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गंगा पहुंची चेतावनी बिंदु पार

Sun, 06 Aug 2017 12:00 AM IST
फर्रुखाबाद
फर्रुखाबाद Updated Sun, 06 Aug 2017 12:00 AM IST
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Crossing warning point reached Ganges
कटान रोकने के लिए लगाई गईं बालू भरी बोरियां - फोटो : amar ujala

गंगा नदी का जलस्तर शनिवार को दोपहर बाद चेतावनी बिंदु पार कर गया है। इससे गंगा किनारे बसे गांवों में हड़कंप मचा है। कटान तेज होने से जिला प्रशासन की नींद भी उड़ गई है।

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कलक्ट्रेट परिसर में खुले कंट्रोल रूम में सिंचाई विभाग की ओर से बढ़े जलस्तर की सूचना दी गई है। बताया गया है कि गंगा जल स्तर 136.70 तक पहुंच गया है। चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर पर है। गंगा चेतावनी बिंदु से 10 सेमी ऊपर बह रही है। वहीं शनिवार को फिर 180745 क्यूसेक पानी बांधों से गंगा में छोड़ा गया है। इससे जल स्तर में और बढ़ोतरी होने के आसार हैं। अमृतपुर क्षेत्र के तीसराम की मड़ैया गांव में पूरे दिन मकान तोड़ने का अभियान चला। 
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अमृतपुर प्रतिनिधि के अनुसार तीसराम की मड़ैया में ग्रामीणों ने बोरियों में सामान भरना शुरू कर दिया है। यहां गांव का प्राइमरी स्कूल बंद हो गया है। वहीं पड़ोसी गांव दौंदिया चित्रकूट में बने स्कूल में कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई होती है। बच्चे रास्ते में पानी भर जाने के कारण वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से अभी तक कोई राशन या तेल नहीं उपलब्ध कराया गया है।
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ग्रामीणों के मुताबिक शरणालय में जगह बेहद कम है, जिस कारण वहां नहीं जा रहे हैं। ग्रामीणों के पास पशु, भूसा अनाज समेत घरेलू सामान भी अधिक है। ग्रामीणों का कहना है कि शुक्रवार को उप जिलाधिकारी ने रहने के लिए जगह का इंतजाम कराने का आश्वासन दिया था। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है। उधर उप जिलाधिकारी बसंत का कहना है कि लेखपाल को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। ऊंचाई वाली जगह देखी जा रही है जहां बाढ़ पीड़ितों को बसाया जा सके।

70 साल पहले बसाया गया था गांव
अमृतपुर। ग्रामीण राजपाल, वृजपाल ने बताया कि तीसराम की मड़ैया गांव करीब 70 साल पहले बसाया गया था। तब यहां से गंगा की धारा करीब तीन किमी दूर थी। खेती भरपूर होने से गांव में खुशहाली थी। हर साल कटान होने के कारण खेत गंगा में समाते चले गए। कटान रोकने को ठोस सरकारी इंतजाम नहीं किए गए। अब गांव पर भी खतरा मंडरा रहा है।

मदद को पहुंचने लगे रिश्तेदार
अमृतपुर। बाढ़ प्रभावित गांवों के लोग अब अपने रिश्तेदारों के सामने मदद के लिए हाथ फैला रहे हैं। शनिवार को बलीपुर याकूतगंज निवासी बीडीसी दिनेश चंद्र मदद के लिए रिश्तेदार तीसराम की मड़ैया निवासी वीरेंद्र, वृजपाल, अलवर व रनवीर के घर पहुंचे। मिस्त्री लेकर मकान तुड़वाकर मलबा इकट्ठा कराने में मदद की। जलालाबाद निवासी ओमप्रकाश अपने रिश्तेदार मान सिंह के यहां मदद करने पहुंचे।


पुलिया के पास कटाने रोकने की कवायद शुरू
अमृतपुर। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आने-जाने के लिए कटी के पास कटान रोकने के लिए लोकनिर्माण विभाग ने शनिवार से कवायद शुरू की। ग्रामीण मान सिंह, नरवीर, ने बताया कि लोकनिर्माण विभाग के सहायक अभियंता महिपाल सिंह कर्मचारियों के साथ पहुंचे। कटान वाली पुलिया के पास बोरियों में बालू भरकर डलवाई।


बोले जिम्मेदार
प्रशासन बाढ़ से निपटने को तैयार
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार का कहना है कि गंगा के जल स्तर पर रोजाना नजर रखी जा रही है। बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है। उप जिलाधिकारियों को बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाएगा। उन्हें शासन से मिलने वाली राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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