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Noida News: घरेलू हिंसा की शिकार पीड़िता के मामले में परिवाद दर्ज करने का आदेश
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(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। घरेलू हिंसा की शिकार एक महिला के मामले में अदालत ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
हल्दौनी मोड़ निवासी पीड़िता ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें बताया गया कि करीब 15 महीने पहले वह अपने पति के साथ हापुड़ में रहती थीं। आरोप है कि पति शराब का आदी था और ससुर के उकसाने पर पत्नी के साथ मारपीट करता था। कुछ समय बाद ससुर ने महिला और उसके तीन बच्चों को घर से निकाल दिया, जिसके बाद वह निजी कंपनी में नौकरी कर बच्चों का भरण-पोषण करने लगी। 26 जून की सुबह पति, देवर, ससुर और दो दामाद पीड़िता के घर पहुंचे और सभी ने मिलकर गाली-गलौच व मारपीट की। जिससे महिला को चोटें आईं। पीड़िता जब घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाना ईकोटेक-3 पहुंची, तो पुलिस ने यह कहकर रिपोर्ट लिखने से इनकार कर दिया कि यह घरेलू मामला है और आपस में सुलझा लें। अदालत ने पाया कि मामले में पुलिस विवेचना की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने के लिए कहा है। मामले में अगली सुनवाई 3 अक्तूबर 2026 को निर्धारित की गई है।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। घरेलू हिंसा की शिकार एक महिला के मामले में अदालत ने पीड़िता के प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
हल्दौनी मोड़ निवासी पीड़िता ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। इसमें बताया गया कि करीब 15 महीने पहले वह अपने पति के साथ हापुड़ में रहती थीं। आरोप है कि पति शराब का आदी था और ससुर के उकसाने पर पत्नी के साथ मारपीट करता था। कुछ समय बाद ससुर ने महिला और उसके तीन बच्चों को घर से निकाल दिया, जिसके बाद वह निजी कंपनी में नौकरी कर बच्चों का भरण-पोषण करने लगी। 26 जून की सुबह पति, देवर, ससुर और दो दामाद पीड़िता के घर पहुंचे और सभी ने मिलकर गाली-गलौच व मारपीट की। जिससे महिला को चोटें आईं। पीड़िता जब घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने थाना ईकोटेक-3 पहुंची, तो पुलिस ने यह कहकर रिपोर्ट लिखने से इनकार कर दिया कि यह घरेलू मामला है और आपस में सुलझा लें। अदालत ने पाया कि मामले में पुलिस विवेचना की आवश्यकता प्रतीत नहीं होती। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को परिवाद के रूप में दर्ज करने के लिए कहा है। मामले में अगली सुनवाई 3 अक्तूबर 2026 को निर्धारित की गई है।