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महिला की मौत पर अस्पताल में तोड़फोड़
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Wed, 10 Jun 2015 11:26 PM IST
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रेफर करने के बाद दूसरे अस्पताल ले जाते समय गर्भवती महिला की मौत हो जाने
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से आक्रोशित परिजनों अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। विरोध करने पर तीन
कर्मचारियों को भी पीट दिया गया। मामले में तीमारदारों के खिलाफ तहरीर दी
गई है। शहर के आवास विकास तिराहा स्थित माया अस्पताल में बुधवार की सुबह
करीब 10.30 बजे कन्नौज जिले के छिबरामऊ कस्बे से
गर्भवती सना को परिवार के लोग लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देख कर उसे यहां से रेफर कर दिया गया। इस पर परिवार के लोग सना पत्नी असलम को आवास विकास कालोनी के ही दूसरे अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन आक्रोशित हो गए। यह हुजूम बनाकर माया अस्पताल जा पहुंचे और तोड़फोड़ करने लगे। इससे अस्पताल में
अफरातफरी मच गई। मरीज भागने लगे। अस्पताल कर्मचारी विकास राठौर, रिषी कठेरिया और सुनील कुशवाहा तोड़फोड़ का विरोध किया। तीमारदारों ने इन कर्मचारियों को भी पीट दिया। इसके बाद आरोपी मौके से चले गए। अस्पताल के डा. सतीश राजपूत ने कोतवाली पुलिस को तीमारदारों के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने बताया कि मरीज की काफी हालत नाजुक थी। उसे
सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। फेफड़ाें में पानी आ गया था। खून की भी काफी कमी थी। इस पर उसे 15 मिनट में रेफर कर दिया। इसके बाद भी मरीज के तीमारदारों ने आकर तोड़फोड़ कर दी। इस घटना में उनका करीब 50 हजार का नुकसान हुआ।
गर्भवती सना को परिवार के लोग लेकर पहुंचे। हालत गंभीर देख कर उसे यहां से रेफर कर दिया गया। इस पर परिवार के लोग सना पत्नी असलम को आवास विकास कालोनी के ही दूसरे अस्पताल में लेकर पहुंचे। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजन आक्रोशित हो गए। यह हुजूम बनाकर माया अस्पताल जा पहुंचे और तोड़फोड़ करने लगे। इससे अस्पताल में
अफरातफरी मच गई। मरीज भागने लगे। अस्पताल कर्मचारी विकास राठौर, रिषी कठेरिया और सुनील कुशवाहा तोड़फोड़ का विरोध किया। तीमारदारों ने इन कर्मचारियों को भी पीट दिया। इसके बाद आरोपी मौके से चले गए। अस्पताल के डा. सतीश राजपूत ने कोतवाली पुलिस को तीमारदारों के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने बताया कि मरीज की काफी हालत नाजुक थी। उसे
सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। फेफड़ाें में पानी आ गया था। खून की भी काफी कमी थी। इस पर उसे 15 मिनट में रेफर कर दिया। इसके बाद भी मरीज के तीमारदारों ने आकर तोड़फोड़ कर दी। इस घटना में उनका करीब 50 हजार का नुकसान हुआ।