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अस्पताल में तीमारदारों का हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Sun, 26 Feb 2017 11:20 PM IST
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अस्पताल में मामले की जानकारी करते सीओ सिटी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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अस्पताल से मरीज की छुट्टी कराने से पहले पैसा जमा करने को लेकर कहासुनी हुई। इसके बाद तीमारदारों ने हंगामा किया। सूचना पर डीएम व एसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाकर मरीज को लोहिया महिला अस्पताल भेजा। यहां से उसे सैफई मेडिकल कालेज के लिए रेफर किया गया। कायमगंज के गांव कुबेरपुर निवासी अवधेश जाटव की पत्नी बीना देवी को प्रसव पीड़ा होने पर 23 फरवरी को कायमगंज सीएचसी से लोहिया महिला अस्पताल लाया गया था। हालत न सुधरने पर महिला को उसी दिन निजी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। 23 की शाम को यहां बीना ने बच्ची को जन्म दिया। अस्पताल में उसकी हालत गंभीर बताकर जच्चा व बच्चा को आईसीयू में रखा गया।
अवधेश का आरोप है कि भर्ती के समय डाक्टर ने बहुत कम पैसों में इलाज का भरोसा दिया था। 25 फरवरी को बीना को दूसरे अस्पताल ले जाने और 21 हजार रुपये जमा करने के बाद छुट्टी करने की बात कही। उसने बताया कि वह पहले ही करीब 40 हजार रुपये खर्च कर चुका था। अब उसके पास तीन हजार रुपये ही हैं। यह सुनकर डाक्टर व स्टाफ कहासुनी करने लगे। तब जैसे तैसे मामला शांत हो गया। उसने बताया कि रविवार की सुबह भी उसने मरीज की छुट्टी करने को कहा तो पहले पैसा जमा करने की बात कही।
इस पर मरीज के तीमारदार भड़क गए और हंगामा करने लगे। सूचना पर सीओ सिटी आलोक सिंह, शहर कोतवाल द्रविड़ सिंह, कादरी गेट चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार, आवास विकास चौकी प्रभारी दिनेश कुमार आ गए। पुलिस ने जैसे तैसे मामले को शांत कर मरीज को बाहर निकलवाया। मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। डा. केएम द्विवेदी ने बताया कि मरीज के तीमारदारों को पैसा न देना पड़े इस लिए यह हंगामा किया। मरीज की काफी हालत खराब थी। उसकी दवा उन्हाेंने खुद दिलाई थी। कोतवाल मरीज को यह कहकर ले गए कि वे अपना पेमेंट कोर्ट में केस करके लें।
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अवधेश का आरोप है कि भर्ती के समय डाक्टर ने बहुत कम पैसों में इलाज का भरोसा दिया था। 25 फरवरी को बीना को दूसरे अस्पताल ले जाने और 21 हजार रुपये जमा करने के बाद छुट्टी करने की बात कही। उसने बताया कि वह पहले ही करीब 40 हजार रुपये खर्च कर चुका था। अब उसके पास तीन हजार रुपये ही हैं। यह सुनकर डाक्टर व स्टाफ कहासुनी करने लगे। तब जैसे तैसे मामला शांत हो गया। उसने बताया कि रविवार की सुबह भी उसने मरीज की छुट्टी करने को कहा तो पहले पैसा जमा करने की बात कही।
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इस पर मरीज के तीमारदार भड़क गए और हंगामा करने लगे। सूचना पर सीओ सिटी आलोक सिंह, शहर कोतवाल द्रविड़ सिंह, कादरी गेट चौकी प्रभारी देवेंद्र कुमार, आवास विकास चौकी प्रभारी दिनेश कुमार आ गए। पुलिस ने जैसे तैसे मामले को शांत कर मरीज को बाहर निकलवाया। मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है। डा. केएम द्विवेदी ने बताया कि मरीज के तीमारदारों को पैसा न देना पड़े इस लिए यह हंगामा किया। मरीज की काफी हालत खराब थी। उसकी दवा उन्हाेंने खुद दिलाई थी। कोतवाल मरीज को यह कहकर ले गए कि वे अपना पेमेंट कोर्ट में केस करके लें।
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