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Farrukhabad News: 50 मकानों पर सैकड़ों टन मलबा गिरने का खतरा
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फर्रुखाबाद। सदर तहसील भवन जिस टीले पर बना है, उसके नीचे रकाबगंज खुर्द मोहल्ले के दो मंजिला करीब 50 मकान हैं। टीला धंसता है, तो इन मकानों पर सैकड़ों टन मलबा गिरने का खतरा है, लिहाजा लोगों में दहशत है। प्रशासनिक अफसरों ने देर रात बस्ती के लोगों को सावधान रहने और किनारे के भवन खाली कराने की बात कही है।
टाउन हॉल पर जिस टीले पर सदर तहसील, नगर पालिका भवन आदि इमारतें बनी हैं, उसके चारों तरफ बस्ती है। तहसील भवन के ठीक नीचे रकाबगंज खुर्द मोहल्ला है। इस टीले के नीचे पुरानी चुंगी मार्ग है। टीले के बीच में 50 से अधिक दो-दो मंजिला इमारतें हैं। इन इमारतों से टीले की ऊंचाई 50 फीट से अधिक बताई जा रही है। अब तहसील भवन में दरारें पड़ने से पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने पाया कि टीले की मिट्टी धंस रही है।
इसीलिए इमारत में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के बाद भवन को खाली कराने से साफ है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में यदि टीला धंसकर भवन गिरता है, तो टीले के नीचे सड़क तक बने भवनों के ऊपर सैकड़ों टन मलबा गिरने से अनहोनी की आशंका है। नीचे की बस्ती को बचाने के लिए देर रात प्रशासनिक अफसरों ने माइक से अनाउंसमेंट कर टीले के ठीक नीचे बने मकानों में रह रहे लोगों को खाली कराने के आदेश दिए हैं।
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मकान के सामने टीले की मिट्टी गिरी
टीले के नीचे बने प्रदीप कुमार के मकान के सामने देर शाम काफी मिट्टी गिरी। प्रदीप ने बताया कि पूरे जीवन की कमाई एकत्रित करके मकान बनाया। अब उसे खाली कराने की बात कही जा रही है। मोहल्ले के आजम खां ने बताया कि प्रशासनिक अफसरों ने मकानों को खाली कराने के लिए कहा है। मोईन कहते हैं कि बमुश्किल मकान बनाकर बच्चों को छत दे सके। अब खाली कराने की बात कही जा रही है। प्रशासन को चाहिए कि कुछ उपाय करे, ताकि उनके सिर से छत न जाए।
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टाउन हॉल पर जिस टीले पर सदर तहसील, नगर पालिका भवन आदि इमारतें बनी हैं, उसके चारों तरफ बस्ती है। तहसील भवन के ठीक नीचे रकाबगंज खुर्द मोहल्ला है। इस टीले के नीचे पुरानी चुंगी मार्ग है। टीले के बीच में 50 से अधिक दो-दो मंजिला इमारतें हैं। इन इमारतों से टीले की ऊंचाई 50 फीट से अधिक बताई जा रही है। अब तहसील भवन में दरारें पड़ने से पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने पाया कि टीले की मिट्टी धंस रही है।
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इसीलिए इमारत में दरारें आनी शुरू हो गई हैं। पीडब्ल्यूडी की रिपोर्ट के बाद भवन को खाली कराने से साफ है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में यदि टीला धंसकर भवन गिरता है, तो टीले के नीचे सड़क तक बने भवनों के ऊपर सैकड़ों टन मलबा गिरने से अनहोनी की आशंका है। नीचे की बस्ती को बचाने के लिए देर रात प्रशासनिक अफसरों ने माइक से अनाउंसमेंट कर टीले के ठीक नीचे बने मकानों में रह रहे लोगों को खाली कराने के आदेश दिए हैं।
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मकान के सामने टीले की मिट्टी गिरी
टीले के नीचे बने प्रदीप कुमार के मकान के सामने देर शाम काफी मिट्टी गिरी। प्रदीप ने बताया कि पूरे जीवन की कमाई एकत्रित करके मकान बनाया। अब उसे खाली कराने की बात कही जा रही है। मोहल्ले के आजम खां ने बताया कि प्रशासनिक अफसरों ने मकानों को खाली कराने के लिए कहा है। मोईन कहते हैं कि बमुश्किल मकान बनाकर बच्चों को छत दे सके। अब खाली कराने की बात कही जा रही है। प्रशासन को चाहिए कि कुछ उपाय करे, ताकि उनके सिर से छत न जाए।