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धमकी देकर स्टांप पर हस्ताक्षर कराने में डब्बन की जमानत मंजूर
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फर्रुखाबाद। जान-माल की धमकी देकर स्टांप पर हस्ताक्षर कराने के मुकदमे में जिला जज ने बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन की जमानत मंजूर कर ली। पुलिस ने आठ मुकदमों का आपराधिक इतिहास पेश किया, लेकिन धमकी देने की कॉल डिटेल कोर्ट को उपलब्ध नहीं कराई।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के सहसापुर निवासी बृजेश कुमार सिंह बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के गांव में ही रहते थे। चार जनवरी 2005 को बसपा नेता के भय के चलते बृजेश परिवार सहित गांव से पलायन कर फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला अपर दुर्गा कालोनी में रहने लगे। 14 सितंबर को बृजेश ने मुख्यमंत्री व एसपी फर्रुखाबाद को बसपा नेता अनुपम दुबे के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
23 सितंबर को सहसापुर निवासी विपिन दुबे दो अज्ञात साथियों के साथ बृजेश के घर पहुंचे। जहां अपने फोन से बृजेश की डब्बन से बात कराई। डब्बन ने बृजेश से गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। विपिन उसके नाम से तीन स्टांप खरीदकर लाए थे। उन पर धमकी देकर हस्ताक्षर करवा लिए।
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24 सितंबर को पुलिस ने बृजेश की तहरीर पर डब्बन, विपिन व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की जांच कर रहे दरोगा ने तीनों स्टांप बरामद नहीं किए और काल डिटेल भी कोर्ट में उपलब्ध नहीं कराई। पुलिस ने डब्बन के आठ आपराधिक मुकदमों की सूची कोर्ट में पेश की।
मुकदमे की सुनवाई कर रहे जिला जज चवन प्रकाश के सामने डब्बन के वकील जितेंद्र सिंह चौहान व सोनू मिश्रा ने दलीलें दीं और पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे लिखने की बात कही। डब्बन के वकील ने अदालत को बताया कि कोई पुराना मुकदमा दर्ज नहीं था। जिला जज ने डब्बन की जमानत मंजूर कर 75-75 हजार रुपये के निजी बंधपत्र व उतनी ही राशि की दो प्रतिभूूतियां जमा करने के आदेश दिए हैं।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली के सहसापुर निवासी बृजेश कुमार सिंह बसपा नेता डॉ. अनुपम दुबे के गांव में ही रहते थे। चार जनवरी 2005 को बसपा नेता के भय के चलते बृजेश परिवार सहित गांव से पलायन कर फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला अपर दुर्गा कालोनी में रहने लगे। 14 सितंबर को बृजेश ने मुख्यमंत्री व एसपी फर्रुखाबाद को बसपा नेता अनुपम दुबे के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
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23 सितंबर को सहसापुर निवासी विपिन दुबे दो अज्ञात साथियों के साथ बृजेश के घर पहुंचे। जहां अपने फोन से बृजेश की डब्बन से बात कराई। डब्बन ने बृजेश से गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। विपिन उसके नाम से तीन स्टांप खरीदकर लाए थे। उन पर धमकी देकर हस्ताक्षर करवा लिए।
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24 सितंबर को पुलिस ने बृजेश की तहरीर पर डब्बन, विपिन व दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे की जांच कर रहे दरोगा ने तीनों स्टांप बरामद नहीं किए और काल डिटेल भी कोर्ट में उपलब्ध नहीं कराई। पुलिस ने डब्बन के आठ आपराधिक मुकदमों की सूची कोर्ट में पेश की।
मुकदमे की सुनवाई कर रहे जिला जज चवन प्रकाश के सामने डब्बन के वकील जितेंद्र सिंह चौहान व सोनू मिश्रा ने दलीलें दीं और पुलिस द्वारा झूठे मुकदमे लिखने की बात कही। डब्बन के वकील ने अदालत को बताया कि कोई पुराना मुकदमा दर्ज नहीं था। जिला जज ने डब्बन की जमानत मंजूर कर 75-75 हजार रुपये के निजी बंधपत्र व उतनी ही राशि की दो प्रतिभूूतियां जमा करने के आदेश दिए हैं।