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डीसीएम चालक को एक साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Tue, 21 Feb 2017 10:41 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
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अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डीसीएम पलटने से पीएसी जवान की मौत होने के मुकदमे के आरोपी डीसीएम चालक को दोषी पाकर एक साल की सजा सुनाई है। एक हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव तुषौर निवासी रुकमंगल सिंह 16 नवंबर 1993 को पुत्र द्रगपाल के साथ जमीन मुकदमे की पैरवी करने फतेहगढ़ कचहरी आया था। घर जाते समय रास्ते में पुत्र सिकदार सिंह जो 43 वाहिनी पीएसी एटा में तैनात था उसे मिल गया। वह उसके साथ डीसीएम से घर जा रहे थे।
चालक की लापरवाही से चाचूपुर तिराहे से थोड़ी दूर गांव उजरामऊ के पास डीसीएम खंती मेें पलट गई। उसमें बैठे सिकदार सिंह की मौत हो गई थी। रूकमंगल सिंह ने डीसीएम चालक उदयप्रताप सिंह निवासी उजरामऊ थाना राजेपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के बाद एसीजेएम ने चालक को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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फर्रुखाबाद। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतीकउद्दीन ने मारपीट के मुकदमे के तीन आरोपियों को दोषी पाकर दो साल की सजा सुनाई है। 26-26 सौ रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव राजपुर सरायमेदा निवासी सहनुल यकीन ने 17 मई 2001 को कमालगंज थाने में गांव के हुक्कुल यकीन उर्फ सुम्मान, इनके पुत्र मोहम्मद इमरान, इंसाह अल्ला के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि पानी की निकासी को लेकर आरोपियों ने गाली दी।
विरोध करने पर मारपीट कर उसको और उसकी पत्नी को घायल कर दिया। विवेचना के बाद एनसीआर को मुकदमे में तरमीम कर अदालत मेें आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद एसीजेएम ने पिता और दो पुत्रों को दोषी करार दिया। धारा 323 के जुर्म में 1-1 साल की सजा, 600 -600 रुपये जुर्माना किया। धारा 324 आईपीसी के जुर्म में दो-दो साल की सजा सुनाई।
एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 504 में दोषी पाकर एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
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राजेपुर थाना क्षेत्र के गांव तुषौर निवासी रुकमंगल सिंह 16 नवंबर 1993 को पुत्र द्रगपाल के साथ जमीन मुकदमे की पैरवी करने फतेहगढ़ कचहरी आया था। घर जाते समय रास्ते में पुत्र सिकदार सिंह जो 43 वाहिनी पीएसी एटा में तैनात था उसे मिल गया। वह उसके साथ डीसीएम से घर जा रहे थे।
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चालक की लापरवाही से चाचूपुर तिराहे से थोड़ी दूर गांव उजरामऊ के पास डीसीएम खंती मेें पलट गई। उसमें बैठे सिकदार सिंह की मौत हो गई थी। रूकमंगल सिंह ने डीसीएम चालक उदयप्रताप सिंह निवासी उजरामऊ थाना राजेपुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के बाद एसीजेएम ने चालक को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।
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फर्रुखाबाद। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अतीकउद्दीन ने मारपीट के मुकदमे के तीन आरोपियों को दोषी पाकर दो साल की सजा सुनाई है। 26-26 सौ रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
कमालगंज थाना क्षेत्र के गांव राजपुर सरायमेदा निवासी सहनुल यकीन ने 17 मई 2001 को कमालगंज थाने में गांव के हुक्कुल यकीन उर्फ सुम्मान, इनके पुत्र मोहम्मद इमरान, इंसाह अल्ला के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि पानी की निकासी को लेकर आरोपियों ने गाली दी।
विरोध करने पर मारपीट कर उसको और उसकी पत्नी को घायल कर दिया। विवेचना के बाद एनसीआर को मुकदमे में तरमीम कर अदालत मेें आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के बाद एसीजेएम ने पिता और दो पुत्रों को दोषी करार दिया। धारा 323 के जुर्म में 1-1 साल की सजा, 600 -600 रुपये जुर्माना किया। धारा 324 आईपीसी के जुर्म में दो-दो साल की सजा सुनाई।
एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। धारा 504 में दोषी पाकर एक-एक साल की सजा और एक-एक हजार रुपये जुर्माना किया। जुर्माना अदा न करने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।