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पिता ने नहीं दिए रुपये और जनवरी तक की जमा हो गई फीस
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जिस छात्र ने फीस जाम न होने की वजह से फांसी लगाकर जान दे दी थी, उसकी जनवरी तक की फीस जमा होने की जानकारी प्रधाचार्य ने जांच कमेटी को दी है।
वहीं, छात्र के पिता ने का कहना है कि उन्हें जब पुत्र को फीस जमा करने के लिए रुपये ही नहीं दिए तो अब फीस कैसे जमा हो गई। वही प्रधानाचार्य ने छात्र पर छात्रों को प्रेम पत्र देने का का आरोप लगाया है। जांच समिति ने जांच पूरी कर ली है। वह सोमवार को रिपोर्ट डीआईओएस को सौंपेगी।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के क्षेत्र के गांव तेरा गढ़िया निवासी अरविंद कठेरिया का 17 वर्षीय पुत्र ओमकार इटावा-बरेली हाईवे पर गांव सकवाई स्थित शकुंतला देवी इंटर कालेज में कक्षा नौ में पढ़ता था। बुधवार को उसे प्रधानाचार्य ने फीस जमा न करने पर स्कूल से भगा दिया था।
इससे छात्र ने गांव के पास बाग में पेड़ से रस्सी से फांसी लगाकर खुदकशी कर ली थी। छात्र के पिता अरविंद ने कालेज के प्रबंधक व प्रधानाचार्य के खिलाफ तहरीर दी थी। विभागीय जांच को डीआईओएस ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी।
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जांच समिति के सदस्य सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी राजीव मिश्रा, जीआइसी फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य एपी सिंह व जीआइसी फर्रुखाबाद के प्रधानाचार्य एचपी मिश्रा ने शनिवार को विद्यालय पहुंच कर प्रबंधक, प्रधानाचार्य व 38 छात्रों के बयान दर्ज किए।
इस दौरान प्रधानाचार्य ने बताया कि छात्र ओमकार ने एक छात्रा को प्रेम पत्र दिया था। वह प्रेम पत्र छात्रा ने प्रार्थना के समय उनको दिया। इसकी जानकारी करने पर छात्र चुपचाप विद्यालय से बिना बताए चला गया। उसकी जनवरी तक की फीस जमा है।
फीस जमा होने और प्रेम पत्र का मामला सामने आने पर ओमकार के पिता अरविंद कठेरिया ने जांच समिति सदस्य से कहा कि उन्होंने फीस जमा करने के लिए पुत्र को रुपये नहीं दिए थे, तो फीस कैसे जमा हो गई। यदि प्रेम पत्र का मामला था तो प्रधानाचार्य ने इस मामले को क्यों दबा लिया।
इसकी जानकारी उनको किस कारण नहीं दी। प्रधानाचार्य बचाव के लिए पुत्र पर गलत आरोप लगा रहे हैं। ओमकार के चचेरे भाई पुष्पेंद्र का कहना है कि वह इसी विद्यालय में कक्षा नौ में पढ़ता है। प्रधानाचार्य ने प्रार्थना के समय भाई ओमकार से फीस जमा करने को कहा था।
इसके बाद आफिस में बुलाकर भाई को मारपीट कर भगा दिया था। यह सब कालेज के दो शिक्षकों के सामने हुआ। वह भी जीने के पास खड़ा होकर देख रहा था। ओमकार की बहन का कहना है कि भाई 11 बजे दिन में घर आया था। वह गुमसुम था, उसने कोई बात नहीं बताई और कुछ देर बाद चला गया था।
जांच समिति के सदस्य राजीव मिश्रा ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। सोमवार को जांच जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंप दी जाएगी।
पिता ने नहीं दिए रुपये और जनवरी तक की जमा हो गई फीस
छात्र के खुदकशी करने के मामले की जांच रिपोर्ट पूरी
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वहीं, छात्र के पिता ने का कहना है कि उन्हें जब पुत्र को फीस जमा करने के लिए रुपये ही नहीं दिए तो अब फीस कैसे जमा हो गई। वही प्रधानाचार्य ने छात्र पर छात्रों को प्रेम पत्र देने का का आरोप लगाया है। जांच समिति ने जांच पूरी कर ली है। वह सोमवार को रिपोर्ट डीआईओएस को सौंपेगी।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के क्षेत्र के गांव तेरा गढ़िया निवासी अरविंद कठेरिया का 17 वर्षीय पुत्र ओमकार इटावा-बरेली हाईवे पर गांव सकवाई स्थित शकुंतला देवी इंटर कालेज में कक्षा नौ में पढ़ता था। बुधवार को उसे प्रधानाचार्य ने फीस जमा न करने पर स्कूल से भगा दिया था।
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इससे छात्र ने गांव के पास बाग में पेड़ से रस्सी से फांसी लगाकर खुदकशी कर ली थी। छात्र के पिता अरविंद ने कालेज के प्रबंधक व प्रधानाचार्य के खिलाफ तहरीर दी थी। विभागीय जांच को डीआईओएस ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई थी।
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जांच समिति के सदस्य सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी राजीव मिश्रा, जीआइसी फतेहगढ़ के प्रधानाचार्य एपी सिंह व जीआइसी फर्रुखाबाद के प्रधानाचार्य एचपी मिश्रा ने शनिवार को विद्यालय पहुंच कर प्रबंधक, प्रधानाचार्य व 38 छात्रों के बयान दर्ज किए।
इस दौरान प्रधानाचार्य ने बताया कि छात्र ओमकार ने एक छात्रा को प्रेम पत्र दिया था। वह प्रेम पत्र छात्रा ने प्रार्थना के समय उनको दिया। इसकी जानकारी करने पर छात्र चुपचाप विद्यालय से बिना बताए चला गया। उसकी जनवरी तक की फीस जमा है।
फीस जमा होने और प्रेम पत्र का मामला सामने आने पर ओमकार के पिता अरविंद कठेरिया ने जांच समिति सदस्य से कहा कि उन्होंने फीस जमा करने के लिए पुत्र को रुपये नहीं दिए थे, तो फीस कैसे जमा हो गई। यदि प्रेम पत्र का मामला था तो प्रधानाचार्य ने इस मामले को क्यों दबा लिया।
इसकी जानकारी उनको किस कारण नहीं दी। प्रधानाचार्य बचाव के लिए पुत्र पर गलत आरोप लगा रहे हैं। ओमकार के चचेरे भाई पुष्पेंद्र का कहना है कि वह इसी विद्यालय में कक्षा नौ में पढ़ता है। प्रधानाचार्य ने प्रार्थना के समय भाई ओमकार से फीस जमा करने को कहा था।
इसके बाद आफिस में बुलाकर भाई को मारपीट कर भगा दिया था। यह सब कालेज के दो शिक्षकों के सामने हुआ। वह भी जीने के पास खड़ा होकर देख रहा था। ओमकार की बहन का कहना है कि भाई 11 बजे दिन में घर आया था। वह गुमसुम था, उसने कोई बात नहीं बताई और कुछ देर बाद चला गया था।
जांच समिति के सदस्य राजीव मिश्रा ने बताया कि जांच पूरी हो गई है। सोमवार को जांच जिला विद्यालय निरीक्षक को सौंप दी जाएगी।
पिता ने नहीं दिए रुपये और जनवरी तक की जमा हो गई फीस
छात्र के खुदकशी करने के मामले की जांच रिपोर्ट पूरी