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- भवन निर्माण श्रमिकों को बीमारी के इलाज को मिलेंगे तीन हजार रुपये
farrukhabad
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:27 PM IST
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फर्रुखाबाद। महंगाई के इस दौर में सबसे ज्यादा खर्च बीमारी में होता है। छोटी सी बीमारी के इलाज में श्रमिकों को आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ता है। भवन निर्माण श्रमिकों की बीमारी के दौरान मदद करने के लिए सरकार ने चिकित्सा सुविधा योजना शुरू की है।
इस योजना में श्रमिक को तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ पाने के लिए अभी तक जनपद के कुल 3587 श्रमिकों ने हीं आवेदन किया है। श्रम विभाग में जिले के 44,590 श्रमिक पंजीकृत है। इस योजना के अंतर्गत जिन श्रमिकों का पंजीयन श्रम विभाग में है। उनको सरकार की ओर से तीन हजार रुपये बीमारी अथवा चोट लगने पर खर्च के लिए दिए जाएंगे।
यह तीन हजार रुपये की धनराशि उन्हीं निर्माण श्रमिकों को दी जाएगी जो विभाग में पंजीकृत है। यदि पति और पत्नी दोनों श्रम विभाग में पंजीकृत है तो इसका लाभ महिला को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। जिस श्रमिक की शादी नहीं हुई है, उसको दो हजार रुपये मिलेंगे।
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आवेदन कर्ता का राष्ट्रीयकृत बैंक के सीबीएस ब्रांच में खाता होना अनिवार्य है। योजना के तहत मिलने वाली धनराशि उनके खातों में सीधे भेजी जाएगी। जिले में अभी तक 3587 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों ने आवेदन किया है। इनमें से 1456 का सतयापन कर भवन एवं सन्निर्माण कर्मचारी कल्याण बोर्ड को आवेदन भेजा जा चुका है। हालांकि बोर्ड से अभी तक इन आवेदकों के खातों में धनराशि नहीं भेजी है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिव शंकर पाल ने बताया कि चिकित्सा सुविधा योजना से कई लोगों को लाभ मिलेगा। भवन निर्माण कार्य करते समय चोट लगने, खांसी, जुकाम व अन्य छोटी बीमारी के उपचार कराने में आर्थिक संकट को इस योजना से दूर किया जाएगा। अभी जिले के जिन श्रमिकों ने अपने आवेदन बोर्ड को भेजे हैं। उनको योजना का जल्द लाभ मिल जाएगा।
इंसेट
योजना का यह है उद्देश्य
निर्माण श्रमिक समाज के निर्धन व कमजोर वर्ग में आते है। इनके पास सामान्य बीमारियों तथा कार्य स्थल पर चोट लगने पर इलाज के लिए धनराशि नहीं होती है। रोगग्रस्त होने के कारण मजदूरी नहीं कर पाते है। जिस कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। इस योजना के तहत निर्माण श्रमिक को साल में एक बार तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। वह इस धन से छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज कराते रहेंगे।
इंसेट
आवेदन की यह है प्रक्रिया
चिकित्सा सुवधिा योजना के तहत आवेदन करने के लिए निर्माण श्रमिक को अपने पंजीकरण, आधार कार्ड और बैंक की पासबुक की कापी लगाकर एक प्रार्थना पत्र श्रम विभाग में देना होगा। इसके साथ 90 दिन निर्माण कार्य करने का प्रमाण लगाना होगा। इसके लिए श्रमिक ने जहां काम किया, वहां से लिखवा कर लाना होगा। इसके अलावा श्रमिक को कोई धन खर्च नहीं करना होगा।
योजना के लिए यह है पात्र
भवन एवं अन्य सन्निर्माण योजना के तहत भवन निर्माण करने वाले श्रमिक पात्र है। इसमें भवन निर्माण मे मजदूरी, राजमिस्त्री, भवन में बिजली फिटिंग, डेकोरशन के लिए पर्दा सिलाई का काम, बढ़ाई, पेंटर व अन्य जो भवन संबंधी सभी कार्य करते है।
पंजीकरण का तरीका
पंजीकरण के लिए भवन निर्माण श्रमिक को बैंक पासबुक, आधार कार्ड की कापी और 90 दिन काम करने का प्रमाण पत्र श्रम कार्यालय में जमा करना होगा। इसके साथ पंजीकरण के लिए 40 रुपये फीस जमा करनी होगी। इसके बाद उसका पंजीकरण हो जाएगा। पंजीकरण का नवीनीकरण एक या तीन साल के हो सकता है। नवीनीकरण फीस 20 रुपये प्रति वर्ष है। अगर तीन साल बाद पंजीकरण का नवीनीकरण आवेदन किया जाता है तो पांच रुपये प्रति माह के हिसाब से लेट फीस भी देनी होगी।
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इस योजना में श्रमिक को तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ पाने के लिए अभी तक जनपद के कुल 3587 श्रमिकों ने हीं आवेदन किया है। श्रम विभाग में जिले के 44,590 श्रमिक पंजीकृत है। इस योजना के अंतर्गत जिन श्रमिकों का पंजीयन श्रम विभाग में है। उनको सरकार की ओर से तीन हजार रुपये बीमारी अथवा चोट लगने पर खर्च के लिए दिए जाएंगे।
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यह तीन हजार रुपये की धनराशि उन्हीं निर्माण श्रमिकों को दी जाएगी जो विभाग में पंजीकृत है। यदि पति और पत्नी दोनों श्रम विभाग में पंजीकृत है तो इसका लाभ महिला को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा। जिस श्रमिक की शादी नहीं हुई है, उसको दो हजार रुपये मिलेंगे।
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आवेदन कर्ता का राष्ट्रीयकृत बैंक के सीबीएस ब्रांच में खाता होना अनिवार्य है। योजना के तहत मिलने वाली धनराशि उनके खातों में सीधे भेजी जाएगी। जिले में अभी तक 3587 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों ने आवेदन किया है। इनमें से 1456 का सतयापन कर भवन एवं सन्निर्माण कर्मचारी कल्याण बोर्ड को आवेदन भेजा जा चुका है। हालांकि बोर्ड से अभी तक इन आवेदकों के खातों में धनराशि नहीं भेजी है।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी शिव शंकर पाल ने बताया कि चिकित्सा सुविधा योजना से कई लोगों को लाभ मिलेगा। भवन निर्माण कार्य करते समय चोट लगने, खांसी, जुकाम व अन्य छोटी बीमारी के उपचार कराने में आर्थिक संकट को इस योजना से दूर किया जाएगा। अभी जिले के जिन श्रमिकों ने अपने आवेदन बोर्ड को भेजे हैं। उनको योजना का जल्द लाभ मिल जाएगा।
इंसेट
योजना का यह है उद्देश्य
निर्माण श्रमिक समाज के निर्धन व कमजोर वर्ग में आते है। इनके पास सामान्य बीमारियों तथा कार्य स्थल पर चोट लगने पर इलाज के लिए धनराशि नहीं होती है। रोगग्रस्त होने के कारण मजदूरी नहीं कर पाते है। जिस कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। इस योजना के तहत निर्माण श्रमिक को साल में एक बार तीन हजार रुपये दिए जाएंगे। वह इस धन से छोटी-छोटी बीमारियों का इलाज कराते रहेंगे।
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आवेदन की यह है प्रक्रिया
चिकित्सा सुवधिा योजना के तहत आवेदन करने के लिए निर्माण श्रमिक को अपने पंजीकरण, आधार कार्ड और बैंक की पासबुक की कापी लगाकर एक प्रार्थना पत्र श्रम विभाग में देना होगा। इसके साथ 90 दिन निर्माण कार्य करने का प्रमाण लगाना होगा। इसके लिए श्रमिक ने जहां काम किया, वहां से लिखवा कर लाना होगा। इसके अलावा श्रमिक को कोई धन खर्च नहीं करना होगा।
योजना के लिए यह है पात्र
भवन एवं अन्य सन्निर्माण योजना के तहत भवन निर्माण करने वाले श्रमिक पात्र है। इसमें भवन निर्माण मे मजदूरी, राजमिस्त्री, भवन में बिजली फिटिंग, डेकोरशन के लिए पर्दा सिलाई का काम, बढ़ाई, पेंटर व अन्य जो भवन संबंधी सभी कार्य करते है।
पंजीकरण का तरीका
पंजीकरण के लिए भवन निर्माण श्रमिक को बैंक पासबुक, आधार कार्ड की कापी और 90 दिन काम करने का प्रमाण पत्र श्रम कार्यालय में जमा करना होगा। इसके साथ पंजीकरण के लिए 40 रुपये फीस जमा करनी होगी। इसके बाद उसका पंजीकरण हो जाएगा। पंजीकरण का नवीनीकरण एक या तीन साल के हो सकता है। नवीनीकरण फीस 20 रुपये प्रति वर्ष है। अगर तीन साल बाद पंजीकरण का नवीनीकरण आवेदन किया जाता है तो पांच रुपये प्रति माह के हिसाब से लेट फीस भी देनी होगी।