पति, सास और ससुर को 10 साल की कैद
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फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश शिव सिंह यादव ने विवाहिता की हत्या करने के मुकदमे के आरोपी पति, सास और ससुर को दोषी करार कर 10 साल की सजा सुनाई और सात-सात हजार रुपये जुर्माना किया है।हरदोई जिले के थाना हरपालपुर के गांव बूदापुर निवासी रामऔतार ने पुत्री आकांक्षा की शादी मऊदरवाजा थाने के गांव जसमई निवासी अखिलेश के साथ 12 जुलाई 2013 को की थी। शादी के बाद ससुरालियों ने अतिरिक्त दहेज में बाइक की मांगकर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 30 मार्च 2014 को आकांक्षा की फांसी लगने के कारण मौत हो गई।
पिता ने पति अखिलेश, ससुर श्यामा चरन, सास मीरा देवी, जेठ शैलेश, ननद सीता, रीता और गीता के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच पड़ताल कर केवल पति, सास और ससुर के खिलाफ अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने पति, सास और ससुर को दोषी पाकर दहेज हत्या के जुर्म में दस-दस साल की सजा सुनाई। इसी सजा के साथ दहेज उत्पीड़न के जुर्म में दो-दो साल की सजा और पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना और धारा 4 डीपीएक्ट में एक-एक साल की सजा और दो हजार रुपये जुर्माना किया है। ये सजाएं साथ-साथ चलेंगी। जुर्माना अदा न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतने का प्रावधान किया है। तीनों आरोपियों की सजा साथ-साथ चलने के आदेश दिए हैं। वहीं जुर्माने की राशि वसूल होने पर आधा भाग मृतका के पिता रामऔतार को देने का आदेश दिया गया है।