रोक लिया। भीड़ होने से वहां जाम लग गया। परिजनों व पुलिस में खूब नोकझोंक हुई। परिजन आरोपियों को बचाने का पुलिस पर आरोप लगाते रहे।
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इस दौरान ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों को मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। तब कहीं तीन घंटे बाद परिजन शव लेकर वापस घर गए। इधर पुलिस ने एनसीआर को मुकदमे में तरमीम कर दिया। इसमें गांव के मिड़ई लाल, दीवान, बृजपाल, अमित व बृजेश को हत्यारोपी बनाया गया है। कोतवाल राकेश कुमार ने बताया कि सर्वेश का सिर नहीं फटा था। केवल नाक से खून निकल रहा था। इसलिए एनसीआर दर्ज की गई थी। अब इसे हत्या के मुकदमे में तरमीम कर दिया गया है।
पुलिस ने खुद लिखवाई तहरीर - सर्वेश पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। छोटे भाई मुलायम उर्फ रघुनेश ने कहा कि मां जावित्री देवी शिक्षित नहीं हैं। वह भाई सर्वेश को घायल हालत में लेकर कोतवाली गईं थीं। पुलिस ने अपने हिसाब से तहरीर किसी से लिखवाई थी। उसी आधार पर एनसीआर दर्ज कर ली। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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कोतवाली क्षेत्र के अवापुखरी गांव निवासी किसान सर्वेश (32) पुत्र छोटेलाल का 14 अगस्त को पानी निकासी के लिए नाली बनाने को लेकर पड़ोसी मिड़ई सिंह व दीवान से विवाद हो गया था। इन लोगों ने सर्वेश व उसकी मां जावित्री देवी को लाठी-डंडों से पीटकर घायल कर दिया था। इसमें पुलिस ने एनसीआर दर्ज कर मामले को निपटा दिया था। उधर, सर्वेेश को गंभीर हालत में सैफई रेफर किया गया था। इलाज के दौरान सोमवार को उसकी मौत हो गई।
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रात में ही परिजन कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने गए थे। पुलिस ने उनकी एक न सुनी और टरका दिया। इससे गुस्साए परिजन करीब सौ ग्रामीणों के साथ मंगलवार सुबह शव लेकर मोहम्मदाबाद कोतावली जा रहे थे। जानकारी होते ही पुलिस ने सकवाई-गोसरपुर मार्ग पर उन्हें रोक लिया। भीड़ होने से वहां जाम लग गया। परिजनों व पुलिस में खूब नोकझोंक हुई। परिजन आरोपियों को बचाने का पुलिस पर आरोप लगाते रहे।
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इस दौरान ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगाने का प्रयास किया। पुलिस ने परिजनों को मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। तब कहीं तीन घंटे बाद परिजन शव लेकर वापस घर गए। इधर पुलिस ने एनसीआर को मुकदमे में तरमीम कर दिया। इसमें गांव के मिड़ई लाल, दीवान, बृजपाल, अमित व बृजेश को हत्यारोपी बनाया गया है। कोतवाल राकेश कुमार ने बताया कि सर्वेश का सिर नहीं फटा था। केवल नाक से खून निकल रहा था। इसलिए एनसीआर दर्ज की गई थी। अब इसे हत्या के मुकदमे में तरमीम कर दिया गया है।
पुलिस ने खुद लिखवाई तहरीर - सर्वेश पांच भाइयों में तीसरे नंबर का था। छोटे भाई मुलायम उर्फ रघुनेश ने कहा कि मां जावित्री देवी शिक्षित नहीं हैं। वह भाई सर्वेश को घायल हालत में लेकर कोतवाली गईं थीं। पुलिस ने अपने हिसाब से तहरीर किसी से लिखवाई थी। उसी आधार पर एनसीआर दर्ज कर ली। इसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई।