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ट्रक चालक की गोली मार कर हत्या
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Mon, 09 Mar 2015 11:10 PM IST
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होली के दिन शुक्रवार को हुए विवाद में हमलावरों ने ट्रक चालक की रविवार की
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रात गोली मारकर हत्या दी। हत्या की सूचना पर पहुंची पुलिस ने एक आरोपी को
पकड़ लिया है। मृतक के पिता ने तीन लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना
मेरापुर के गांव संकिसा निवासी अतिराज सिंह कश्यप (32) पुत्र तिलक सिंह
ट्रक चालक था। रविवार को वह ट्रक लेकर घर आया था। ट्रक को घर से कुछ दूरी
पर खड़ा कर दिया था।
इसके बाद वह रात करीब 9 बजे घर लौट रहा था। गोविंद के मकान के पास से गुजरने के दौरान गांव के ही अरुण दीक्षित उर्फ बंटी, अनुज उर्फ करू और शिक्षामित्र कुलदीप दीक्षित उर्फ चिंटू ने उसे घेर लिया। अतिराज ने भागने का प्रयास किया तो इन्हाेंने उसे दौड़ा कर पकड़ लिया। हमलावरों ने अतिराज के पेट में तमंचा सटा कर फायर कर दिया। गोली लगते ही अतिराज लहूलुहान होकर चिल्लाने लगा।
शोर सुन कर अतिराज के पिता तिलक सिंह और चाचा बदन सिंह समेत परिवार के अन्य लोग भी आ गए। अतिराज को लहूलुहान देखकर परिजन उसे ट्रैक्टर से इलाज के लिए सराय अगहत ले जाने लगे। रास्ते में थाना पुलिस की जीप दिखाई दे गई। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और घायल को लोहिया अस्पताल ले जाने को कहा। लोहिया अस्पताल में मौजूद डाक्टर ने अतिराज को मृत घोषित कर दिया। उधर पुलिस ने अनुज उर्फ करू को तमंचा समेत बंदी बना लिया। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के चाचा बदन सिंह ने बताया कि होली के दिन करू शराब पीए था। उसका अतिराज से गालीगलौज और इसके बाद हाथापाई हो गई। उस दिन करू ने जान से मारने की धमकी दी थी। हालांकि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। उन्होंने ने बताया कि इसी रंजिश के चलते करू और उसके साथियों ने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। बदन सिंह ने बताया कि तीनों के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इसके बाद वह रात करीब 9 बजे घर लौट रहा था। गोविंद के मकान के पास से गुजरने के दौरान गांव के ही अरुण दीक्षित उर्फ बंटी, अनुज उर्फ करू और शिक्षामित्र कुलदीप दीक्षित उर्फ चिंटू ने उसे घेर लिया। अतिराज ने भागने का प्रयास किया तो इन्हाेंने उसे दौड़ा कर पकड़ लिया। हमलावरों ने अतिराज के पेट में तमंचा सटा कर फायर कर दिया। गोली लगते ही अतिराज लहूलुहान होकर चिल्लाने लगा।
शोर सुन कर अतिराज के पिता तिलक सिंह और चाचा बदन सिंह समेत परिवार के अन्य लोग भी आ गए। अतिराज को लहूलुहान देखकर परिजन उसे ट्रैक्टर से इलाज के लिए सराय अगहत ले जाने लगे। रास्ते में थाना पुलिस की जीप दिखाई दे गई। पुलिस ने घटना की जानकारी ली और घायल को लोहिया अस्पताल ले जाने को कहा। लोहिया अस्पताल में मौजूद डाक्टर ने अतिराज को मृत घोषित कर दिया। उधर पुलिस ने अनुज उर्फ करू को तमंचा समेत बंदी बना लिया। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के चाचा बदन सिंह ने बताया कि होली के दिन करू शराब पीए था। उसका अतिराज से गालीगलौज और इसके बाद हाथापाई हो गई। उस दिन करू ने जान से मारने की धमकी दी थी। हालांकि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। उन्होंने ने बताया कि इसी रंजिश के चलते करू और उसके साथियों ने बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। बदन सिंह ने बताया कि तीनों के खिलाफ घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है।