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कबाड़ व्यापारी को थाने में बैठाने पर हंगामा
farrukhabad
Updated Wed, 12 Jul 2017 12:19 AM IST
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थाने में हंगामा करते कबाड़ा व्यापारी के परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाना मऊदरवाजा गए कबाड़ व्यापारी के पुलिस ने थाने में बैठा लिया। इसकी जानकारी होने पर पत्नी और बेटियों ने थाने में जमकर हंगामा किया और मुंशी से भिड़ गईं। हंगामा बढ़ता देख हेड दीवान ने उसे छोड़कर मामला शांत कराया।
थाना मऊदरवाजा के टाउनहाल कांशीराम कालोनी निवासी रामप्रसाद कबाड़ व्यापारी हैं। रामप्रसाद ने बेटी ज्योति की शादी कालोनी के ही रामदास के बेटे के साथ की थी। सोमवार की रात बरसात होने पर दोनों पक्षों के बीच चारपाई बिछाने को लेकर विवाद हो गया। इस पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर घरेलू सामान फेंकने का आरोप लगाया था। मंगलवार की सुबह रामप्रसाद अपने समधी और समधन सुनीता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर लेकर पहुंचे। यहां पर हेड दीवान ब्रजेश तिवारी ने उसे थाने में बैठा लिया।
जब कई घंटों तक रामप्रसाद घर नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नी सुशीला देवी, बेटी ज्योति, पूजा अन्य महिलाओं के साथ थाने पहुंच गई। यहां पर व्यापारी को पुलिस हिरासत में बैठा देखकर वे लोग भड़क गए और कार्यालय में मौजूद मुंशी प्रमोद कुमार से बहस करने लगे। कारोबारी के न छोड़ने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। शोर शराबा होने पर वहां मौजूद हेड दीवान ब्रजेश तिवारी ने परिजनों को शांत कराया। उन्होंने बताया कि रामप्रसाद के समधी पहले ही तहरीर दे गए थे। रामप्रसाद जब आए तो उन्हें इसलिए बैठा लिया गया कि दूसरे पक्ष को बुला कर जांच की जा सके। उन्होंने बताया कि रामदास को कई फोन किए गए लेकिन वह नहीं आया। दूसरे पक्ष के न आने पर रामप्रसाद को छोड़ दिया गया।
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थाना मऊदरवाजा के टाउनहाल कांशीराम कालोनी निवासी रामप्रसाद कबाड़ व्यापारी हैं। रामप्रसाद ने बेटी ज्योति की शादी कालोनी के ही रामदास के बेटे के साथ की थी। सोमवार की रात बरसात होने पर दोनों पक्षों के बीच चारपाई बिछाने को लेकर विवाद हो गया। इस पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर घरेलू सामान फेंकने का आरोप लगाया था। मंगलवार की सुबह रामप्रसाद अपने समधी और समधन सुनीता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर लेकर पहुंचे। यहां पर हेड दीवान ब्रजेश तिवारी ने उसे थाने में बैठा लिया।
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जब कई घंटों तक रामप्रसाद घर नहीं पहुंचे तो उनकी पत्नी सुशीला देवी, बेटी ज्योति, पूजा अन्य महिलाओं के साथ थाने पहुंच गई। यहां पर व्यापारी को पुलिस हिरासत में बैठा देखकर वे लोग भड़क गए और कार्यालय में मौजूद मुंशी प्रमोद कुमार से बहस करने लगे। कारोबारी के न छोड़ने पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। शोर शराबा होने पर वहां मौजूद हेड दीवान ब्रजेश तिवारी ने परिजनों को शांत कराया। उन्होंने बताया कि रामप्रसाद के समधी पहले ही तहरीर दे गए थे। रामप्रसाद जब आए तो उन्हें इसलिए बैठा लिया गया कि दूसरे पक्ष को बुला कर जांच की जा सके। उन्होंने बताया कि रामदास को कई फोन किए गए लेकिन वह नहीं आया। दूसरे पक्ष के न आने पर रामप्रसाद को छोड़ दिया गया।
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