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गन्ना कटौती का खेल, किसान परेशान

Sun, 08 Feb 2015 11:38 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Sun, 08 Feb 2015 11:38 PM IST
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Cut cane games, farmer upset
चीनी मिल में गन्ने की कटौती का खेल लंबे अरसे से चल रहा है। कटौती मद के
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सवाल का जवाब न तो जीएम और न सीसीओ के पास है। इनका कहना है कि पर्ची पर कटौती लिखने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सूत्रों के अनुसार इस गन्ना कटौती से ही मिल की रिकवरी को पूरा किया जाता है।

चीनी मिल में किसानों के गन्ने को खराब अथवा बासा बताकर कटौती की शिकायतें आम हैं। इसके अलावा भी खेल चल रहा है। बानगी देखें, किसान के गन्ने को केन सुपरवाइजर ने उपयुक्त प्रजाति का साफ और ताजा बताया। कुछ देर बाद ही पर्ची पर लिख दिया कि ट्राली टोकेन पर खड़ी है।  इसमें दो क्विंटल गन्ने की कटौती की जा रही है। एक ओर मिल क्षेत्र में खड़े गन्ने को रिजेक्ट प्रजाति का बताकर 5 रुपया कम पर खरीद कर रही है तो दूसरी ओर केन सुपरवाइजर गन्ने पर

उपयुक्त प्रजाति की मोहर भी लगा रहे हैं। किसान ने डर के कारण नाम बताने से इंकार कर दिया। किसानों का कहना था कि मिल में किसानों का जमकर शोषण किया जा रहा है। उन्हें मिल द्वारा पहले तो पर्ची देर से उपलब्ध कराई जाती है। इसके बाद जब गन्ना लेकर आते हैं तो समय निकल जाने की बात कहकर कटौती की जाती है। मिल यार्ड में अपनी बारी के इंतजार में खड़े किसानों ने बताया कि उन्हें 4-4 दिन तक लाइन में लगना पड़ता है।

पर्ची पर तारीख बढ़वाने के लिए अधिकारियों की मान मनौवल करनी पड़ती  है। गन्ना कटवाना उनकी मजबूरी हो जाता है। क्योंकि वह जिस ट्रैक्टर में गन्ना लेकर आते हैं, उसका भाड़ा ही उनकी कमर तोड़ देता है। इस कारण उन्हें कटौती कटवानी पड़ती है। किसानों का कहना है कि कटौती का खेल लंबे अरसे से चल रहा है।  किसान मजबूरीवश झेलते रहते हैं। किसानों ने बताया कि सेंटरों से आने वाले गन्ने की तौल पहले कराई जाती है। उसके बाद उनका गन्ना लिया जाता है।

छोटे कर्मचारी पर लटका दी तलवार
इस संबंध मेें पूछने पर जीएम डीके सक्सेना ने पहले तो साफ कहा कि इस प्रकार की कोई कटौती नहीं की जा रही है। पर जब उन्हें पर्ची पर केन सुपरवाइजर की लिखावट की जानकारी दी गई तो उन्होंने और मुख्य गन्ना अधिकारी दोनों ने ही कहा कि सुपरवाइजर के खिलाफ चार्जशीट जारी की जाएगी।

जब उनसे पूछा कि कटौती वाला गन्ना किस मद में जाता है तो इसका कोई जवाब नहीं था। वहीं मिल सूत्रों का कहना है कि इस कटौती के गन्ने से ही मिल की रिकवरी को दुरुस्त करने का प्रयास किया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब इस गंभीर खेल की जानकारी सभी को है तो फिर कार्रवाई की गाज मामूली कर्मचारी क्यों झेले।

11 व 12 को बंद रहेगी पेराई  
मिल की द्वितीय सामयिक क्लीनिंग के लिए जीएम ने 11 फरवरी प्रात: 10 बजे से 12 फरवरी तक पेराई कार्य बंद रखने का नोटिस जारी किया है। महाप्रबंधक डीके सक्सेना ने किसानों ने इन 48 घंटों में गन्ने की आपूर्ति मिल में न करने की अपील की है।
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