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फर्रुखाबाद में हुए बवाल में पांच नामजद, 250 अज्ञात पर मुकदमा

Fri, 25 Aug 2017 12:27 AM IST
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farrukhabad Updated Fri, 25 Aug 2017 12:27 AM IST
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Five nominations, 250 unidentified lawsuits, held in Farukkhabad
पुलिस के प्रति नाराजगी जताते मृतक कोटेदार राधश्याम के परिवारीजन। - फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद। कंपिल थाना क्षेत्र में बुधवार को कोटेदार की हुई मौत के बाद हुए उपद्रव में गुरुवार को थाने के दरोगा ने पांच लोगों को नामजद और 250 अज्ञात लोगों लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस कप्तान दयानंद मिश्र ने परिजनों व दरोगा की दर्ज कराई रिपोर्ट की विवेचना क्राइम ब्रांच को सौंप दी है।
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कंपिल थाने के दरोगा रामप्रसाद चौधरी की तहरीर के मुताबिक बुधवार कोटेदार का भाई मनोज कुमार समेत पांच लोग अपने साथ 250 लोगों के साथ थाने में घुस आए। उन्होंने पथराव करके दहशत फैलाई। सरकारी गाड़ियों में आग लगाकर उन्हें क्षतिग्रस्त कर दिया। सरकारी संपत्ति में तोड़फोड़ की। सभी लोग थाने के अंदर बने क्वार्टरों में घुस गए।
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वहां रखे सामान की लूटपाट की। इस पर दर्ज मुकदमा संख्या 223/17 में थाने में उपद्रव करने, सरकारी कार्य में बांधा डालने, पुलिस पर हमला करने, लूटपाट व तोड़फोड़ करने के मामले में दर्ज किया गया है। दरोगा का आरोप है कि ह्दय गति रुकने से समाउद्दीन नगर के कोटेदार राधेश्याम शर्मा की मौत हो गई थी। इसके बाद उनके भाई मनोज कुमार तथा अन्य पांच लोगों ने जनता को भड़काया। अवैध असलहे भी लहराए।
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एसपी ने बताया कि विवेचना निष्पक्ष कराए जाने के उद्देश्य से स्थानांतरित की गई है। विवेचना के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कोटेदार राधेश्याम शर्मा की मौत का कारण ह्दय गति रुकना ही सामने आया है। कोटेदार के शरीर पर तीन डॉक्टरों के पैनल से किए गए पोस्टमार्टम में कोई जाहिरा चोट नहीं दिखाई गई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं कोटेदार के परिजन
कंपिल। कोटेदार की मौत के मामले में पुत्र रामगोपाल का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उनका परिवार कतई संतुष्ट नहीं हैं। आरोप है कि प्रशासनिक अफसरों ने इसमें निष्पक्षता नहीं दिखाई। बताया कि थाने में उप जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया था कि थानाध्यक्ष व आरोपी सिपाहियों को जेल भेजेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। फतेहगढ़ में जब शव पोस्टमार्टम हाउस के अंदर गया तो उसने अंदर जाने की कोशिश की। इस पर वहां  मौजूद एसडीएम कायमगंज बृजकिशोर दुबे ने धक्का देकर उसे बाहर निकाल दिया। इसके बाद मनमाने तरीके से पोस्टमार्टम कर रिपोर्ट तैयार की गई। आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उसे धोखे में रखा है। पुलिस अधीक्षक, एसडीएम ने एसओ व दोषी पुलिस कर्मियों को बचाने के लिए पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। उसने सरकार से 20 लाख रुपये की मुआवजा देने की मांग की। कहा कि ऐसा न होने पर वह परिजनों व सहयोगियों के साथ प्रदर्शन करेगा।

सुरक्षा के बीच हुआ अंतिम संस्कार
कंपिल। मृतक कोटेदार का अंतिम संस्कार गुरुवार को कंपिल के गंगा नदी किनारी अटेना घाट पर किया गया। बडे़ बेटे रामगोपाल ने मुखाग्नि दी। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक अमर सिंह, सीओ कायमगंज नरेश कुमार, थानाध्यक्ष ललित कुमार समेत भारी पुलिस फोर्स मौजूद रहा।


बेटी की शादी का खर्च उठाएंगे चेयरमैन
कंपिल। कोटेदार के घर पहुंचे कंपिल चेयरमैन उदयपाल सिंह ने मृतक की बेटी शादी का पूरा खर्च खुद उठाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जब भी परिवारवाले शादी करेंगे तो वह उनकी आर्थिक मदद करेंगे।

 
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